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न्याय न मिलने से त्रस्त पीड़ित ने कलेक्ट्रेट में खाया जहर दरोगा पर ₹30000 रिश्वत मांगने का आरोप

न्याय न मिलने से त्रस्त  पीड़ित ने  कलेक्ट्रेट में खाया जहर  दरोगा पर ₹30000 रिश्वत मांगने का आरोप
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उत्तर प्रदेश सरकार, पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए जीजान एक किए हुए हैं लेकिन उत्तर प्रदेश पुलिस हैं कि सुधरने का नाम नहीं ले रही है। पुलिस की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है, जहां दरोगा की ढिलाई के चलते एक फरियादी ने जहर खाकर जान देने का प्रयास किया है।

घटना उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की है जहां आज एक फरियादी ने एडीएम केेे दफ्तर में कीटनाशक पदार्थ का सेवन कर लिया। घटना के समय एडीएम संदीप कुमार गुप्ता कार्यालय में थे उन्होंने आनन-फानन में अपने सरकारी वाहन से पीड़ित को अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बताया कि फरियादी की हालत नाजुक हैै।

फरियादी विक्रम से जानकारी करने पर उसने बताया कि उसके घर के सामने कुछ लोगों ने दीवार खड़ी कर ली है। जिसके चलते उसके घर का रास्ता बंद हो गया। फरियादी न्याय पाने के लिए कई महीनों से अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है लेकिन उसकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। स्थानीय थाने का दरोगा कार्रवाई करने के लिए रिश्वत की मांग कर रहा था।

हर तरफ से निराश होकर वह जहर लेकर एडीएम कार्यालय आया था, वही उसने जहर खा लिया। पूरी घटनाा घटना जनपद बाराबंकी के फतेहपुर थाना अंतर्गत ग्राम खासी सराय की है। पीड़ित विक्रम ने बताया कि गांव के ही रहने वाले संजय वर्मा, सर्वेश, मायाराम और रमेश ने उसके घर के सामने दीवार खड़ी कर दी। इसका मुकदमा न्यायालय में चल रहा है। विक्रम ने थाने जाकर शिकायती पत्र दिया लेकिन पुलिस ने कोई ध्यान नहीं दिया, इससे दबंगों के हौसले और बुलंद हो गए।

आरोपित अक्सर विक्रम को मारते पीटते थे।।पीड़ित की मानें तो दरोगा नेेेे विक्रम से कहा की विरोधी पक्ष ने ₹50000 दिए हैं। दरोगा ने विक्रम से कहा की ₹30000 दो तब तुम्हारी बात सुनी जाएगी। वही एडीएम संदीप कुमार गुप्ता ने संवाददाता को बताया कि विक्रम नाम के फरियादी ने जमीनी विवाद के चलते सुनवाई ना होने पर जहरीला पदार्थ खा लिया जिसके बाद उसे तुरंत जिला अस्पताल लाया गया। एडीएम ने कहा शिकायत की जांच कराई जा रही है, फिलहाल प्रशासन का फोकस पीड़ित के इलाज पर है, पीड़ित स्वस्थ हो जाए उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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