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जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर अनुंबध सात अक्टूबर को

जेवर हवाईअड्डा के लिए 30 मई को अंतरराष्ट्रीय निविदा जारी की गई थी। इस हवाईअड्डा के प्रबंधन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक एजेंसी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नायल) गठित की है।

जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर अनुंबध सात अक्टूबर को
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नोएडा। कोरोना महामारी की वजह से कई बार अनुबंध की तिथि बढ़ाए जाने के बाद जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को टेड के बीच 7 अक्टूबर को अनुबंध होगा। ज्यूरिख इंटरनेशनल एयरपोर्ट एजी और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि. के बीच यह अनुबन्धन लखनऊ या यमुना प्राधिकरण के दफ्तर में किया जाएगा।

इस अनुबंध पर नियाल के सीईओ डाॅ.अरुणवीर सिंह दस्तखत करेंगे। नोएडा अथाॅरिटी की सीईओ ऋतु महेश्वरी और यूपी नागरिक उड्डयन विभाग के निदेशक सुरेंद्र सिंह भी बतौर गवाह दस्तखत करेंगे। पीपीपी माॅडल पर बनने वाले इस एयरपोर्ट को बनाने की जिम्मेदारी स्विट्जरलैंड की कंपनी ज्यूरिख इंटरनेशनल एयरपोर्ट एजी को मिली है। दावा है कि निर्माण पूरा होने के बाद यह देश का सबसे बड़ा हवाईअड्डा होगा। बीते फरवरी महीने में अधिकारियों का कहना था कि स्विट्जरलैंड की कंपनी ने प्रति यात्री सबसे ऊंची बोली लगाई है। परियोजना के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने कहा था कि जेवर हवाईअड्डा या नोएडा इंटरनेशनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट जब पूरी तरह विकसित हो जाएगा तो यह 5,000 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला होगा। इसकी अनुमानित लागत 29,560 करोड़ रुपए आंकी गई है।

जेवर हवाईअड्डा के लिए 30 मई को अंतरराष्ट्रीय निविदा जारी की गई थी। इस हवाईअड्डा के प्रबंधन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक एजेंसी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नायल) गठित की है। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में बनने वाला यह तीसरा हवाईअड्डा पूरी तरह से नए सिरे से विकसित (ग्रीनफील्ड) किया जाएगा। इससे पहले दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा और गाजियाबाद में हिंडन हवाईअड्डा मौजूद है। परियोजना के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि पूरी तरह बनकर तैयार होने के बाद जेवर हवाईअड्डे पर छह से आठ हवाई पट्टियां होंगी जो देश में अब तक किसी हवाई अड्डे की तुलना में सबसे अधिक होंगी।

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