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सरकार बनाएगी सुदीक्षा भाटी के नाम प्रेरणा स्थल, लाइब्रेरी मुख्यमंत्री से मुलाक़ात के बाद परिवार को मिला आश्वासन

उत्तर प्रदेश सरकार शहीदों की शहादत को व्यर्थ नहीं जाने देगी। शहीद सुदीक्षा भाटी हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं उनका नाम अमर रखने के लिए सरकार स्मारक बनवाएगी। यह घोषणा आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर सुदीक्षा भाटी के माता-पिता के सामने किया। ज्ञातव्य हो कि आज सुदीक्षा के माता-पिता मुख्यमंत्री से मिलने लखनऊ आए थे। मुख्यमंत्री ने कहा सुदीक्षा भाटी उत्तर प्रदेश की बेटी थी। उसने अपनी योग्यता के दम पर पौने चार करोड़ की स्कॉलरशिप हासिल किया और पढ़ाई के लिए अमेरिका गयी। इस मौके पर सीएम योगी ने सुदीक्षा के लिए चार बड़ी घोषणाएं की। उसके गांव में प्रेरणा स्थल, लाइब्रेरी बनेगी। योगी ने सुदीक्षा के परिवार को आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की।

सरकार की तरफ से 15 लाख रुपए और राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर की तरफ से 5 लाख रुपये सुदीक्षा भाटी के परिवार को मिलेंगे। सुदीक्षा की मौत देश और समाज के लिए अपूर्णनीय क्षति है, मुख्यमंत्री के ये कहने पर माहौल काफी गमगीन हो गया। सीएम ने कहा कि, प्रेरणा स्थल और लाइब्रेरी से क्षेत्र के बच्चों को आगे बढ़ने और पढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। आपको बता दें सुदीक्षा भाटी के माता-पिता दादरी विधायक तेजपाल नागर और राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर के साथ मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे थे।सीएम ने मलहम लगाते हुए कहा कि सुदीक्षा देश की बेटी थी। उसके जाने का दुख हम सबको है। हिम्मत से काम लें। इस दौरान परिवार का दुख भी उनकी आंखों से बाहर आ गया। डबडबाई आंखों के साथ पिता ने कहा कि सुदीक्षा बेहद मेधावी थी और अभावों के बीच भी पढ़ने के प्रति लगनशील थी।

एक ही कमरे में पूरा परिवार रहता था, फिर भी पढ़ाई करती रहती थी। सुदीक्षा की मां और पिता ने मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने उनकी बातों को सुना। परिजन का कहना था कि सुदीक्षा के नाम पर सीएम ने जो कुछ करने के लिए सहमति जताई, यह हमारे लिए संतोष का विषय है। ग्रेटर नोएडा के दादरी थाना क्षेत्र के डेयरी स्कैनर गांव की रहने वाली सुदीक्षा बीते 10 अगस्त को अपने चचेरे भाई निगम भाटी के साथ बुलंदशहर में ननिहाल जा रही थी। लेकिन औरंगाबाद थाना क्षेत्र में अचानक सामने आए बुलेट सवार के ब्रेक लगाने से निगम बाइक पर संतुलन खो बैठा था। सुदीक्षा की इस हादसे में मौत हो गई थी। पिता जितेंद्र ने आरोप लगाया था कि बुलेट सवार दो युवक सुदीक्षा के साथ छेड़खानी कर रहे थे। हालांकि तहरीर में इस बात का जिक्र नहीं था। काबिले गौर बात यह है कि सुदीक्षा के पिता जितेंद्र भाटी चाय बेचकर परिवार का गुजारा करते हैं।

उल्लेखनीय है बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद सुदीक्षा ने अपनी मेहनत के बलबूते भारत सरकार से स्कॉलरशिप हासिल की थी। वह अमेरिका के बॉबसन कॉलेज में बिजनेस मैनेजमेंट का कोर्स कर रही थी। सुदीक्षा को 3.80 करोड़ की स्कॉलरशिप मिली थी। लॉकडाउन हटने के बाद सुदीक्षा जून में भारत लौटी थी और उसे 20 अगस्त को अमेरिका लौटना था। इससे पहले शासन से मिले निर्देश के बाद स्थानीय प्रशासन सुदीक्षा के परिवार से मिला था और उनसे आर्थिक स्थिति समेत कई बिंदुओं पर जानकारी एकत्र की थी।

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