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पीसीएस अतुल कुमार-याद रहेगा मुजफ्फरनगर में 890 दिन का कार्यकाल

वर्ष 2012 बैच के पीसीएस अफसर अतुल कुमार को ब्यूरोक्रेसी में अतुल कुमार-प्रथम के नाम से पहचाना जाता है। वह मुजफ्फरनगर में एसडीएम के पद पर आये और आज यहां से एडीएम बनकर यूपी के महानगर कानपुर में सेवा के लिए शासन ने उनको चुना है।

पीसीएस अतुल कुमार-याद रहेगा मुजफ्फरनगर में 890 दिन का कार्यकाल
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मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश शासन ने 15 अगस्त के दिन यूपी के 17 प्रशासनिक अफसरों में फेरबदल किया है। इस बदलाव से मुजफ्फरनगर अछूता नहीं रहा, यहां पर प्रशासनिक अफसर के रूप में दो प्रमुख पदों के साथ ही कई अतिरिक्त दायित्वों का निर्वहन कर चुके पीसीएस अफसर अतुल कुमार को शासन ने अब कानपुर में एडीएम सिटी बनाया है। अतुल कुमार शांत स्वभाव वाले निडर और कर्मठ अफसरों में शुमार किये जाते हैं। पहले एसडीएम और फिर सिटी मजिस्ट्रेट के रूप में अतुल कुमार ने मुजफ्फरनगर में एक यादगार पारी खेली और यहां उनकी 890 दिन की इस प्रशासनिक पारी का कार्यकाल याद किया जाता रहेगा।


मुजफ्फरनगर में सिटी मजिस्ट्रेट के पद पर कार्यरत रहे अतुल कुमार भी लखनऊ के नगर आयुक्त इन्द्रमणि त्रिपाठी की भांति ही नगरपालिका परिषद् की अध्यक्ष अंजू अग्रवाल के साथ अपने 36 के आंकड़े को लेकर चर्चाओं में बने रहे। उनको लेकर पालिका अध्यक्ष ने कभी सीधे तौर पर उन पर कमीशन के लिए काम करने जैसे गंभीर आरोप भी लगा दिये थे, आये दिन दोनों के बीच बढ़ती तकरार और आरोप प्रत्यारोप के कारण जिला प्रशासन और यहां की राजनीति में भी हलचल मची रही, लेकिन शांत स्वभाव के पीसीएस अफसर अतुल कुमार ने कभी भी खुलकर पालिकाध्यक्ष के खिलाफ कोई बयानबाजी नहीं की।


मुजफ्फरनगर में अतुल कुमार ने अपने प्रशासनिक दायित्व का निर्वहन एसडीएम के रूप में किया। शासन ने उनको 9 मार्च 2018 को यहां एसडीएम बनाकर भेजा था। उनको तत्कालीन जिलाधिकारी के द्वारा खतौली तहसील में उप जिलाधिकारी का दायित्व सौंपा गया। यहां पर उन्होंने अतिक्रमण हटाओ अभियान और खतौली कस्बे को जाम मुक्त बनाने क लिए अच्छे अभियान चलाये। खतौली एसडीएम के पद से ही उनको प्रमोशन मिला और शासन द्वारा उनको मुजफ्फरनगर में ही 24 अगस्त 2018 को सिटी मजिस्ट्रेट बना दिया गया। उन्होंने 25 अगस्त को यहां पीसीएस अमित सिंह के स्थान पर सिटी मजिस्ट्रेट के पद पर कार्यभार ग्रहण किया। उनको निकाय प्रभारी का भी दायित्व सौंपा गया। इसके साथ ही वह उन दिनों काफी चर्चाओं में आये, जब तत्कालीन जिलाधिकारी ने उनको नगरपालिका परिषद् में ईओ के तबादले के बाद यहां पर शासन ने नया ईओ नहीं भेजने पर अधिशासी अधिकारी का अतिरिक्त चार्ज दिया गया।

