नयी दिल्ली- उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की कक्षा आठ की सामाजिक विज्ञान की उस पाठ्यपुस्तक के पुनर्मुद्रण और डिजिटल प्रसार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है, जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का संदर्भ दिया गया था। न्यायालय ने प्रचलन में मौजूद किताबों की प्रतियों को तुरंत जब्त करने का निर्देश दिया और इस संबंध में दो सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट मांगी। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह एनसीईआरटी के निदेशक और उन सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी जहां यह किताब पहुंची है। उन्हें अपने परिसर में मौजूद किताब की सभी प्रतियों को तुरंत जब्त कर सील करना होगा। शीर्ष अदालत ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि संबंधित पुस्तक के आधार पर छात्रों को कोई निर्देश या शिक्षा न दी जाए। सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को इस आदेश का पालन करने और दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।

रोहित का शव मिला बेटे का जन्मदिन मनाने के कुछ घंटों बाद लापता हुआ था, परिजनों ने हत्या की आशंका जताई
मुजफ्फरनगर के शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव गोयला में 28 वर्षीय रोहित का शव रविवार सुबह जंगल के पास एक नाले में मिला। परिजनों के अनुसार, वह बेटे का जन्मदिन मनाने के कुछ घंटे बाद घर से निकला था और देर रात तक घर नहीं लौटा। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। इसे भी पढ़ें: मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद निर्माण की नींव रखी जा रही है , सुरक्षा के कड़े इंतजाम मृतक की पहचान गांव गोयला निवासी रोहित पुत्र मेहर सिंह के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि रोहित ने परिवार के साथ बेटे का जन्मदिन मनाया था। कार्यक्रम समाप्त होने





