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बडा झटकाः पंचायत चुनाव में 80 फीसदी मौजूदा ग्राम प्रधान, बीडीसी एवं जिला पंचायत सदस्य नहीं लड सकेंगे चुनाव

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सरकार पंचायत चुनाव की तैयारियों में जुटी हुई है। माना जा रहा है कि अब अगले साल की शुरुआत में पंचायत चुनाव कराने की कवायद शुरू कर दी गई है।

बडा झटकाः पंचायत चुनाव में 80 फीसदी मौजूदा ग्राम प्रधान, बीडीसी एवं जिला पंचायत सदस्य नहीं लड सकेंगे चुनाव
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सरकार पंचायत चुनाव की तैयारियों में जुटी हुई है। माना जा रहा है कि अब अगले साल की शुरुआत में पंचायत चुनाव कराने की कवायद शुरू कर दी गई है। राज्य के तकरीब 59 हजार ग्राम पंचायतों के कार्यकाल आगामी 25 दिसंबर को खत्म हो जाएगा। आपको बतातें चलें कि राज्य में पंचायत चुनाव को लेकर अभी तक वोटर लिस्ट पुनरीक्षण का काम भी शुरू नहीं हुआ है। निर्वाचन आयोग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि अक्टूबर तक वोटर लिस्ट पुनरीक्षण अभियान शुरू हो जाएगा और अगले साल मई-जून तक चुनाव कराए जा सकते हैं। ऐसे में राज्य सरकार केंद्रीय पंचायतीराज अधिनियम में कुछ संशोधन करने वाली है, जिससे पंचायत चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की मुश्किल बढ़ने वाली है। पंचायत चुनाव को लेकर यूपी में सरगर्मियां तेज हैं। आपको बताते चलें कि सरकार जिस तरह की तैयारियां कर रही है, उसके अनुसार इस बार चुनाव लड़ने का सपना देख रहे कई मौजूदा प्रधान, बीडीसी और जिला पंचायत सदस्यों का सपना टूटने वाला है। इसका मुख्य कारण यह है कि इस बार 80 प्रतिशत से ज्यादा पंचायत प्रतिनिधियों ने चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों और नियमों का पालन नहीं किया है। चुनाव आयोग ने चुनाव के समय खर्च का ब्योरा जमा करने का आदेश जारी किया था। चुनाव आयोग ने तब कहा था कि अगर किसी प्रत्याशी ने चुनाव में हुए खर्च का ब्योरा नहीं दिया तो वह चुनाव लड़ने से अयोग्य भी करार दिए जा सकते हैं। चुनाव आयोग के इस फरमान को न केवल जीतने वाले बल्कि हारने वाले 80 प्रतिशत से ज्यादा लोगों ने पालन नहीं किया। ऐसे में अब आगामी चुनाव में नामांकन के समय निर्वाचन आयोग यह देखेगा कि किसने ब्योरा दिया है और किसने नहीं, जिन लोगों ने ब्योरा नहीं दिया है उन्हें चुनाव आयोग चुनाव लड़ने से अयोग्य भी ठहरा सकती है। दूसरी तरफ योगी सरकार भी पंचायत चुनाव को लेकर एक अलग ही तैयारी कर रही है। पिछले दिनों खबर आई थी कि राज्य में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर योगी सरकार बड़ा फैसला ले सकती है। ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के चनावों को लेकर योगी सरकार बड़ा संशोधन करने की तैयारी में है। दरअसल, जनसंख्या नियंत्रण को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवारों के पंचायत चुनाव लड़ने पर रोक लगा सकती है। इसके साथ ही उम्मीदवारों के न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता भी निर्धारित करने की तैयारी है।

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