नगरपालिका परिषद् में कार्यवाहक अधिशासी अधिकारी रहते हुए अतुल कुमार का पालिका अध्यक्ष अंजू अग्रवाल से मतभेद हुआ और फिर यह मतभेद दोनों के बीच 36 का आंकड़ा बन गया। पालिका अध्यक्ष अंजू अग्रवाल लगातार सार्वजनिक तौर पर सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार के व्यवहार और कार्यप्रणाली को लेकर बयानबाजी करती रही। आये दिन विवाद रहने के कारण जिलाधिकारी ने अतुल कुमार को इस अतिरिक्त जिम्मेदारी से मुक्त किया और बाद में शासन ने यहां पर ईओ की तैनाती कर दी। इसके बाद निकाय प्रभारी होने के नाते सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार ने पालिका कार्यालय का निरीक्षण किया तो दोनों का विवाद चरम पर पहुंच गया था। अतुल कुमार ने मुजफ्फरनगर में तैनाती के बाद कई चुनौतियों का सामना किया। सीएए प्रदर्शन के दौरान वह भीड़ के बीच ही डटे रहे और उपद्रव को शांत कराया, शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान, सहित उनके कई काम यादगार रहे। अब शासन ने उनको कानपुर नगर में एडीएम सिटी के पद पर सेवा का अवसर प्रदान किया है। शासन का आदेश रात्रि में डीएम कार्यालय को प्राप्त हुआ। इसके बाद डीएम सेल्वा कुमारी जे. ने उनको रात्रि में ही रिलीव कर दिया। अपनी नई प्रशासनिक पारी खेलने के लिए अतुल कुमार परिवार सहित जिले से रविवार को रवाना हो गये।

जन्मदिन से पहले मिला प्रमोशन का तोहफा


यूपी ब्यूरोक्रेसी में अतुल कुमार-प्रथम के नाम से पहचान रखने वाले 41 वर्षीय पीसीएस अफसर अतुल कुमार को जन्मदिन से पहले शासन ने प्रमोशन का तोहफा दिया है। वर्ष 2012 बैच के पीसीएस अफसर अतुल कुमार प्रशासनिक सेवा में अपने शांत स्वभाव, मधुर मुस्कान के लिए भी लोगों का दिल जीतने में सफल रहे हैं। यहां पर उनका कार्यकाल पालिकाध्यक्ष से विवाद को छोड़कर निर्विवाद और शांत रहा है। मूल रूप से वेस्ट यूपी के मुरादाबाद जनपद के निवासी अतुल कुमार दो पुत्रों के पिता हैं। प्रशासनिक सेवा में पीसीएस अफसर के रूप में आने के बाद अतुल कुमार की ट्रेनिंग पोस्टिंग महोबा और प्रतापगढ़ जैसे जनपदों में हुई। यहां पर वह डिप्टी कलक्टर के पद पर सितम्बर 2012 से अक्टूबर 2014 तक तैनात रहे। अण्डर ट्रेनी अफसर के रूप में इन दोनों जनपदों में अतुल कुमार ने अपनी कार्यशैली से अच्छी पहचान बना ली थी। इसके बाद शासन ने उनको 13 अक्टूबर 2014 को गाजियाबाद में डिप्टी कलक्टर बनाया। यहां पर वह विभिन्न तहसील में उप जिलाधिकारी के पद पर कार्यरत रहे। यहां अतुल कुमार ने बड़ी लम्बी पारी खेली और सवा तीन साल तक गाजियाबाद जनपद में वह तैनात रहे। गृह जनपद मुरादाबाद के नजदीक तैनाती होने के कारण उनको घर और परिवार के साथ ही नौकरी में भी आसानी से सामंजस्य बैठाने का अवसर मिला। अतुल कुमार गाजियाबाद जनपद में सवा तीन साल तक तैनात रहे। गाजियाबाद से शासन ने 9 मार्च 2018 को उनको मुजफ्फरनगर में भेजा, यहां व खतौली में एसडीएम के पद पर अपनी सेवा देते रहे। इसके बाद यहीं पर प्रमोशन देते हुए उनको 24 अगस्त 2018 को सिटी मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात कर दिया गया। तभी से वह 15 अगस्त तक इस पद पर कायम रहे। अतुल कुमार एक अच्छे अधिवक्ता भी हैं। उन्होंने बी.काॅम करने के बाद एलएलबी भी की। पीसीएस अतुल कुमार का जन्म 19 अगस्त 1979 को हुआ था। साल 2020 में उनका 42वां जन्म दिवस आ रहा है। इस जन्मदिन से पूर्व ही शासन ने उनको एडीएम के रूप में प्रमोट करते हुए कानपुर जैसे महानगर में एडीएम सिटी बनाया है।

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