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नगर पालिका आजमगढ़ में अधिशासी अधिकारी ने किया लाखों का घोटाला

नगर पालिका आजमगढ़ में अधिशासी अधिकारी ने किया लाखों का घोटाला
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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि एक तेजतर्रार और बेहद सख्त ईमानदार मुख्यमंत्री की है। सूबे के विकास के लिए वह दिन- रात कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उनकी अगुवाई में सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। वहीं कुछ अधिकारी सरकार की नाक कटाने पर आमादा है ऐसी ही एक घटना में नगर पालिका आजमगढ़ के अधिशासी अधिकारी ने नियम विरुद्ध खरीद करके लाखों का घोटाला कर डाला है। आपको बताते चलें कि प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर पालिका और स्थानीय निकायों में सोडियम लाइटें लगी थी जिन से बिजली की खपत ज्यादा होती थी। इससे प्रदेश सरकार के खजाने पर अतिरिक्त बोझ पड़ता था लिहाज़ा एक आदेश के तहत सरकार ने सभी सोडियम लाइटों को एलईडी लाइटों में बदलने का निर्णय लिया। इसके लिए ईएसएसएल कंपनी को भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार ने सोडियम लाइटों को बदलकर उसके स्थान पर एलईडी लाइट लगाने का अनुबंध किया। नगर पालिका आजमगढ़ ने अक्टूबर 2019 में इएसएसएल और नगरपालिका के बीच समस्त वार्डों में सोडियम लाइटों को एलईडी में बदले जाने का अनुबंध हुआ था। विश्वस्त सूत्रों के हवाले से प्राप्त पुख्ता जानकारी के अनुसार अधिशासी अधिकारी ने अनुबंध की शर्तों को दरकिनार करते हुए व्यक्तिगत स्वार्थ के चलते जेम पोर्टल से आनन फानन में 54 लाख रुपये की एलईडी लाइटों की खरीद कर डाली। आपको बता दें अनुबंध की शर्तों के अनुसार इएसएसएल सोडियम प्रकाश बिंदुओं को चिन्हित कर उन्हें एलईडी लाइटों में बदलता है। तत्पश्चात किये गए कार्य के बिल की राशि शासन की ओर से नगर पालिका के मद में भेज दी जाती है। वहां से कार्यदायी संस्था को भुगतान प्राप्त होता है। लेकिन अधिशासी अधिकारी द्वारा अनुबंध शर्तों की धज्जियां उड़ाते हुए शासन को अंधेरे में रखकर निजी स्वार्थ के लिए खरीदारी करने से शासन की क्रय नीति को तगड़ा धक्का पहुंचा है। सूत्रों के हवाले से पता चला है कि समाजवादी पार्टी के स्थानीय विधायक इस घोटाले को लेकर विधानसभा सत्र के शून्य प्रहर में प्रश्न पूछेंगे।

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