कोरोना वैक्सीन-भारत की सफलता पर चीन में जलन, हैकर्स ने रची ये साजिश

कोरोना वायरस संक्रमण से जहां दुनिया के विकसित देश आज तक जूझ रहे हैं, वहीं पीएम नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सफलता ने पडौसी मुल्क चीन में भारत के खिलाफ साजिश सामने आई है। चीनी हैकर्स ने वैक्सीन मेकर्स एसआईआई और भारत बायोटेक को निशाना बनाया है।

Update: 2021-03-01 14:26 GMT

नई दिल्ली। दुनिया में कोरोना महामारी के बाद से ही चीन और भारत के बीच एक वैश्विक प्रतिस्पर्धा शुरू हुई है। चीन ने भी कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने के लिए वैक्सीन तैयार की है। दुनिया के कई देशों में भारत और चीन ने अपनी अपनी वैक्सीन बेची है। ऐसे में भारत की सफलता ने चीन में जलन पैदा कर दी है। अब चीनी हैकर्स ने भारतीय वैक्सीन निर्माता कंपनियों को टारगेट करने की साजिश की। इसका खुलासा होने पर भारत सतर्क हो गया है।

पूर्वी लद्दाख में भारतीय सेना के सामने घुटने टेकने के बाद अब चीन ने साइबर क्षेत्र में भारतीय प्रतिष्ठानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। साइबर इंटेलिजेंस फर्म के हवाले से यह कहा गया है कि चीन के सरकारी हैकरों के समूह ने हालिया हफ्तों में दो भारतीय वैक्सीन निर्माता कंपनियों के आईटी सिस्टम को टारगेट किया है। इन दोनों कंपनियों की बनाई वैक्सीन देश में 16 जनवरी से शुरू हुए टीकाकरण कार्यक्रम में इस्तेमाल की जा रही हैं।

भारत वैश्विक स्तर पर 60 फीसदी से ज्यादा वैक्सीन की सप्लाई करता है। सामने आयी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चीनी हैकर्स सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया, भारत बायोटेक, पतंजलि और आल इंडिया इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज को निशाना बना रहे हैं। भारत के अलावा, जापान, अमेरिका, ब्रिटेन, आस्ट्रेलिया, स्पेन, इटली और जर्मनी सहित बारह देश इन चीनी हैकर्स के रडार पर बताये गये हैं।

साइबर इंटेलिजेंस फर्म के मुख्य कार्यकारी कुमार रितेश ने कहा कि एपीटी 10 भारत की वैक्सीन मैकर्स कंपनी एसआईआई को एक्टिव रूप से टारगेट कर रहा है, जोकि इस समय कई देशों के लिए एस्ट्राजेनेका वैक्सीन बना रही है और जल्द ही नोवावैक्स वैक्सीन का भी निर्माण शुरू कर देगा। माइक्रोसाफ्ट ने नवंबर में कहा था कि उसने भारत, कनाडा, फ्रांस, दक्षिण कोरिया और संयुक्त राज्य अमेरिका में कोविड-19 वैक्सीन कंपनियों को लक्षित करने वाले रूस और उत्तर कोरिया के साइबर हमलों का पता लगाया था। उत्तर कोरियाई हैकर्स ने ब्रिटिश ड्रगमेकर एस्ट्राजेनेका के सिस्टम में सेंध लगाने की भी कोशिश की थी। इससे पहले, दक्षिण कोरिया की जासूसी एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि उत्तर कोरियाई हैकर्स ने फार्मास्युटिकल दिग्गज फाइजर के कंप्यूटर सिस्टम को हैक करने की कोशिश की थी। इसके अलावा पिछले साल दिसंबर में यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी पर हैकर्स द्वारा सफलतापूर्वक हमला किया गया था। इन खबरों के सामने आने के बाद भारत भी सतर्क हो गया है। वैक्सीन मैसर्क को भी सतर्कता बरतने के निर्देश जारी कर दिये गये हैं। 

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