पीएनजी गैस क्या है: युद्ध में भी क्यों नहीं रुकी सप्लाई

पीएनजी गैस क्या है और क्यों वैश्विक युद्ध के बीच इसकी सप्लाई प्रभावित नहीं हुई—यह सवाल इस समय बेहद अहम बन गया है। ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में ऊर्जा सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे भारत समेत कई देशों में एलपीजी संकट गहराता दिख रहा है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से एलपीजी सप्लाई प्रभावित हुई है। भारत अपनी एलपीजी जरूरत का करीब 60 फीसदी आयात करता है, जिसमें से लगभग 90 फीसदी इसी रास्ते से आता है।

इसी कारण कई शहरों में एलपीजी सिलेंडर के लिए लंबी लाइनें देखी जा रही हैं। पीएनजी गैस क्या है समझें तो यह पाइप्ड नैचुरल गैस है, जो मुख्य रूप से मीथेन गैस होती है। इसे अंडरग्राउंड पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों तक पहुंचाया जाता है।  रिफिल की जरूरत नहीं , लगातार फ्लो में गैस सप्लाई,  सिटी गैस नेटवर्क से लो प्रेशर में वितरण, भारत में पीएनजी मुख्य रूप से घरेलू गैस क्षेत्रों से आती है: कृष्णा-गोदावरी बेसिन, असम, त्रिपुरा, केजी बेसिन देश का सबसे बड़ा उत्पादक है

इसे भी पढ़ें:  धुस्सी बांध टूटा, बाढ़ से 1.72 हेक्टेयर फसल बर्बाद

जो कुल उत्पादन का लगभग 25 फीसदी देता है। वहीं असम और त्रिपुरा से करीब 47 फीसदी उत्पादन होता है। एलपीजी और पीएनजी के बीच सबसे बड़ा फर्क उनके स्रोत और सप्लाई सिस्टम में है: एलपीजी: प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण, क्रूड ऑयल से तैयार, सिलेंडर में स्टोर, आयात पर निर्भर, पीएनजी: नैचुरल गैस (मीथेन), पाइपलाइन से सप्लाई, लगातार उपलब्ध, घरेलू उत्पादन + आयात पीएनजी की सप्लाई अंडरग्राउंड पाइपलाइन नेटवर्क से होती है, इसलिए:  टैंकर या जहाज पर निर्भरता कम,  स्टोरेज और ट्रांसपोर्ट की जरूरत नहीं,  वैश्विक सप्लाई बाधा का असर सीमित इसी वजह से युद्ध जैसे हालात में भी पीएनजी सप्लाई जारी रहती है। भारत सरकार लोगों से अपील कर रही है कि अगर उनके घर तक पीएनजी लाइन पहुंच गई है तो एलपीजी छोड़कर पीएनजी अपनाएं।

इसे भी पढ़ें:  सीएम योगी अपने हाथों से करेंगे अहिल्याबाई की नई मूर्ति का अनावरण

वर्तमान में भारत में: 16.2 मिलियन पीएनजी कनेक्शन, 332 मिलियन से अधिक एलपीजी उपभोक्ता, सरकार का लक्ष्य है कि भविष्य में पीएनजी नेटवर्क का विस्तार किया जाए, ताकि संकट के समय भी लोगों को गैस की कमी का सामना न करना पड़े।भारत हर साल करीब 25-26 मिलियन मीट्रिक टन एलएनजी आयात करता है। 2025 में करीब 25.5 मिलियन टन आयात, कतर से 41 फीसदी सप्लाई, अमेरिका से 19 फीसदी सप्लाई देश की कुल गैस मांग का करीब 50 फीसदी आयात से पूरा होता है। वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच पीएनजी गैस क्या है यह समझना जरूरी हो गया है।

इसे भी पढ़ें:  सिंगल यूज प्लास्टिक का सबसे बड़ा विकल्प मोल्डेड फाइबर उत्पादः पंकज अग्रवाल

जहां एलपीजी सप्लाई अंतरराष्ट्रीय हालात पर निर्भर है, वहीं पीएनजी स्थिर, सुरक्षित और लगातार उपलब्ध विकल्प बनकर उभर रही है। यही वजह है कि सरकार और विशेषज्ञ दोनों पीएनजी को भविष्य की गैस व्यवस्था के रूप में देख रहे हैं।

Also Read This

मुजफ्फरनगर-रिश्वत मांगने के आरोप में लेखपाल निलंबित, विभागीय जांच शुरू

भाकियू (अराजनैतिक) के धरने और ऑडियो साक्ष्यों के बाद प्रशासन की कार्रवाई, दो अलग-अलग मामलों में रिश्वत मांगने के आरोप हुए साबित मुजफ्फरनगर। तहसील क्षेत्र जानसठ के लच्छेड़ा क्षेत्र में तैनात लेखपाल बिजेन्द्र कुमार को रिश्वत मांगने के आरोपों के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले में विभागीय जांच भी बैठा दी गई है। भाकियू (अराजनैतिक) के धरने और प्रस्तुत किए गए ऑडियो साक्ष्यों के आधार पर प्रशासन ने यह कार्रवाई की है। जानकारी के अनुसार, लेखपाल बिजेन्द्र कुमार पर दो अलग-अलग मामलों में कुल 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप लगे थे। आरोपों से संबंधित दो ऑडियो भी वायरल हुए थे, जिनमें कथित

Read More »

मुजफ्फरनगर में ईंट भट्ठे पर हादसाः दीवार गिरने से मजदूर की मौत

सिसौली गांव स्थित भट्ठे पर ईंट निकालते समय हुआ हादसा, पुलिस ने शुरू की जांच मुजफ्फरनगर। भौराकलां थाना क्षेत्र के सिसौली गांव में स्थित एक ईंट भट्ठे पर सोमवार को काम के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई। ईंट निकालने के दौरान अचानक दीवार भरभराकर गिर गई, जिसकी चपेट में आने से मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी। इसे भी पढ़ें:  सीएम योगी अपने हाथों से करेंगे अहिल्याबाई की नई मूर्ति का अनावरणजनपद के भौराकलां थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिसौली में सोमवार को

Read More »

कालाबाजारीः मुजफ्फरनगर से हरियाणा भेजा जा रहा था किसानों को मिलने वाला यूरिया

गिरोह सरकारी अनुदान पर उपलब्ध होने वाली यूरिया खाद को अवैध रूप से खरीद कर प्राइवेट फैक्ट्रियों में महंगे दामों पर बेच रहा था

Read More »