नयी दिल्ली- उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की कक्षा आठ की सामाजिक विज्ञान की उस पाठ्यपुस्तक के पुनर्मुद्रण और डिजिटल प्रसार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है, जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का संदर्भ दिया गया था। न्यायालय ने प्रचलन में मौजूद किताबों की प्रतियों को तुरंत जब्त करने का निर्देश दिया और इस संबंध में दो सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट मांगी। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह एनसीईआरटी के निदेशक और उन सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी जहां यह किताब पहुंची है। उन्हें अपने परिसर में मौजूद किताब की सभी प्रतियों को तुरंत जब्त कर सील करना होगा। शीर्ष अदालत ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि संबंधित पुस्तक के आधार पर छात्रों को कोई निर्देश या शिक्षा न दी जाए। सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को इस आदेश का पालन करने और दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।

मेरठ देशी शराब के बाद 3 मौतें, ठेके से 2 लोग हिरासत में
मेरठ देशी शराब मामले ने शुक्रवार देर शाम पूरे शहर को झकझोर दिया। दौराला थाना क्षेत्र में एक सरकारी देशी शराब ठेके के पास शराब पीने के बाद किराना कारोबारी बाबूराम, जितेंद्र और अंकित उर्फ दौलत की तबीयत अचानक बिगड़ गई। तीनों को निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान एक-एक कर उनकी मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल में भारी हंगामा हुआ। परिजनों ने शराब विक्रेता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलते ही डीएम डॉ. वीके सिंह, एसएसपी अविनाश पांडेय और जिला आबकारी विभाग की टीम अस्पताल पहुंची। इसके बाद अधिकारियों ने उस ठेके पर जाकर कार्रवाई की, जहां से शराब खरीदी गई





