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कोविड वैक्सीनेशन में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर

मुजफ्फरनगर की स्वास्थयकर्मी ने आगरा के युवक का मोबाईल नम्बर लेकर तीन लोगो को लगवा दिया कोरोना का टीका

कोविड वैक्सीनेशन में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर
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मुजफ्फरनगर। कोविड-19 वायरस का नया वेरिएंट दुनिया को फिर से भयभीत करने लगा है। देश और प्रदेश के साथ ही जनपद में भी कोरोना के नये केस सामने आने लगे हैं। पाबंदियां लागू हैं और इसके साथ ही बच्चों को इस बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए आज से ही कोविड-19 वैक्सीनेशन का नया दौर शुरू हो चुका है, लेकिन वैक्सीनेशन में फर्जीवाडा भी सामने आया है। पहले ही वैक्सीनेशन को लेकर भ्रष्टाचार होने के आरोप लगते रहे हैं। पैसे लेकर बिना वैक्सीनेट किये ही सर्टिफिकेट जारी होने की कई कहानी समाज में सुनी जा सकती है, लेकिन अब एक ऐसा मामला सामने आया है, जिससे सभी हतप्रभ है। आगरा के एक युवक के मोबाइल नंबर पर मुजफ्फरनगर की एक नर्स ;स्वास्थ्य कर्मीद्ध द्वारा तीन लोगों को फर्जी तरीके से कोविड-19 टीका लगवाने के साथ ही उनको वैक्सिनेशन के सर्टिफिकेट जारी कर दिए गए। अब आगरा के युवक को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले से जिले में स्वास्थ्य विभाग अंजान बना हुआ है। जबकि सीएमओ आगरा ने जांच शुरू करा दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरोना से बचाव के लिए देश भर में किये जा रहे वैक्सीनेशन में बड़ा घोटाला सामने आया है। यह घोटाला आगरा से लेकर मुजफ्फरनगर तक हलचल मचाये हुए हैं। हालांकि आगरा में जांच की जा रही है, जबकि मुजफ्फरनगर में स्वास्थ्य विभाग आंख मूंदे बैठा हुआ है। सूत्रों के अनुसार जनपद आगरा के खंदारी क्षेत्र निवासी सुनीत चैहान ने आगरा में ही स्वास्थ्य विभाग से उनके मोबाइल नंबर के जरिये तीन लोगों का वैक्सीनेशन फर्जी तरीके से कराते हुए सर्टिफिकेट जारी होने की शिकायत की। स्वास्थ्य विभाग ने युवक की शिकायत को तकनीकी खामी मानकर पल्ला झाड़ लिया था, अब सुनीत ने वैक्सीनेशन के घोटाले के आरोपियों के खिलाफ नामजद शिकायत की है। इस बार भी स्वास्थ्य विभाग सिर्फ जानकारी कर कार्रवाई की बात कह रहा है। इस गंभीर मामले में आगरा से मुजफ्फरनगर तक कोई भी एक्शन नहीं लिया गया है।

जानकारी के मुताबिक बीते सप्ताह आगरा के खंदारी, मंगलम स्टेट निवासी सुनीत चैहान के मोबाइल पर अचानक तीन लोगों के वैक्सीनेशन के ओटीपी आये। उनके द्वारा ओटीपी साझा नहीं किये गए, पर कुछ ही देर बाद उन ओटीपी के आधार पर तीन लोगों के नाम से वैक्सीनेशन होने के सर्टिफिकेट भी जारी हो गए। पीड़ित ने परेशान होकर जब स्वास्थ्य विभाग में शिकायत की तो आगरा के सीएमओ अरुण कुमार श्रीवास्तव ने इसे तकनीकी खामी बता कर जाँच की बात कही और पल्ला झाड़ लिया।

