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गोरखनाथ मंदिर में सीएम योगी ने कन्याओं के पखारे पांव

गोरखनाथ मंदिर में सीएम योगी ने कन्याओं के पखारे पांव
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गोरखपुर। गोरक्षनाथ मंदिर के पीठाधीश्वर और यूपी के मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ महाराज ने रविवार को गोरखनाथ मंदिर में दशहरा पर्व के अवसर पर नाथ सम्प्रदाय की परम्प्रा के अनुसार विधि विधान से कन्या पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि रामराज्य में जाति, मत, सम्प्रदाय और मजहब के लिए कोई जगह नहीं है। इस अवसर पर मंदिर और इसके आसपास भारी सुरक्षा बंदोबस्त किये गये थे।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज नाथ परम्प्रा के अनुसार पूरी तरह से गोरखनाथ मंदिर के गोरक्षपीठाधीश्वर बने नजर आये। उन्होंने सवेरे मंदिर में विधि विधान से कन्या पूजन किया। यहां पर आई कन्याओं के सीएम योगी आदित्यनाथ ने पहले पांव पखारे और फिर उनको तिलक लगाया। सभी कन्याओं को चुंदरी उढ़ाई गई और भोजन कराया गया। कन्या पूजन कोविड-19 प्रावधानों के तहत किया गया। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी खास ध्यान रखा गया। सीएम योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी के कारण इस वीवीआईपी कार्यक्रम का हिस्सा बनकर सभी कन्याएं काफी प्रसन्न दिख रही थीं, सभी को सम्मान के साथ पूजन के बाद विदा किया गया।

कन्या पूजन के बाद मुख्यमंत्री योगी ने मीडिया के माध्यम से पूरे प्रदेशवाशियों को विजयदशमी की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि भारत की सनातन धर्म की परंपरा में मातृ शक्ति के प्रति भारत की सनातन आस्था रही है, यह कुंआरी कन्याओं के पूजन की परम्परा इसी का प्रतीक है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सत्य, न्याय और धर्म की विजय का प्रतीक विजयादशमी का त्योहार है। सत्य के मार्ग पर चलने और न्याय के मार्गदर्शन करने पर चलने वाले की हमेशा विजय होती है, इसी बात की प्रेरणा विजयादशमी का त्योहार समाज को देता है। सीएम योगी ने कहा कि रामराज्य में जाति, मत और मजहब की कोई जगह नहीं है। पीएम नरेंद्र मोदी की नीति सबका साथ सबका विकास है।

हमारी सरकार ने इसी परम्परा को आदर्श रूप से लागू करते हुए राज्य में जनकल्याण को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि त्योहार जिंदगी में सुख, समृ(ि लाता है लेकिन जोश में होश खोने की जरूरत नहीं है। कोरोना से बचने के लिए दो गज की दूरी व मास्क जरूरी है। सीएम योगी ने इस महामारी से बचने के लिए अभी जागरुकता और सावधानी पर जोर दिया। इस अवसर पर सीएम योगी ने अपने संदेश में कहा कि अत्याचार पर सदाचार, पाप पर पुण्य, दम्भ पर विनम्रता, क्रोध पर करुणा, आसुरी प्रवृत्ति पर सद्वृत्तियों की विजय के महापर्व विजयादशमी की सभी देशवासियों को अनन्त शुभकामनाएं। विजयादशमी इस बात की प्रतीक है कि असत्य के रावण का सत्य के श्रामश् द्वारा अंत निश्चित है।

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