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दिल्ली में अब फिटनेस के आधार पर ग्रीन टैक्स देकर दौडेंगे पुराने वाहन!

परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय दिशा निर्देशों के मुताबिक देश में आयु पूरी कर चुके वाहनों को दोबारा फिटनेस टेस्ट पास करके दोबारा पंजीकरण कराकर उसे चलाने की मंजूरी है, मगर दिल्ली में यह लागू नहीं होता है, क्योंकि यहां सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर प्रदूषण के चलते ईधन के हिसाब से वाहनों के आयु तय करके पाबंदी लगाई गई है।

दिल्ली में अब फिटनेस के आधार पर ग्रीन टैक्स देकर दौडेंगे पुराने वाहन!
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नई दिल्ली। एनजीटी की पाबंदी के बावजूद राजधानी में वाहनों को फिटनेस के आधार पर चलाने की अनुमति दी जाएगी।

पुराने वाहनों को लेकर दिल्ली सरकार का परिवहन विभाग 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में जुटी है। राजधानी में वर्तमान में दिल्ली में 30 लाख से अधिक ऐसे पेट्रोल व डीजल वाहन है। आंकड़ों की माने तो इसमें इसमें छह लाख से अधिक निजि चार पहिया वाहन व बाकी दुपहिया शामिल है। परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय दिशा निर्देशों के मुताबिक देश में आयु पूरी कर चुके वाहनों को दोबारा फिटनेस टेस्ट पास करके दोबारा पंजीकरण कराकर उसे चलाने की मंजूरी है, मगर दिल्ली में यह लागू नहीं होता है, क्योंकि यहां सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर प्रदूषण के चलते ईधन के हिसाब से वाहनों के आयु तय करके पाबंदी लगाई गई है। दिल्ली सरकार अब वाहनों के आयु के बजाए फिटनेस के आधार पर उसे लागू करना चाहती है।

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