नयी दिल्ली- उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की कक्षा आठ की सामाजिक विज्ञान की उस पाठ्यपुस्तक के पुनर्मुद्रण और डिजिटल प्रसार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है, जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का संदर्भ दिया गया था। न्यायालय ने प्रचलन में मौजूद किताबों की प्रतियों को तुरंत जब्त करने का निर्देश दिया और इस संबंध में दो सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट मांगी। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह एनसीईआरटी के निदेशक और उन सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी जहां यह किताब पहुंची है। उन्हें अपने परिसर में मौजूद किताब की सभी प्रतियों को तुरंत जब्त कर सील करना होगा। शीर्ष अदालत ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि संबंधित पुस्तक के आधार पर छात्रों को कोई निर्देश या शिक्षा न दी जाए। सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को इस आदेश का पालन करने और दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।

पेपर लीक के बाद नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द, सीबीआई करेगी जांच
3 मई को एनटीए ने कराई थी परीक्षा, लाखों छात्रों पर पड़ा असर, दोबारा परीक्षा कराने की तैयारी शुरू नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने के आदेश जारी किए हैं। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठने के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया है। गौरतलब है कि नीट यूजी 2026 परीक्षा 3 मई को देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी। परीक्षा में लाखों अभ्यर्थियों





