नयी दिल्ली- उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की कक्षा आठ की सामाजिक विज्ञान की उस पाठ्यपुस्तक के पुनर्मुद्रण और डिजिटल प्रसार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है, जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का संदर्भ दिया गया था। न्यायालय ने प्रचलन में मौजूद किताबों की प्रतियों को तुरंत जब्त करने का निर्देश दिया और इस संबंध में दो सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट मांगी। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह एनसीईआरटी के निदेशक और उन सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी जहां यह किताब पहुंची है। उन्हें अपने परिसर में मौजूद किताब की सभी प्रतियों को तुरंत जब्त कर सील करना होगा। शीर्ष अदालत ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि संबंधित पुस्तक के आधार पर छात्रों को कोई निर्देश या शिक्षा न दी जाए। सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को इस आदेश का पालन करने और दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।

20 मई को दवा व्यापार बंद की तैयारी, सहारनपुर केमिस्ट एसोसिएशन ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
सहारनपुर। दवा कारोबार से जुड़े लंबित मुद्दों को लेकर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने आंदोलन का रुख तेज कर दिया है। संगठन ने 20 मई 2026 को प्रस्तावित एकदिवसीय राष्ट्रव्यापी दवा व्यापार बंद की पूर्व सूचना देते हुए सहारनपुर के जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में एसोसिएशन ने साफ कहा है कि केंद्र और राज्य स्तर पर कई बार मांगें उठाने के बावजूद दवा व्यापार और जनस्वास्थ्य से जुड़े गंभीर विषय अब तक अनसुलझे हैं। इसी कारण देशभर के दवा विक्रेताओं में नाराजगी बढ़ रही है। केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन, जिला सहारनपुर ने बताया कि वह ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स उत्तर प्रदेश (OCDUP) और राष्ट्रीय संस्था ऑल इंडिया





