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डिप्टी एसपी और जल कर्मचारियों ने की अंकित गुर्जर की हत्या : कैदी का दावा

डिप्टी एसपी और जल कर्मचारियों ने की अंकित गुर्जर की हत्या : कैदी का दावा
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नई दिल्ली. तिहाड़ जेल में गैंगस्टर अंकित गुर्जर की संदिग्ध मौत के मामले में तिहाड़ जेल के अंदर बंद एक कैदी ने दावा किया है कि कैसे उसके सामने अंकित की तिहाड़ जेल के अंदर ही जेल प्रशासन से अधिकारियों ने हत्या कर दी.

वीडियो में तिहाड़ की जेल नंबर 3 में बंद इस कैदी ने दावा किया है कि अंकित गुर्जर की हत्या डिप्टी एसपी और जेल के कर्मचारियों ने की है. वीडियो में कैदी ने हत्या की साजिश का आरोप लगाया है. कैदी का नाम अरुण नागर है. डी जीतिहाड़ के मुताबिक ये वीडियो उनके संज्ञान में आया है और मामले में जांच की जा रही है.

वीडियो में अरुण नागर ने दावा किया है कि वो अंकित गुर्जर की हत्या का चश्मदीद गवाह है. अरुण ने बताया कि 30 जेल कर्मचारियों ने मिलकर अंकित की हत्या की है. वीडियो में अरुण ने कई पुलिसकर्मियों के नाम भी लिए हैं. इसी के साथ अरुण ने आरोप लगाया है कि उस पर दबाव बनाया जा रहा है. साथ ही अरुण ने अपनी हत्या की आशंका भी जताई है.

वहीं मामले में एक हफ्ते बाद मंगलवार को कारागार उपाधीक्षक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया और उन्हें लापरवाही के आरोप में तीन अन्य अधिकारियों के साथ निलंबित कर दिया गया है. ये घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब शहर की एक अदालत ने दिल्ली पुलिस को विचाराधीन कैदी के रूप में जेल में बंद गैंगस्टर अंकित गुर्जर की मौत के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने और जांच करने का निर्देश दिया.

गुर्जर जेल में अपनी सेल में चार अगस्त को मृत मिला था और पास के लॉकअप में बंद और पूर्व में उसकी सेल में बंद रहे दो अन्य कैदी घायल अवस्था में मिले थे. पुलिस ने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गुर्जर के शरीर पर चोट के कई निशान मिले थे जो उसकी मौत का कारण बने.

जेल अधिकारियों ने बताया कि तिहाड़ जेल के उपाधीक्षक नरेंद्र मीणा, दो सहायक अधीक्षकों और एक वार्डर को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. दिल्ली जेल महानिदेशक संदीप गोयल ने कहा कि हमारी जारी आंतरिक जांच के आधार पर लापरवाही के आरोप में चार जेल अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है.

हत्या का मामला दर्ज

पुलिस उपायुक्त (पश्चिमी) उर्विजा गोयल ने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर और अदालत के निर्देश पर सोमवार रात हरिनगर थाने में भादंसं की धारा 302 (हत्या) और धारा 34 (समान इरादे से कई लोगों द्वारा किया गया कृत्य) मामला दर्ज किया गया.

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