नयी दिल्ली- उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की कक्षा आठ की सामाजिक विज्ञान की उस पाठ्यपुस्तक के पुनर्मुद्रण और डिजिटल प्रसार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है, जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का संदर्भ दिया गया था। न्यायालय ने प्रचलन में मौजूद किताबों की प्रतियों को तुरंत जब्त करने का निर्देश दिया और इस संबंध में दो सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट मांगी। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह एनसीईआरटी के निदेशक और उन सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी जहां यह किताब पहुंची है। उन्हें अपने परिसर में मौजूद किताब की सभी प्रतियों को तुरंत जब्त कर सील करना होगा। शीर्ष अदालत ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि संबंधित पुस्तक के आधार पर छात्रों को कोई निर्देश या शिक्षा न दी जाए। सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को इस आदेश का पालन करने और दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।

एम.जी. पब्लिक स्कूल में नि:शुल्क नेत्र शिविर में 118 रोगी लाभान्वित
118 नेत्र रोगियों को नि:शुल्क उपचार परामर्श के साथ दवाईयां वितरित, 36 रोगी मोतियाबिंद आॅपरेशन के लिए चयनित मुजफ्फरनगर। एमजी. पब्लिक स्कूल परिसर में रविवार 22 मार्च, 2026 को नि:शुल्क मासिक नेत्र रोग चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ एम.जी. चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री सतीश चंद गोयल ने किया। प्रधानाचार्या श्रीमती मोनिका गर्ग द्वारा अतिथियों, चिकित्सक एवं चिकित्सा कर्मियों और उपचार परामर्श लेने आये नेत्र रोगियों का विद्यालय प्रांगण में स्वागत किया गया। प्रधानाचार्या श्रीमती मोनिका गर्ग ने बताया कि प्रत्येक माह के चौथे रविवार को वरदान धर्मार्थ नेत्र चिकित्सालय, प्रेमपुरी जनपद मुजफ्फरनगर के सहयोग से विद्यालय के संस्थापक अध्यक्ष स्वर्गीय हरबंस लाल गोयल एवं स्वर्गीय