स्वास्थ्य विभाग की हीला हवाली के बाद भी पीड़ित ने हार नर्ही मानी और काफी मशक्क्त के बाद इंटरनेट के जरिये पूरी जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद पीड़ित ने आगरा के सीएमओ को फर्जी वैक्सीनेशन कराने की आरोपी मुजफ्फरनगर निवासी स्वास्थ्य कर्मी और वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट जारी हुए व्यवक्तियों की पूरी जानकारी के साथ शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। बताया गया है कि आगरा सीएमओ ने मामले में तत्काल मुजफ्फरनगर सीएमओ को शिकायत कर जाँच करने की बात कही है। पीड़ित सुनीत के अनुसार वर्तमान में राज्यों के बार्डर क्रास करने के लिए सरकारी कामों वैक्सीनेशन साटिफिकेट अनिवार्य कर दिया गया है।

आज भी तमाम लोग ऐसे हैं जो वैक्सीन नर्ही लगवाना चाहते हैं। ऐसे लोगों की जरूरतें पूरी करने के लिए स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारी सुविधा शुल्क ले रहे हैं। जनपद मुजफ्फरनगर में भी अनेक ऐसे मामले सामने आये हैं, जिनमें बिना वैक्सीनेट हुए ही लोगों ने स्वास्थ्य कर्मियों को सुविधा शुल्क देकर वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट हासिल कर लिया है। यह धंधा भी जोरों पर चल रहा है। सूत्रों के अनुसार एक फर्जी डोज के लिए खुला रेट 500 रुपये है। यह मामला भी ऐसे ही भ्रष्टाचार से जुड़ा हो सकता है।

आगरा के पीड़ित युवक का कहना है कि उनके मोबाइल पर साढ़े नौ बजे मेसेज आये जबकि वैक्सीनेशन अधिकांश जगह दस से पहले शुरू नर्ही होता है और इसके बाद 11 बजे के लगभग उन्हें सर्टिफिकेट भी जारी हो गए। ओटीपी केवल स्वास्थ्यकर्मी ही देख सकता है। इसका साफ़ मतलब है की विभाग में ही गोलमाल चल रहा है। सोमवार से बच्चों को वैक्सीन लगना शुरू हो रही है। एक मोबाइल नंबर से चार का वैक्सीन रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। उनके नंबर की लिमिट पूरी हो गयी है अब घर के बच्चों को कैसे वैक्सीन लगवाई जायेगी। सुनीत ने बताया की इस फर्जीवाड़े की शिकायत के बाद जब स्वास्थ्य विभाग ने इसे हल्के में ले लिया तो उन्होंने खुद जानकारी के प्रयास किये।

इंटरनेट पर काफी सर्च करने के बाद पता चला की मुजफ्फरनगर के शेखुपुरा स्वास्थ्य केंद्र पर शिखा नामक स्वास्थ्य कर्मी ने यहीं की निवासी परिति (22 साल) राजपाल और एक अन्य युवक को फर्जी वोटर आईडी नंबर डालकर वैक्सीन का उनके मोबाइलन नम्बर से रजिस्ट्रेशन कर सर्टिफिकेट जारी किया है। यह सर्टिफिकेट 27 दिसम्बर 2021 को जारी किया गया है। इसमें 45 वर्षीय राजपाल को कोविशील्ड की पहली डोज लगने का उल्लेख किया गया है, जबकि दूसरी डोज मार्च 2022 में लगने की जानकारी सर्टिफिकेट में दी गई है।

सीएमओ डा. महावीर सिंह फौजदार से इस मामले में जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उनके द्वारा कई बार फोन मिलाये जाने पर भी काॅल रिसीव नहीं की। वहीं स्वास्थ्य विभाग में वैक्सीनेशन का काम देख रहे एक स्वास्थ्य कर्मी से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने जानकारी होने से ही इंकार करते हुए कहा कि ऐसा नहीं हो सकता है। उन्होंने वैक्सीनेशन व्यवस्था को पारदर्शी बताते हुए भ्रष्टाचार से भी इंकार किया है।

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