नयी दिल्ली- उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की कक्षा आठ की सामाजिक विज्ञान की उस पाठ्यपुस्तक के पुनर्मुद्रण और डिजिटल प्रसार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है, जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का संदर्भ दिया गया था। न्यायालय ने प्रचलन में मौजूद किताबों की प्रतियों को तुरंत जब्त करने का निर्देश दिया और इस संबंध में दो सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट मांगी। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह एनसीईआरटी के निदेशक और उन सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी जहां यह किताब पहुंची है। उन्हें अपने परिसर में मौजूद किताब की सभी प्रतियों को तुरंत जब्त कर सील करना होगा। शीर्ष अदालत ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि संबंधित पुस्तक के आधार पर छात्रों को कोई निर्देश या शिक्षा न दी जाए। सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को इस आदेश का पालन करने और दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।

वर्षों का इंतजार खत्म, देवबंद पालिका के सेवानिवृत्त कर्मियों को मिला 1.04 करोड़ का एकमुश्त भुगतान
देवबंद नगर पालिका परिषद के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को वर्षों से लंबित एकमुश्त देय राशि का भुगतान किया गया। राज्यमंत्री कुंवर बृजेश सिंह ने शुक्रवार को करीब 1 करोड़ 4 लाख रुपये की राशि वितरित की। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त अधिकारी, लिपिक और सफाई मित्रों को उनके देय भुगतान दिए गए। पालिका के अनुसार, यह राशि उन कर्मचारियों को दी गई है जिन्होंने अपने सेवाकाल में नगर की व्यवस्थाओं और जनसेवा में योगदान दिया। इसे भी पढ़ें: महिला ASI सेवा से बर्खास्त, इतना ब्लैकमेल किया…. टीआई ने कर ली आत्महत्याराज्यमंत्री कुंवर बृजेश सिंह ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के अधिकारों और सम्मान से जुड़ी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। कार्यक्रम में मौजूद





