नयी दिल्ली- उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की कक्षा आठ की सामाजिक विज्ञान की उस पाठ्यपुस्तक के पुनर्मुद्रण और डिजिटल प्रसार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है, जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का संदर्भ दिया गया था। न्यायालय ने प्रचलन में मौजूद किताबों की प्रतियों को तुरंत जब्त करने का निर्देश दिया और इस संबंध में दो सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट मांगी। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह एनसीईआरटी के निदेशक और उन सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी जहां यह किताब पहुंची है। उन्हें अपने परिसर में मौजूद किताब की सभी प्रतियों को तुरंत जब्त कर सील करना होगा। शीर्ष अदालत ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि संबंधित पुस्तक के आधार पर छात्रों को कोई निर्देश या शिक्षा न दी जाए। सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को इस आदेश का पालन करने और दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।

पाकिस्तान इजरायल विवाद से शांति वार्ता से पहले तनाव गहरा
पाकिस्तान इजरायल विवाद अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में प्रस्तावित शांति वार्ता से ठीक पहले अचानक तेज हो गया। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की इजरायल विरोधी टिप्पणी और उसके बाद पोस्ट हटाने की घटना ने न केवल कूटनीतिक तनाव बढ़ाया, बल्कि पाकिस्तान की तटस्थ मध्यस्थ वाली छवि पर भी सवाल खड़े कर दिए। मामला तब और गंभीर हो गया जब इजरायल ने पाकिस्तान की भूमिका पर कड़ा ऐतराज जताया। इसके बाद ख्वाजा आसिफ को अपना वह पोस्ट हटाना पड़ा, जिसमें उन्होंने इजरायल पर तीखी टिप्पणी की थी। इस घटनाक्रम ने उस बैठक के माहौल पर भी असर डाला है, जिसमें एक ईरानी प्रतिनिधिमंडल के शामिल होने की





