नयी दिल्ली- उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की कक्षा आठ की सामाजिक विज्ञान की उस पाठ्यपुस्तक के पुनर्मुद्रण और डिजिटल प्रसार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है, जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का संदर्भ दिया गया था। न्यायालय ने प्रचलन में मौजूद किताबों की प्रतियों को तुरंत जब्त करने का निर्देश दिया और इस संबंध में दो सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट मांगी। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह एनसीईआरटी के निदेशक और उन सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी जहां यह किताब पहुंची है। उन्हें अपने परिसर में मौजूद किताब की सभी प्रतियों को तुरंत जब्त कर सील करना होगा। शीर्ष अदालत ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि संबंधित पुस्तक के आधार पर छात्रों को कोई निर्देश या शिक्षा न दी जाए। सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को इस आदेश का पालन करने और दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।

डी एस पब्लिक स्कूल के गर्व गोयल ने 90% अंक हासिल किए
मुजफ्फरनगर। डी एस पब्लिक स्कूल के प्रतिभाशाली छात्र गर्व गोयल ने सीबीएसई हाई स्कूल परीक्षा में 90 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय, परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित किया है कि अनुशासन, समर्पण और निरंतर मेहनत से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। गर्व गोयल वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिज्ञ राजीव गोयल के सुपुत्र हैं। इसे भी पढ़ें: अमेरिका ईरान युद्ध: भारत पर मंडरा रहा बड़ा आर्थिक संकटगर्व गोयल ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया है। उनका कहना है कि उनके मार्गदर्शन और सहयोग के बिना यह संभव नहीं था। साथ ही उन्होंने भविष्य में





