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मायावती का यूपी में भी अकेले चुनाव लडने का ऐलान

उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी का किसी के साथ भी गठबंधन का अनुभव अच्छा नहीं रहा, हमारी पार्टी के नेता तथा कार्यकर्ता और हमारे मतदाता बेहद अनुशासित है। देश की अन्य पार्टियों के साथ ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी के साथ भी गठबंधन में हमारा वोट तो उस पार्टी को स्थानांतरित हो जाता है, जबकि दूसरी पार्टी का वोट हमें नहीं मिल पाता है।

मायावती का यूपी में भी अकेले चुनाव लडने का ऐलान
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लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने ऐलान किया है कि बसपा चार प्रदेशों-तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी- में बिना किसी गठबंधन के अकेले विधानसभा चुनाव लड़ेगी। 2022 में होने वाला उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव भी पार्टी अकेले लड़ेगी। हम किसी से ज्यादा रणनीति का खुलासा नहीं करते, बसपा प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर पूरे दम के साथ चुनाव लड़ेगी और अच्छे परिणाम देगी।

कांशीराम की जयंती पर मायावती ने कहा कि हमारी पार्टी बाबा साहेब डॉ. भीमराम आम्बेडकर तथा कांशीराम के दिखाए रास्ते पर चल रही है। हमारी पार्टी के संस्थापक कांशीराम ने बाबा साहब का रुके कारवां को आगे बढ़ाया। इस अवसर पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी का किसी के साथ भी गठबंधन का अनुभव अच्छा नहीं रहा, हमारी पार्टी के नेता तथा कार्यकर्ता और हमारे मतदाता बेहद अनुशासित है। देश की अन्य पार्टियों के साथ ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी के साथ भी गठबंधन में हमारा वोट तो उस पार्टी को स्थानांतरित हो जाता है, जबकि दूसरी पार्टी का वोट हमें नहीं मिल पाता है। यह बेहद ही खराब तथा कड़वा अनुभव है। भविष्य में हम किसी भी दल के साथ कोई गठबंधन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि चार राज्यों के विधानसभा चुनाव में भी हमारी पार्टी अकेले दम पर चुनाव लड़ेगी। पश्चिम बंगाल के साथ ही केरल व तमिलनाडु में हमारी पार्टी का प्रदर्शन भी अच्छा रहेगा। इसके अलावा उप्र में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी सभी सीटांे पर अकेले चुनाव लड़ेगी। उनसे पूछा गया कि इससे भाजपा तथा अन्य पार्टियो को फायदा हो सकता है, तो उन्होंने कहा कि हमाारा सर्वसमाज का वोट एकजुट रहता है और वह केवल हमारी पार्टी को ही जाता है, इसलिये हमारी पार्टी ने अब हर चुनाव अकेले लडने का फैसला लिया है। किसान आंदोलन पर बसपा नेता ने केंद्र सरकार से कृषि से जुड़े तीनों कानून वापस लेने की मांग दुहराई। उन्होंने कहा किसान आंदोलन में मृतक किसानों के परिजन को उचित आर्थिक सहायता व एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।

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