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मंत्री जी के उद्घाटन के बाद भी कोविड अस्पताल सूना

जनपद में रोजमर्रा कोरोना पाजिटिव केस 100 या इसके आसपास की संख्या लेकर सामने आ रहे हैं, वर्तमान में 1156 एक्टिव केस होने के बावजूद भी स्वास्थ्य विभाग कोविड-19 एल-1 का दूसरा अस्पताल शुरू नहीं कर पाया है। जबकि केन्द्र और राज्य सरकार के दो मंत्रियों ने मिलकर इस अस्पताल का उद्घाटन भी कर दिया है, यहां स्टाफ है, लेकिन कोरोना मरीजों को नहीं रखा जा रहा है।

मंत्री जी के उद्घाटन के बाद भी कोविड अस्पताल सूना
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मुजफ्फरनगर। जनपद में कोरोना संक्रमण अब थामे नहीं थम रहा है, लेकिन विभागीय स्तर पर लापरवाही का आलम यह है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा स्वयं मुजफ्फरनगर के हालात को लेकर चिंता व्यक्त करने के बाद भी अफसरों की कुंभकर्णी नींद नहीं टूट रही है। जनपद में 16 सितम्बर तक 1156 कोरोना एक्टिव केस स्वास्थ्य विभाग के सामने थे, लेकिन इनमें से कोविड-19 एल-1 अस्पताल में केवल 119 को ही भर्ती कराया गया है। गाजे-बाजे के साथ जिले में भोपा रोड पर द्वारिका सिटी में जिस दूसरे कोविड-19 एल-1 अस्पताल का दो मंत्रियों ने उद्घाटन किया था, वह शुरू होने के 15 दिन बाद भी कोरोना मरीजों के आने की बांट जोह रहा है। इस अस्पताल में चिकित्सक हैं, स्टाफ है लेकिन कोरोना मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने अब मानकों के विपरीत कोरोना मरीजों को होम आइसोलेट करने पर ही ज्यादा जोर दे रखा है।


मुजफ्फरनगर जनपद में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने कई इंतजाम किये, लेकिन सारी व्यवस्था बेमानी साबित हो रही है। अब लगातार 100 के करीब कोरोना पाजिटिव केस प्रतिदिन जनपद में सामने आ रहे हैं। संक्रमण के लगातार बढ़ने को देखते हुए जिला प्रशासन ने जनपद में कोविड एल-1 का नया अस्पताल बनाने का काम किया। इसके लिए भोपा रोड पर द्वारिका सिटी को चुना गया। जानसठ रोड पर द्वारिका सिटी में बने 52 एलआईजी फ्लैट्स और 36 ईडब्लूएस आवास का जिलाधिकारी ने अधिग्रहण कर इनमें अतिरिक्त लेविल वन कोविड केयर सैंटर बनाने का निर्णय तो स्वास्थ्य विभाग ने सीएमओ के नेतृत्व में इसमें चिकित्सीय सुविधा का प्रबंध शुरू कर दिया था। इसके लिए एक एमबीबीएस डाक्टर सहित कुल 13 चिकित्सकों को मानदेय पर रखा गया। 5 सितम्बर को केन्द्रीय मंत्री डा. संजीव बालियान और राज्य सरकार के मंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल ने संयुक्त रूप से द्वारिका सिटी में बने 200 बैड के इस कोविड एल-1 अस्पताल का शुभारंभ भी कर दिया, लेकिन करीब एक पखवाड़े बाद तक भी द्वारिका सिटी कोविड एल-1 अस्पताल में कोरोना मरीजों को भर्ती नहीं कराया जा रहा है। इसका प्रभारी नगर मजिस्ट्रेट अभिषेक कुमार सिंह को बनाया गया है। उनका कहना है कि इन फ्लैट्स में बैड और मेडिकल सुविधा की व्यवस्था कर दी गई है।

विभागीय सूत्रों के अनुसार जनपद में 16 सितम्बर तक 1156 कोरोना पाजिटिव मरीज सामने आये थे। इतनी संख्या में कोरोना एक्टिव केस होने के बावजूद भी जनपद में दूसरा कोविड अस्पताल शुरू नहीं करा पाने को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार 1156 कोरोना पाजिटिव लोगों में से 119 मरीज मुजफ्फरनगर मेडिकल काॅलेज बेगराजपुर के कोविड एल-1 अस्पताल वार्ड में 17 सितम्बर तक भर्ती हैं। अस्पताल सूत्रों के अनुसार इनमें से 20 रोगियों को गुरूवार को ही डिस्चार्ज कर दिया गया है। ऐसे में वहां पर 99 मरीज ही शेष रह जाते हैं। जबकि इस अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग 400 बैड का प्रबंध होने का दावा करता है। इसके बाद भी लोगों को होम आइसोलेट करने पर ही जोर दिया जा रहा है। आज तक जिले में 877 कोरोना मरीज होम आइसोलेशन में रखे गये हैं। जबकि इनमें से कई मरीज के घर ऐसे हैं, जहां पर होम आइसोलेशन के लिए तय किये गये नियमों का पालन ही नहीं हो पा रहा है। इसके अतिरिक्त 46 कोरोना पेशेंट मेरठ, 59 कोरोना मरीज दिल्ली, 28 कोरोना पाजिटिव गाजियाबाद और 27 कोरोना संक्रमित रोगी नोएडा के अस्पतालों में भर्ती रहकर अपना उपचार करा रहा हैं।

सीएमओ डा. प्रवीण चोपड़ा से इस संबंध में बात की गयी तो उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। उनका कहना है कि स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना संकट से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर रखी है। जनपद में बेगराजपुर, द्वारिका सिटी के अलावा आयुर्वेदिक काॅलेज रामपुर में 70 बेड का कोविड एल 1 अस्पताल के लिए प्रबंध हैं। इसके अलावा छपार क्षेत्र में स्थित भारत आयुर्वेदिक काॅलेज में कोविड एल-2 अस्पताल के लिए तैयारी चल रही हैं। बता दें कि कोविड एल-1 अस्पताल द्वारिका सिटी में स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिकित्सकों के साथ ही चिकित्सा स्टाफ और स्वीपर तक भी तैनाती कर दी गयी है। गुरूवार को भी कुछ स्वीपर को वहां पर भेजा गया है।

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