नयी दिल्ली- उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की कक्षा आठ की सामाजिक विज्ञान की उस पाठ्यपुस्तक के पुनर्मुद्रण और डिजिटल प्रसार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है, जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का संदर्भ दिया गया था। न्यायालय ने प्रचलन में मौजूद किताबों की प्रतियों को तुरंत जब्त करने का निर्देश दिया और इस संबंध में दो सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट मांगी। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह एनसीईआरटी के निदेशक और उन सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी जहां यह किताब पहुंची है। उन्हें अपने परिसर में मौजूद किताब की सभी प्रतियों को तुरंत जब्त कर सील करना होगा। शीर्ष अदालत ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि संबंधित पुस्तक के आधार पर छात्रों को कोई निर्देश या शिक्षा न दी जाए। सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को इस आदेश का पालन करने और दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।

मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान, प्रतिभाओं को मिली नई उड़ान
विकास भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार ने विद्यार्थियों को धनराशि, प्रशस्ति पत्र और मेडल प्रदान किए मुजफ्फरनगर। जनपद के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित करने के उद्देश्य से सोमवार को विकास भवन सभागार में मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा आयोजित सम्मान समारोह के वर्चुअल लाइव प्रसारण के साथ जनपद स्तर पर मेधावी विद्यार्थियों को सम्मान धनराशि, प्रशस्ति पत्र एवं मेडल प्रदान किए गए। समारोह में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, अभिभावकों तथा गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही। इसे भी पढ़ें: उन्नाव रेप केस: कुलदीप सेंगर की रिहाई पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, सुनवाई शुरूकार्यक्रम के मुख्य





