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MUZAFFARNAGAR--लूट के झंझट में फंसे भाकियू जिलाध्यक्ष और दो प्रधानपति

मीरापुर क्षेत्र में क्षेत्रीय वनाधिकारी ने पकड़ी थी प्रतिबंधित पटेरा से भरी ट्रैक्टर ट्राली, प्रधान पुत्र सहित दो को जबरन छुड़ाने और ट्राली लूट ले जाने में दी तहरीर, डीएफओ ने एसएसपी को पत्र लिखकर की कानूनी कार्यवाही की मांग, प्रधानों ने भी वन रेंजर के खिलाफ पुलिस को दी शिकायत, हाईप्रोफाइल मामला होने पर संभल कर कदम उठा रही पुलिस, 48 घंटे बाद भी दर्ज नहीं किया केस, जांच के बाद कार्यवाही का दावा।

MUZAFFARNAGAR--लूट के झंझट में फंसे भाकियू जिलाध्यक्ष और दो प्रधानपति
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मुजफ्फरनगर। वन्य सम्पदा के रूप में दर्ज पटेरा के कटान पर प्रतिबंधत होने के कारण वन विभाग उसकी निगरानी करता है। ऐसे में वन रेंजर के द्वारा चैकिंग के दौरान प्रधान पुत्र को पटेरा से भरी ट्रैक्टर ट्राली और उसके एक साथी के साथ पकड़ लिया गया था। प्रतिबंधित वन उपज के कटाने के आरोप में कार्यवाही करने के लिए दोनों आरोपियों को वाहन सहित वनक्षेत्राधिकारी कार्यालय सिखरेड़ा में लाकर खड़ा कर दिया गया। प्रधान पुत्र के पकड़े जाने की सूचना मिली तो भाकियू तोमर के जिलाध्यक्ष और प्रधान पतियों के साथ आये ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए प्रतिबंधित पटेरा के साथ पकड़े गए प्रधान पुत्र सहित दोनों आरोपियों को छुड़ा लिया और उनसे बरामद पटेरा तथा पकड़ी गई ट्रैक्टर ट्राॅली को ये सभी लोग वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय से लेकर चले गए। इस संबंध में वन रेंजर ने सीओ को घटना के बाद रात में ही तहरीर दे दी थी और थाना पुलिस को भी अवगत कराया, इसके बाद डीएफओ ने भी मामले में आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करते हुए एसएसपी को पत्र लिख, लेकिन मुकदमा दर्ज करने के सवाल पर पुलिस का यही कहना है कि शिकायत मिली है, अभी जांच की जा रही है। वहीं आरोपियों ने भी वन रेंजर के खिलाफ सीओ से शिकायत करते हुए भ्रष्टाचार करने के आरोप में कार्यवाही किये जाने की मांग की है। इस मामले में प्रधान संगठन को भी अवगत कराया गया है।

वन विभाग के क्षेत्रीय वनाधिकारी जानसठ रेंज रविकान्त चैधरी ने 17 अगस्त को सीओ जानसठ शकील अहमद को एक तहरीर दी। इसमें उनके द्वारा बताया गया कि मेरठ पौड़ी मार्ग पर ग्राम शिवपुरी के पास गुरूवार करीब 4.45 पर बैराज की ओर से आते ट्रैक्टर ट्राली को प्रतिबंधित वन उपज पटेरा सहित पकड़ा। इसमें दो लोगों को भी पकड़ा गया, जो पटेरा काटकर ला रहे थे। इसके बाद पटेरा से भरी ट्रैक्टर ट्राली को दो आरोपी सहित रेंज कार्यालय परिसर सिखरेड़ा में लाकर खड़ा किया गया। यह क्षेत्र हस्तिनापुर वन्य जीव विहार के अन्तर्गत आता है। क्षेत्रीय वनाधिकारी का आरोप है कि इसी दिन रात्रि करीब 7.40 बजे प्रधान पति जीवनपुरी पुष्पा के पति गोपाल सिंह और प्रधान कैलापुर जसमौर मनदीप कौर के पति अवतार सिंह उर्फ तारा निवासी ग्राम देवल, भाकियू तोमर के जिलाध्यक्ष अखिलेश चैधरी अपने 20-25 अज्ञात साथियों के साथ शराब के नशे में जबरदस्ती रेंज कार्यालय परिसर सिखरेडा में घुसे और अभद्रता करते हुए हथियारों के बल पर धमकी देते हुए ट्रैक्टर ट्राली व दोनों आरोपियों कुलदीप पुत्र गोपाल निवासी जीवनपुरी थाना रामराज जिला मुजफ्फरनगर व अली जान पुत्र सुख्खा निवासी गांव किथौड़ा थाना मीरापुर को जबरन छुड़ाकर ले गये। आरोप है कि उक्त लोों ने कार्यालय परिसर में अभिरक्षा में खड़ी पटेरा से भरी ट्रैक्टर ट्राली को भी लूटकर ले गये और कार्यवाही करने पर जान से मारने की धमकी दी। इस प्रकराण में दो प्रधानपति, भाकियू तोमर जिलाध्यक्ष और प्रधान पुत्र सहित अन्य आरोपी बनाये जाने पर सीओ जानसठ ने एसएसपी को पत्र भेजा और मामले से अवगत कराया। वहीं घटना के अगले दिन 18 अगस्त को डीएफओ कन्हैया पटेल ने एसएसपी को पत्र लिखकर घटना के सम्बंध में जानकारी देते हुए राजकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने और सरकारी कार्यालय से बलपूर्वक अभिरक्षित संपत्ति को ले जाने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही कराने की मांग की।

