नयी दिल्ली- उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की कक्षा आठ की सामाजिक विज्ञान की उस पाठ्यपुस्तक के पुनर्मुद्रण और डिजिटल प्रसार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है, जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का संदर्भ दिया गया था। न्यायालय ने प्रचलन में मौजूद किताबों की प्रतियों को तुरंत जब्त करने का निर्देश दिया और इस संबंध में दो सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट मांगी। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह एनसीईआरटी के निदेशक और उन सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी जहां यह किताब पहुंची है। उन्हें अपने परिसर में मौजूद किताब की सभी प्रतियों को तुरंत जब्त कर सील करना होगा। शीर्ष अदालत ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि संबंधित पुस्तक के आधार पर छात्रों को कोई निर्देश या शिक्षा न दी जाए। सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को इस आदेश का पालन करने और दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।

कांवड़ पटरी मार्ग पर कूड़े के ढेर से लोगों में रोष ईओ को सौंपा ज्ञापन
खतौली। गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग स्थित बालाजीपुरम क्षेत्र में कूड़े-कचरे के ढेर और बदहाल सड़क व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। आम आदमी पार्टी (आप) के जिला अध्यक्ष अरविंद बालियान के नेतृत्व में क्षेत्रवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी (ईओ) राजीव कुमार से मुलाकात कर समस्या के समाधान की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि मोहल्ला बालाजीपुरम में गौशाला रोड के निकट लंबे समय से कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, जिनसे उठ रही दुर्गंध के कारण लोगों का जीना दूभर हो गया है। साथ ही बरसात के दौरान गौशाला रोड जलमग्न हो जाती है, जिससे आवागमन प्रभावित होता है।





