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कुर्सी संभालते ही जनविश्वास जीतने निकले आईपीएस सतपाल

साल 2015 बैच के आईपीएस सतपाल अंतिल को सीएम योगी ने फ्रंट फुट पर खेलने का मौका देकर अश्वस्थामा की नगरी फतेहपुर में कप्तान बनाया। रोहित सांडू जैसे गैंगस्टर की चुनौती को अपनी इंटेलिजेंस पुलिसिंग के सहारे 14 दिनों में ही सुलझाकर रख देने वाले आईपीएस सतपाल हरियाणा के सोनीपत से ताल्लुक रखते है और पुलिस सर्विस के शुरूआत में उनको मेरठ व मुजफ्फरनगर जैसे अपराधियों के गढ़ में तैनाती मिली, जिससे वह अपराधियों के मिजाज से भली प्रकार वाकिफ हैं और अब फतेहपुर में पुलिस कप्तान की नई पारी खेलने को तैयार हैं।

कुर्सी संभालते ही जनविश्वास जीतने निकले आईपीएस सतपाल
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फतेहपुर। पुलिस सर्विस लाइफ में अपने ट्रेनिंग के दिनों में उत्तर प्रदेश में अपराधियों के गढ़ से मशहूर मेरठ और क्राईम कैपिटल माने जाने वाले मुजफ्फरनगर जैसे जिलों में कमाल की पुलिसिंग करने वाले आईपीएस सतपाल अंतिल अब कप्तान के रूप में पूर्वी उत्तर प्रदेश और गंगा व जमुना के दोआब वाले जिले फतेहपुर में फोर्स की कमांड संभाल चुके है। पुलिस कप्तान के रूप में कुर्सी संभालने के साथ पहले ही दिन आईपीएस सतपाल अंतिल जनविश्वास जीतने के लिए सड़कों पर उतरे नजर आये। वह व्यापारियों के बीच पहुंचे, उनको सुरक्षा का भरोसा जगाया, गलियों में घूमकर लोगों से मिले, उनको परिवर्तन का विश्वास जगाते नजर आये तो वहीं थानों में पहुंचकर निरीक्षण किया और अश्वस्थामा की इस नगरी में एक नई पुलिसिंग का संकेत देने का काम किया।


अभी तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपराधियों के आतंक के लिए मशहूर रहने वाले जिलों में अपनी पुलिस सर्विस के शुरूआती दिनों में गजब की एग्रीसिव पुलिसिंग करते हुए अपराधियों के होश उड़ाकर रख देने वाले आईपीएस सतपाल अंतिल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फ्रंट फुट पर आकर बेटिंग करने का अवसर प्रदान करते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश में एक ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी के रूप में प्रसि( फतेहपुर जनपद में पुलिस कप्तान की जिम्मेदारी दी है। गुरूवार को आईपीएस सतपाल अंतिल ने फतेहपुर के पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया। कुर्सी संभालते ही आईपीएस सतपाल अंतिल ने अपराधियों के खिलाफ आॅपरेशन क्लीन के संकेत देतेे हुए अपने कड़े तेवर दिखाये तो वहीं अपनी गुड पुलिसिंग का परिचय भी वह कराने में पीछे नहीं हटे। चैलेंजिंग परिस्थितियों में भी अपनी मधुर मुस्कान से हर सवाल का तोड़ तलाशने की कार्यशैली रखने वाले आईपीएस सतपाल अंतिल जब चार्ज संभालने के बाद फतेहपुर की सड़कों पर बतौर एसपी जनता के बीच विश्वास जगाने के लिए निकले तो लोगों ने भी अपने नये कप्तान का दिलखोलकर स्वागत किया। सवेरे चार्ज संभालने के बाद जब शाम ढलते ही लाव लश्कर के साथ आईपीएस सतपाल अंतिल ने सड़क पर पैदल मार्च किया तो पहले तो सड़कों पर इतनी फोर्स को देखकर लोगों में एक डर बना, लेकिन जब उनको पता चला कि नया कप्तान जनसंवाद करने के लिए और जनविश्वास जीतने के लिए जनता के बीच आया है तो लोगों ने भी हर जगह नये पुलिस कप्तान सतपाल अंतिल का स्वागत किया।