इस मामले में सीओ जानसठ शकील अहमद का कहना है कि पटेरा पकड़े जाने और जबरन छुड़ाने को लेकर उनको क्षेत्रीय वनाधिकारी की ओर से तहरीर दी गयी है, मामला गंभीर है। अभी इस प्रकरण में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। पहले जांच कराई जा रही है। जांच के बाद ही अगला निर्णय किया जायेगा। वहीं थाना प्रभारी मीरापुर रवेन्द्र सिंह का कहना है कि उनको अभी कोई भी तहरीर नहीं मिली है। घटना के बारे में उनको सूचना दी गई थी, जिसके आधार पर उनके द्वारा पुलिस टीम गठित करते हुए जांच कराई जा रही है। मामला आला अधिकारियों के संज्ञान में है। वहीं 48 घंटे के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं होने पर कई सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि मामला किसान नेता और दो प्रधान पतियों के साथ जुड़ा होने के कारण पुलिस इसमें संभलकर कदम उठा रही है।

प्रधान पुत्र से वसूले गए 40 हजार रुपयेः इस मामले में आरोपी बनाये गये प्रधान पति अवतार सिंह ने भी थाना मीरापुर में तहरीर दी है। उन्होंने बताया कि गत दिवस ही सीओ जानसठ ने उनको व अन्य आरोपियों को बुलाया था। मामले की जानकारी ली तो हमने भी सच बता दिया। कोई भी अभद्रता नहीं की। अवतार ने थाने मे दी तहरीर में बताया कि प्रधान पुत्र कुलदीप अपना ट्रैक्टर लेकर जा रहा था। वन रेंजर ने उसको पकड़ लिया और मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देकर डराया। इसी बीच डिप्टी रेंजर ने मामला निपटाने के नाम पर 40 हजार रुपये की मांग की गई और कहा गया कि क्षेत्रीय वनाधिकारी रविकान्त को देनी है। दबाव बनाकर पैसा वसूल कर लिया गया। इस मामले में जांच कराकर कार्यवाही करने की मांग की गई है।

वन विभाग के खिलाफ भाकियू तोमर करेगा आंदोलन, बुलाई महापंचायत

भाकियू तोमर मुजफ्फरनगर के जिलाध्यक्ष अखिलेश ने मामले को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि हम आज भी मीरापुर थाना प्रभारी से मिले और अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि बिजनौर के जंगल से जंगली घास आता है। ये लोग ही इसकी तस्करी कराते हैं, पैसा बंधा हुआ है। गुरूवार को प्रधान पुत्र कुलदीप को पकड़ा गया और पैसे दिये जाने के बाद भी झूठी तहरीर दी गई। हमें लुटेरा बताया गया। वन विभाग के अफसर ही अवैध वसूली के लिए क्षेत्र में पेड़ों का कटान और रेत खनन करा रहे हैं। इनकी जांच की मांग को लेकर हम आंदोलन करेंगे और इस प्रकरण में भी महापंचायत होगी।

हम सहयोग करते हैं, हमें ही फंसा दियाः जीवनपुरी के प्रधान पति गोपाल सिंह का कहना है कि हम सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों में वन विभाग का सहयोग करते रहते हैं, लेकिन अवैध उगाही के लिए हमें ही फंसा दिया गया। उनका कहना है कि अली जान ने बिजनौर क्षेत्र में पटेरा काटने का काम ले रखा है। उसने पटेरा काटा था, जो बाढ़ में बहकर इधर आ गया। यहां पर उसने पटेरा एकत्र किया और सूखने के बाद ले जा रहा था। रास्ते में मेरा पुत्र जोकि मीरापुर से ढुल्ले से सामान लेकर आ रहा था, मिला और अली जान के आग्रह पर उसने पटेरा ट्रैक्टर ट्राली में रखवा लिया। इसी बीच उसको वन विभाग की टीम ने पकड़ लिया। बेटा का फोन आया तो मैंने प्रधान पति अवतार को जानकारी दी, उस दौरान भाकियू तोमर जिलाध्यक्ष भी उसके पास बैठे थे, तो वो सभी आ गये और कार्यालय जाकर हमने बातचीत कर मामला निपटाया और वाहन व दोनों लोगों को लेकर आ गये। उनका कहना है कि बाद में पैसों के बंटवारे में वन विभाग की टीम के कर्मियों में झगड़ा हुआ तो वनाधिकारी ने ये झूठा मामला बना दिया। हमने भी तहरीर दे दी है। पुलिस निष्पक्ष जांच कराये।

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