नगरपालिका में में तकरार-ईओ डॉ. प्रज्ञा ने लेखाकार व दो लिपिकों को भेजा नोटिस

वेतन जारी करने के आदेशों की अवहेलना का प्रीति रानी पर लगा आरोप, मांगा जवाब

ईओ ने टैक्स बिलिंग कैश काउंटर और जन्म मृत्यु पटल करने पर लिपिकों को नोटिस भेजा

मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद में कर्मचारियों का वेतन रोके जाने के परिपेक्ष्य में शुरू हुई काम बंद बेमियादी हड़ताल को लेकर अब अफसरों के बीच ही बड़ा विवाद खड़ा हो गया। ईओ डॉ. प्रज्ञा और लेखाकार प्रीति रानी के बीच कार्यालय में हड़ताल नोटिस के निस्तारण को लेकर दिए गए आदेशों की अवहेलना के आरोपों के साथ तीखी बहस हुई, जो एक गहरी तकरार तक पहुंच गई। ईओ ने लेखाकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया गया है तो वहीं टैक्स विभाग का कैश काउंटर बंद करने और जन्म मृत्यु पटल पर काम नहीं करने के कारण दो लिपिकों को भी नोटिस भेजा गया है।
नगरपालिका परिषद् में कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह का आरोप है कि उन्होंने कर्मचारियों का वेतन जारी करने का आदेश दिया था, लेकिन लेखाकार ने आदेशों की अवहेलना की और जवाबदेही से बचने का प्रयास किया। विवाद बढ़ने पर ईओ ने लेखाकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। वहीं, टैक्स काउंटर और जन्म-मृत्यु पटल बंद करने पर संबंधित लिपिकों को भी कारण बताओ नोटिस थमा दिया गया।
डॉ. प्रज्ञा ने कहा कि 12 सितम्बर को कर्मचारियों के संगठन की ओर से प्रस्तुत पत्र पर उन्होंने वेतन जारी करने का आदेश दिया था, लेकिन गंभीरता न दिखाने की वजह से मामला हड़ताल तक पहुंच गया। उनका आरोप है कि लेखाकार ने कार्यालय में अभद्रता की और आदेश मानने से इनकार कर दिया। उधर, लेखाकार प्रीति रानी का कहना है कि उन्हें वेतन जारी करने का कोई स्पष्ट आदेश नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि ईओ ने उन्हें अपमानित किया, जबकि उन्होंने पत्र को कार्यवाहक टीएस पारूल यादव को अग्रेषित कर दिया था।
इसी को लेकर ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने लेखाकार प्रीति रानी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। इसमें उन्होंने उन पर आदेशों की अवहलेना करने और कार्यालयों में आकर पत्रकारों के समक्ष ही उनके साथ अभद्रता करने के आरोप लगाते हुए जवाब मांगा गया है। वहीं ईओ द्वारा टैक्स विभाग के गृहकर कैश काउंटर को बंद करने पर लिपिक अभिषेक उटवाल और जन्म मृत्यु सर्टिफिकेट काउंटर को बंद करने पर लिपिक राजीव वर्मा को भी नोटिस भेजकर आरोप लगाया कि सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न कर राजस्व का नुकसान कराया और जनता को परेशान किया गया, इस पर भी जवाब मांगा गया है। ऐसे तनावपूर्ण माहौल में हड़ताल के चलते नगर पालिका का कामकाज प्रभावित हो रहा है और विवाद पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप तक तो पहुंच गया है,अब जिलाधिकारी तक पहुंचने की स्थिति में है।

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