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शिकारियों के हमले में तीन पुलिसकर्मी शहीद, वन्य शिकारी भी मार गिराया

मध्यप्रदेश के गुना जिले के आरोन क्षेत्र में हिरण और अन्य वन्यजीवों का शिकार कर लौट रहे आधा दर्जन से अधिक बदमाशों ने एक बड़ी जघन्य घटना को अंजाम देते हुए गोलियां चलायीं, जिससे तीन पुलिस कर्मचारी शहीद हो गए और पुलिस का वाहन चला रहा एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं पुलिस ने शिकारी को भी मार गिराया। शिकारियों के बीच मुठभेड़ में शहीद तीनों पुलिसकर्मियों के परिजन को सरकार एक-एक करोड़ रुपए की अनुग्रह राशि प्रदान करेगी।

गुना। मध्यप्रदेश के गुना जिले के आरोन क्षेत्र में हिरण और अन्य वन्यजीवों का शिकार कर लौट रहे आधा दर्जन से अधिक बदमाशों ने एक बड़ी जघन्य घटना को अंजाम देते हुए गोलियां चलायीं, जिससे तीन पुलिस कर्मचारी शहीद हो गए और पुलिस का वाहन चला रहा एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं पुलिस ने शिकारी को भी मार गिराया। शिकारियों के बीच मुठभेड़ में शहीद तीनों पुलिसकर्मियों के परिजन को सरकार एक-एक करोड़ रुपए की अनुग्रह राशि प्रदान करेगी।

घटनास्थल से जो प्रारंभिक चित्र प्राप्त हुए हैं, वे वीभत्स घटना को अंजाम देने की ओर साफतौर पर इशारा कर रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार देर रात आरोन थाना क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक शिकारियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। पुलिस का गश्ती वाहन वहां पहुंचा। तभी अचानक बदमाशों ने हमला कर दिया। इस दौरान आरोपियों ने पुलिस वाहन पर गोलियां भी चलायीं। इस वजह से उप निरीक्षक राजकुमार जाटव, प्रधान आरक्षक नीरज भार्गव और आरक्षक संतराम मीणा का निधन हो गया। वाहन चालक लखन गिरी को गंभीर स्थिति में यहां जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटनास्थल पर वन्यजीवों के शिकार के प्रमाण भी मिले हैं। बताया गया है कि आरोपी काले हिरण और मोर का शिकार कर लौट रहे थे, तभी पुलिस दल से उनका आमना सामना हो गया। इस वजह से शिकारियों ने गोलियां चलाकर हमला किया और परिणाम सामने आया। इस वीभत्स घटना के बाद राज्य सरकार भी सकते में आ गयी है। उधर विपक्ष ने भी सरकार को निशाने पर ले लिया है। विपक्ष के नेता डॉ गोविंद सिंह ने गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा से त्यागपत्र मांग लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और सरकार सिर्फ भाषणबाजी में व्यस्त है। इस बीच गुना जिले में आरोपियों को खोजने के लिए बड़ा अभियान छेड़ दिया गया है। दूसरी ओर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में सुबह वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक बैठक बुलायी है। इस मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से बुलाई गई उच्चस्तरीय बैठक में शामिल होने के बाद गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने संवाददाताओं को ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम में सात शिकारी शामिल थे। उनमें से एक शिकारी भी पुलिस की गोलीबारी में मारा गया। शहीद पुलिसकर्मियों के अंतिम संस्कार में जिलों के प्रभारी मंत्री शामिल होंगे। गृह मंत्री डॉ मिश्रा ने कहा कि अपराधियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई होगी। राज्य की पुलिस मुस्तैदी से जान की बाजी लगाकर अपने कर्तव्य निभा रही है। रात में भी पुलिस पेट्रोलिंग हो रही है, इसीलिए पुलिस ने शिकारियों को घेर लिया।

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