नयी दिल्ली- उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की कक्षा आठ की सामाजिक विज्ञान की उस पाठ्यपुस्तक के पुनर्मुद्रण और डिजिटल प्रसार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है, जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का संदर्भ दिया गया था। न्यायालय ने प्रचलन में मौजूद किताबों की प्रतियों को तुरंत जब्त करने का निर्देश दिया और इस संबंध में दो सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट मांगी। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह एनसीईआरटी के निदेशक और उन सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी जहां यह किताब पहुंची है। उन्हें अपने परिसर में मौजूद किताब की सभी प्रतियों को तुरंत जब्त कर सील करना होगा। शीर्ष अदालत ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि संबंधित पुस्तक के आधार पर छात्रों को कोई निर्देश या शिक्षा न दी जाए। सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को इस आदेश का पालन करने और दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।

UP Panchayat Election 2026: मुजफ्फरनगर के ग्राम प्रधानों ने मंत्रियों को घेरा, कार्यकाल बढ़ाने या चुनाव कराने की मांग
उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 (UP Panchayat Election 2026) की तारीखों को लेकर बढ़ रहे असमंजस के बीच मुजफ्फरनगर के ग्राम प्रधानों ने मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संगठन के प्रतिनिधियों ने राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल और कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रधानों की मांग है कि या तो चुनाव समय पर हों या कार्यकाल बढ़ाया जाए। 25 मई 2026 को खत्म हो रहा है ग्राम प्रधानों का कार्यकाल। मंत्री कपिल देव अग्रवाल और अनिल कुमार को सौंपा गया ज्ञापन। चुनाव की घोषणा या कार्यकाल बढ़ाने की मांग। उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 को लेकर





