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केंद्र द्वारा घोषित समर्थन मूल्य किसानों के साथ मजाकः राकेश टिकैत

जिन फसलों में ज्यादा वृद्धि की गई है वह भी महँगाई को कवर नही करती है। जैसे दालों की अगर बात करे तो जब किसान को समर्थन मूल्य मिलता ही नही तो घोषित करने से क्या मतलब निकलता है।

केंद्र द्वारा घोषित समर्थन मूल्य किसानों के साथ मजाकः राकेश टिकैत
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मुजफ्फरनगर। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार द्वारा जारी समर्थन मूल्य को नाकाफी बताया है।

भाकियू मीडिया प्रभारी धर्मेन्द्र मलिक के अनुसार राकेश टिकैत ने कहा कि आज भारत सरकार ने फसलों का समर्थन मूल्य घोषित किया है। कुछ फसलों जैसे मक्का जैसी फसल में केवल 20 रुपए की वृद्धि की गई है। जो समर्थन मूल्य का सबसे बड़ा मजाक है। जिन फसलों में ज्यादा वृद्धि की गई है वह भी महँगाई को कवर नही करती है। जैसे दालों की अगर बात करे तो जब किसान को समर्थन मूल्य मिलता ही नही तो घोषित करने से क्या मतलब निकलता है। किसानों की फसलों की मंडी में लूट होती है। देश के किसानों की मांग है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानून बनाया जाय। इसी के लिये किसान सड़को पर संघर्ष कर रहे है। हाल में लाये गई तीनो कृषि कानूनों को रद्द कर किसानों को आंदोलन को समाप्त कर किसानों की उन्नति हेतु कार्य करे।

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