नयी दिल्ली- उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की कक्षा आठ की सामाजिक विज्ञान की उस पाठ्यपुस्तक के पुनर्मुद्रण और डिजिटल प्रसार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है, जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का संदर्भ दिया गया था। न्यायालय ने प्रचलन में मौजूद किताबों की प्रतियों को तुरंत जब्त करने का निर्देश दिया और इस संबंध में दो सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट मांगी। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह एनसीईआरटी के निदेशक और उन सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी जहां यह किताब पहुंची है। उन्हें अपने परिसर में मौजूद किताब की सभी प्रतियों को तुरंत जब्त कर सील करना होगा। शीर्ष अदालत ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि संबंधित पुस्तक के आधार पर छात्रों को कोई निर्देश या शिक्षा न दी जाए। सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को इस आदेश का पालन करने और दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।

बड़ी राहतः अब अपने आप प्रीपेड से पोस्टपेड होंगे स्मार्ट मीटर
सरकार ने लिया बड़ा निर्णय, बिजली उपभोक्ताओं को कहीं भी आवेदन करने की जरूरत नहीं, 10 जून तक आयेगा मई का बिल लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रीपेड बिजली मीटर स्वतः पोस्टपेड में बदलने के फैसले से उपभोक्ताओं को राहत मिली है। अब बिना आवेदन और अतिरिक्त शुल्क के बिल मोबाइल पर मिलेगा। बकायेदारों पर सख्ती रहेगी, जबकि शिकायतों के लिए हेल्पलाइन और कैंप की व्यवस्था भी की जा रही है। योगी सरकार ने प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। इस मामले में सोमवार को राज्य के बिजली मंत्री एके शर्मा ने सरकार के इस बड़े निर्णय की जानकारी मीडिया के सहारे लोगों को देने का काम किया। इसके





