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7 नवम्बर को एक मुट्ठी होंगे भट्टा मालिक, मजदूर और किसान

एनजीटी के आदेशों के चलते ईंट भट्टा कारोबार बन्द होने के बाद आंदोलन पर उतरे भट्टा कारोबारियों को लगातार मिल रहा है समर्थन, आंदोलन जनकल्याण के संयोजक प्रमोद कुमार ने सरकार से भूख और रोजगार पर नीति स्पष्ट करने की मांग की है।

7 नवम्बर को एक मुट्ठी होंगे भट्टा मालिक, मजदूर और किसान
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मुजफ्फरनगर। एनजीटी के प्रदूषण संबंधी आदेशों के चलते बन्द पड़े ईंट भट्टों का संचालन पुनः कराये जाने की मांग को लेकर ईंट भटृटा कारोबारियों के प्रस्तावित आंदोलन को लगातार समर्थन मिल रहा है। इस मामले में गांव गांव और शहर शहर मीटिंगों का दौर चल रहा है।

आज कुलदीप त्यागी ग्राम नावला के आवास पर आंदोलन जनकल्याण के संयोजक प्रमोद कुमार की अध्यक्षता में एक पंचायत का आयोजन हुआ। सबसे पहले एनएच 58 पर नावला हेतु फ्लाईओवर के लिए संघर्ष करने और पास करवाने के लिए गांव वालों ने प्रमोद कुमार का पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। प्रमोद कुमार ने कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार यह तय करें कि उसे लोगों को रोजगार सृजित करने और भूख मिटाने वाले साधन बंद करने हैं या अपनी औद्योगिक विकास दर हेतु प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर अंकुश लगाने की नीति बनानी है। उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को कई बार लिख चुके हैं कि विकास और विनाश आगे पीछे चलते हैं। दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण की मुख्य वजह वाहनों का बढ़ता लोड है। डीजल वाहनों के उत्पादन पर तत्काल बैन लगे।


उन्होंने इस बात पर रोष जताया की पूंजी पतियों के उद्योग जो जनता को परोक्ष या अपरोक्ष रूप में जहर और कैंसर परोस रहे हैं, जिसमें सिगरेट, तंबाकू, पेस्टिसाइड और लोगों के घर बर्बाद करने वाली शराब पर क्यों नहीं बंदी लगती। समर्थ का नहीं दोष गुसाईं, सरकार इस नीति पर कार्य न करें। उन्होंने मौजूद सभी भाइयों से अनुरोध किया कि 7 नवंबर के मुख्यालय पर धरने में शामिल होकर भट्ठा मजदूरों, मालिकों एवं किसान भाइयों की समस्याओं को सरकार के कानों तक पहुंचाने का कार्य करें। इस मौके पर करणवीर प्रधान, बलराम तायल, अजय पाल भैंसी, विनोद जगन्नाथ,रामकुमार लालचंद, देवेंद्र बडसू, कृष्ण त्यागी, दिनेश त्यागी, नरेश कश्यप, फारुख आदि मौजूद रहे।

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