नयी दिल्ली- उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की कक्षा आठ की सामाजिक विज्ञान की उस पाठ्यपुस्तक के पुनर्मुद्रण और डिजिटल प्रसार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है, जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का संदर्भ दिया गया था। न्यायालय ने प्रचलन में मौजूद किताबों की प्रतियों को तुरंत जब्त करने का निर्देश दिया और इस संबंध में दो सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट मांगी। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह एनसीईआरटी के निदेशक और उन सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी जहां यह किताब पहुंची है। उन्हें अपने परिसर में मौजूद किताब की सभी प्रतियों को तुरंत जब्त कर सील करना होगा। शीर्ष अदालत ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि संबंधित पुस्तक के आधार पर छात्रों को कोई निर्देश या शिक्षा न दी जाए। सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को इस आदेश का पालन करने और दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।

खतौली में लेखपाल पर गिरी गाज: एसडीएम ने किया सस्पेंड, अवैध कब्जे में लापरवाही का आरोप
मुजफ्फरनगर। खतौली के रतनपुरी क्षेत्र में कार्यरत लेखपाल कुलदीप कुमार को कार्य में लापरवाही और अनियमितता के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है। खतौली एसडीएम डा. ललित कुमार मिश्र ने यह कार्रवाई नायब तहसीलदार खतौली और राजस्व निरीक्षक मंसूरपुर की आख्या के आधार पर की। एसडीएम के अनुसार, कुलदीप कुमार अनुशासनहीन और लापरवाह कर्मचारी हैं तथा क्षेत्र में निवास भी नहीं कर रहे थे। लेखपाल कुलदीप कुमार सस्पेंड: क्या है पूरा मामला आरोप है कि ग्राम रतनपुरी की भूमि खसरा संख्या 616म जो नवीन परती भूमि है, उसके एक हिस्से पर धर्मवती पत्नी भीम सिंह निवासी रतनपुरी द्वारा अवैध कब्जा किया गया है। इसे भी पढ़ें: समीर वानखेड़े ने





