नयी दिल्ली- उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की कक्षा आठ की सामाजिक विज्ञान की उस पाठ्यपुस्तक के पुनर्मुद्रण और डिजिटल प्रसार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है, जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का संदर्भ दिया गया था। न्यायालय ने प्रचलन में मौजूद किताबों की प्रतियों को तुरंत जब्त करने का निर्देश दिया और इस संबंध में दो सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट मांगी। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह एनसीईआरटी के निदेशक और उन सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी जहां यह किताब पहुंची है। उन्हें अपने परिसर में मौजूद किताब की सभी प्रतियों को तुरंत जब्त कर सील करना होगा। शीर्ष अदालत ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि संबंधित पुस्तक के आधार पर छात्रों को कोई निर्देश या शिक्षा न दी जाए। सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को इस आदेश का पालन करने और दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।

आधी रात जिला अस्पताल पहुंचे मंत्री कपिल देव, व्यवस्थाओं की हकीकत परखी
मरीजों और तीमारदारों से की सीधी बातचीत, भ्रष्टाचार और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी मुजफ्फरनगर। जिला चिकित्सालय में मंगलवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब उत्तर प्रदेश सरकार में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं नगर विधायक कपिल देव अग्रवाल अचानक निरीक्षण के लिए पहुंच गए। करीब साढ़े बारह बजे हुए इस औचक निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता व्यवस्था और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बीच राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने आधी रात अस्पताल पहुंचकर जमीनी





