नयी दिल्ली- उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की कक्षा आठ की सामाजिक विज्ञान की उस पाठ्यपुस्तक के पुनर्मुद्रण और डिजिटल प्रसार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है, जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का संदर्भ दिया गया था। न्यायालय ने प्रचलन में मौजूद किताबों की प्रतियों को तुरंत जब्त करने का निर्देश दिया और इस संबंध में दो सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट मांगी। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह एनसीईआरटी के निदेशक और उन सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी जहां यह किताब पहुंची है। उन्हें अपने परिसर में मौजूद किताब की सभी प्रतियों को तुरंत जब्त कर सील करना होगा। शीर्ष अदालत ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि संबंधित पुस्तक के आधार पर छात्रों को कोई निर्देश या शिक्षा न दी जाए। सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को इस आदेश का पालन करने और दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।

राकेश टिकैत की ओड़िसा में गिरफ्तारी की खबर से भड़का मुजफ्फरनगर, थानों पर भाकियू का डेरा; हाईवे जाम की चेतावनी
मुजफ्फरनगर। राकेश टिकैत को ओड़िसा में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने की खबर सामने आते ही मुजफ्फरनगर में माहौल गरमा गया। जानकारी मिलते ही भाकियू कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया और जिले के कई थानों पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। बताया गया कि राकेश टिकैत भुवनेश्वर में आयोजित किसानों के कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे, तभी ओड़िसा पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। सोमवार शाम करीब पौने पांच बजे यह सूचना मिलते ही सिसौली स्थित किसान भवन में भाकियू पदाधिकारियों की बैठक बुलाई गई, जिसमें थानों के घेराव का निर्णय लिया गया। इसे भी पढ़ें: आश्रम कांड: छात्राओं ने खोली बाबा की काली करतूतों की