उनके साथ खुलकर बात की और फतेहपुर की मेहमाननवाजी का भी परिचय दिया। आईपीएस सतपाल भी कप्तान के रूप में जनता के बीच मित्र पुलिस का संदेश देते हुए नजर आये। एसपी सतपाल ने बिना मास्क के घूम रहे लोगों को रोका और टोका, लेकिन उनके खिलाफ सख्ती करने बजाये दोस्ताना व्यवहार से उनको उनकी गलती का अहसास कराने में देर नहीं की। इन लोगों से बात करते हुए एसपी सतपाल ने मास्क न लगाकर निकलने का कारण जाना। इसके बाद लोगों से कहा कि संक्रमण से बचाव के लिए मास्क लगाकर ही निकलें। उन्होंने यह भी समझाया कि ऐसा नहीं करने पर आगे सख्त कार्रवाई होगी। इसके बाद एसपी सतपाल अंतिल फतेहपुर शहर के प्रमुख चैक बाजार में घूमे एसपी ने लेागों में सुरक्षा का एहसास कराया। यहां पर स्थित सर्राफा बाजार गये। वहां सराफा व्यापारियों की दुकानों पर जाकर उनके साथ मुलाकात की। उनको विश्वास दिलाया कि सुरक्षा के लिए पुलिस मुस्तैद है। इन व्यापारियों से किसी भी छोटी से छोटी घटना की सूचना देने के लिए अपील की। गलियों में घूमते हुए छोटे दुकानदारों और व्यापारियों से मिलकर बाजार की समस्या, पुलिस व्यवस्था और सुरक्षा बंदोबस्त को लेकर भी बात की, उनके विचार जाने और पूरी तरह से एक मित्र पुलिस की नीति का संकेत देते हुए लोगों के बीच फतेहपुर में आने वाले दिनों में एक नई पुलिसिंग होने का विश्वास जगाया। बाजार के दौरे के बाद उन्होंने सदर कोतवाली का औचक निरीक्षण किया। महिला हेल्प डेस्क और कोविड डेस्क के क्रियाकलापों का बारीकी से निरीक्षण किया। कोतवाली में रखे अभिलेखों का निरीक्षण करते हुए उसे अपडेट रखने के निर्देश संबंधित को दिए। मातहतों की क्लास लेते हुए कहा कि वाहन चोरों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाये। सरेराह मोबाइल छिनैती आदि की घटनाएं क्षम्य नहीं होंगी।


आईपीएस सतपाल अंतिल ने अपनी ट्रेनिंग के शुरूआती दिनों में मेरठ में पोस्टिंग के दौरान एडीजी मेरठ जोन रहे और वर्तमान में एडीजी कानून एवं व्यवस्था प्रशांत कुमार के साथ काम किया। मेरठ में जहां उनको मोबाइल चोरी की सैंकड़ों वारदातों का खुलासा करते हुए चोरी गये मोबाइल फोन बरामद कर लोगों तक पहंुचाने के लिए जाना जाता है, तो वहीं हरियाणा के सोनीपत में 9 अगस्त 1986 को जन्मे सतपाल अंतिल को मुजफ्फरनगर में तैनाती के दौरान ढाई लाख रूपये के ईनामी कुख्यात बदमाश रोहित सांडू व उसके गिरोह के सफाये के लिए हमेशा याद किया जायेगा। इस एनकाउंटर के लिए उनको राष्ट्रपति पदक से नवाजा गया है। रोहित सांडू मुजफ्फरनगर के साथ ही यूपी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया था। इस केस को सुलझाने के लिए आईपीएस सतपाल अंतिल ने इंटेलिजेंस पुलिसिंग की अपनी प्रभावी कार्यशैली का प्रदर्शन करते हुए शासन स्तर तक प्रशंसा हासिल की थी। साल 2015 बैच के आईपीएस सतपाल अंतिल ने मुजफ्फरनगर में रहते हुए कई बड़ी चुनौतियों को सुलझाने की जिम्मेदारी को बखूबी निभाया। 20 दिसम्बर 2019 सीएए विरोधी प्रदर्शन में वह मोर्चे पर डटे और पथराव में घायल भी हुए थे, अयोध्या को लेकर जब फैसला आया तो वह कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए दिन रात जनता के बीच रहे। कांवड यात्रा को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए जनता के साथ मिलकर काम किया, तो वहीं कोरोना संकट के दौरान पुलिस का हौसला बढ़ाने के लिए वह संक्रमण के भय को दरकिनार करते हुए काम में जुटे रहे। यहां तक कि वह खुद भी कोरोना का शिकार हुए लेकिन दृढ़ विश्वास के कारण वह करीब 45 दिनों के बाद कोरोना को पराजित करते हुए वापस ड्यूटी पर लौटे और आज इस आईपीएस के हाथों गणेश शंकर विद्यार्थी की जन्म स्थली को अपराधमुक्त बनाने की बड़ी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सौंपी हैं।

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