नयी दिल्ली- उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की कक्षा आठ की सामाजिक विज्ञान की उस पाठ्यपुस्तक के पुनर्मुद्रण और डिजिटल प्रसार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है, जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का संदर्भ दिया गया था। न्यायालय ने प्रचलन में मौजूद किताबों की प्रतियों को तुरंत जब्त करने का निर्देश दिया और इस संबंध में दो सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट मांगी। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह एनसीईआरटी के निदेशक और उन सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी जहां यह किताब पहुंची है। उन्हें अपने परिसर में मौजूद किताब की सभी प्रतियों को तुरंत जब्त कर सील करना होगा। शीर्ष अदालत ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि संबंधित पुस्तक के आधार पर छात्रों को कोई निर्देश या शिक्षा न दी जाए। सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को इस आदेश का पालन करने और दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।

गंगनहर में डूबे बालक का शव तीन दिन बाद मिला, गांव में मातम, परिवार में कोहराम
साथियों के साथ गंगनहर में नहाने के लिए गया था 12 वर्षीय सुबहान अंसारी, एनडीआरएफ ने तलाश किया शव खतौली। थाना क्षेत्र के शेखपुरा गांव निवासी 12 वर्षीय बालक सुबहान अंसारी का शव रविवार सुबह तीन दिन बाद नंगली के रजवाहे में मिलने से परिवार में कोहराम मच गया। बालक 8 मई को साथियों के साथ गंगनहर में नहाने गया था, तभी वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। परिजनों ने गंगनहर में डूबने की आशंका जताई थी। इसे भी पढ़ें: वीजा शुल्क बढ़ाए जाने के बाद माइक्रोसॉफ्ट की कर्मचारियों को सलाह…’कल तक अमेरिका वापस लौट आएंजानकारी के अनुसार शेखपुरा निवासी सुबहान अंसारी पुत्र रिजवान अपने दोस्तों के साथ





