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जयंत का ऐलान-अब 17 को चलो बुलन्दशहर

हाॅट हाथरस में एक लाठी से उपजे विवाद ने राष्ट्रीय लोकदल को संजीवनी देने का काम किया है, यह तो मुजफ्फरनगर में 8 अक्टूबर को रालोद की लोकतंत्र बचाओ पंचायत ने साबित कर दिया था, लेकिन आज मथुरा में किसान बचाओ महापंचायत में उमड़ी भीड़ ने जयंत के विरोधियों की टिप्पणी उन टिप्पणी को बौना साबित करने का काम किया है, जोकि मुजफ्फरनगर की रैली के बाद की जा रही थी। इसके साथ ही रालोद उपाध्यक्ष जयंत ने इन महापंचायत के सहारे बुलन्दशह फतेह का मिशन भी तय कर दिया है।

जयंत का ऐलान-अब 17 को चलो बुलन्दशहर
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मथुरा। रालोद के जयंत चौधरी भाजपा सरकारों की नीतियों को गलत साबित करने के लिए किसानों की एक बड़ी पंचायत में मुजफ्फरनगर से ज्यादा भीड़ मथुरा में जुटाने में सफल नजर आये। वहां उन्होंने सीधे तौर पर ही इस लड़ाई को बुलन्दशहर की सदर सीट पर हो रहे उपचुनाव से जोड़ दिया। इस महापंचायत में जयंत चौधरी ने उत्तर प्रदेश, हरियाण, राजस्थान और पंजाब के किसानों को एक सूर में पिरोने का काम कर दिखाया। मुजफ्फरनगर के बाद मथुरा की इस महापंचायत में सरकार के खिलाफ विपक्ष का आक्रोश देखने लायक था। इस भीड ने विपक्ष को नया तेज देने का काम किया है। मंच से जयंत चौधरी ने जब 17 अक्टूबर को बुलन्दशहर चलने का आह्नान किया तो भीड़ का जोश भी दोगुना हो गया।


सोमवार को केन्द्र और राज्य सरकार के किसान विरोधी निर्णयों और कृषि कानूनों, हाथरस में लाठीचार्ज सहित अन्य मुद्दों को लेकर रालोद की किसान बचाओ महापंचायत सोमवार को हाईवे पर बालाजीपुरम में आयोजित हुई। पांच वरिष्ठ लोगों को महापंचायत का पंच बनाया गया, इसमें शंकरलाल गौतम, योगेंद्र सिंह, नारायण सिंह विप्लवी, यशपाल सिंह बघेल और ठा. बंगाली सिंह शामिल रहे।


इस पंचायत में सपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव, सपा के विधान परिषद सदस्य संजय लाठर, उदयवीर सिंह, पूर्व विधान परिषद सदस्य असीम यादव और जिलाध्यक्ष लोकमनीकांत जादौन, इनेलो महासचिव अभय सिंह चौटाला, अकाली नेता जगजीत सिंह भराल प्रमुख रूप से आदि शामिल हुए।

इस मंच से जयंत चौधरी हाथरस की लाठी को किसानों के मान, सम्मान और स्वाभिमान से जोड़ते हुए नजर आये। उन्होंने अपनी चिर परिचित शैली में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाये और युवाओं के जोश को भी दोगुना करने में वह पीछे नहीं रहे।

उन्होंने मंच से ऐलान किया कि अब 17 अक्टूबर को बुलन्दशहर में किसान बचाओ-लोकतंत्र बचाओ महापंचायत का आयोजन होगा। इसमें उन्होंने किसानों को भारी संख्या में पहुंचने का आह्नान किया।


बता दें कि बुलन्दशहर की सदर विधानसभा सीट पर 3 नवम्बर को उपचुनाव के लिए मतदान होना है। यहां से 2017 में भाजपा के टिकट पर विरेन्द्र सिंह विधायक बने थे, जिनके निधन के बाद यह सीट रिक्त चल रही थी। इस उपचुनाव का परिणाम 10 नवम्बर को यूपी की अन्य सात सीटों के चुनाव परिणाम के साथ घोषित किया जायेगा। यहां पर रालोद ने प्रवीण सिंह को प्रत्याशी बनाया है, जबकि गठबंधन का धर्म निभाते हुए सपा ने यहां पर अपना टिकट नहीं दिया है।

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