नयी दिल्ली- उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की कक्षा आठ की सामाजिक विज्ञान की उस पाठ्यपुस्तक के पुनर्मुद्रण और डिजिटल प्रसार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है, जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का संदर्भ दिया गया था। न्यायालय ने प्रचलन में मौजूद किताबों की प्रतियों को तुरंत जब्त करने का निर्देश दिया और इस संबंध में दो सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट मांगी। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह एनसीईआरटी के निदेशक और उन सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी जहां यह किताब पहुंची है। उन्हें अपने परिसर में मौजूद किताब की सभी प्रतियों को तुरंत जब्त कर सील करना होगा। शीर्ष अदालत ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि संबंधित पुस्तक के आधार पर छात्रों को कोई निर्देश या शिक्षा न दी जाए। सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को इस आदेश का पालन करने और दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।

मेरठ के सालनगर में छिपा था गैंगस्टर एक्ट का वांछित, खतौली पुलिस ने दबोचा
खतौली पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में वांछित चल रहे आरोपी ताजिम उर्फ इमरान को मेरठ के सालनगर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी थाना खतौली में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में वांछित था। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। प्रभारी निरीक्षक दिनेश चंद बघेल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मेरठ जनपद के जानी थाना क्षेत्र के गांव सालनगर से आरोपी को पकड़ा। इसे भी पढ़ें: दिल्ली-NCR भूकंप: उत्तर भारत के कई शहरों में एक साथ झटके महसूसगिरफ्तार आरोपी की पहचान 24 वर्षीय ताजिम उर्फ इमरान पुत्र सलीम निवासी शोभापुर, थाना कंकरखेड़ा, जिला





