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रिंकू सिंह राही प्रकरण-12 साल बाद सपा नेता मुकेश चौधरी बाइज्जत बरी

मुजफ्फरनगर जनपद में शुल्क प्रतिपूर्ति और अन्य छात्रवृत्ति में बड़ी धांधली उजागर करने पर तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी रिंकू सिंह राही की हत्या करने के लिए पेशेवर शूटरों ने उन्हें गोलियों से घूम दिया था। संयोगवश इस हमले में रिंकू सिंह राही बच गए थे।

रिंकू सिंह राही प्रकरण-12 साल बाद सपा नेता मुकेश चौधरी बाइज्जत बरी
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मुजफ्फरनगर। जनपद में करीब 12 साल पहले हुए एक कातिलाना हमले में अदालत में आज अपना फैसला सुनाया है। इस मामले में आरोपी बनाए गए सपा नेता मुकेश चौधरी को बरी कर दिया गया है। उनके साथ अदालत में तीन अन्य आरोपियों को भी बरी किया है, जबकि कातिलाना हमले में शामिल रहे तीन मुख्य शूटरों के साथ ही चार आरोपियों को 10-10 साल की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही अदालत द्वारा आरोपियों पर अर्थदंड भी लगाया गया है। अदालत का फैसला आने के बाद बाइज्जत बरी हुए सपा नेता मुकेश चौधरी ने इसे सच्चाई की जीत बताते हुए खुशी जाहिर की है। इस मामले में गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट मैं सपा नेता मुकेश चौधरी पहले ही बरी हो चुके हैं।

बता दें कि जनपद मुजफ्फरनगर में तैनात रहे पूर्व समाज कल्याण अधिकारी रिंकू सिंह राही द्वारा विभागीय स्तर पर चलाए जाने वाली शुल्क प्रतिपूर्ति एवं अन्य छात्रवृति योजनाओं में बड़ा घोटाला उजागर किया था इसके बाद रिंकू सिंह राही पर गत 26 मार्च 2009 को शाम के समय आर्य समाज रोड पर स्थित प्लानिंग दफ्तर कॉलोनी में उनके सरकारी आवास के बाहर उस समय कातिलाना हमला हुआ था जब वह बैडमिंटन खेल कर घर लौट रहे थे। इस मामले में सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसमें तीन शूटरों बाबी उर्फ पंकज , अमित छोकर तथा प्रह्लाद सिंह को गिरफ्तार किया गया था।


पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में मुख्य आरोपी के रुप में सपा नेता मुकेश चौधरी तथा समाज कल्याण विभाग के एकाउन्टेंट अशोक कश्यप के साथ ही परमीत, ब्रजमोहन और आदेश ठाकुर के भी नाम सामने आए थे। इस मामले में सपा नेता मुकेश चौधरी पर गैंगेस्टर तथा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के अन्तर्गत भी कार्रवाई की गई थी। गैंगस्टर और रासुका में मुकेश चौधरी बरी हो गए और दिसंबर 2009 में विशेष न्यायाधीश राजबहादुर सिंह ने धोखाधडी व दलित उत्पीड़न के आरोपी मुकेश चौधरी को एक-एक लाख रुपए के दो मुचलकों पर जमानत दे दी थी, तभी से वह इस हाई-प्रोफाइल केस में जमानत पर थे। जबकि छह आरोपियों बॉबी उर्फ पंकज, अशोक कश्यप, प्रह्लाद सिंह, अमित कुमार छोकर और आदेश ठाकुर पर गैंगस्टर बाकी रहा।

आज इस मामले में विशेष न्यायालय एससी एसटी एक्ट के न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार पांडे ने अपना फैसला सुनाते हुए सपा नेता मुकेश चौधरी को बाइज्जत बरी कर दिया है। मुकेश चौधरी के अधिवक्ता एडवोकेट नासिर अली और एडवोकेट राकेश कुमार कश्यप ने इस मामले में न्यायालय में कुल 22 गवाह पेश किए।


एडवोकेट राकेश कुमार कश्यप ने बताया कि 2009 में रिंकू सिंह राही पर हुए जानलेवा हमले और दलित उत्पीड़न मामले को लेकर आज अदालत का फैसला आ गया है। अदालत में इस मामले में रिंकू सिंह राही पर हमला करने के आरोप में शूटर बॉबी उर्फ पंकज प्रहलाद सिंह अमित कुमार छोकर के साथ ही समाज कल्याण विभाग के तत्कालीन लिपिक अशोक कश्यप को दोषी मानते हुए सभी को 10-10 साल के कारावास और ₹20000 जुर्माने की सजा सुनाई है।

उन्होंने बताया कि अदालत में मुकेश चौधरी परमीत बृजमोहन और आदेश ठाकुर को बरी कर दिया है। इसके साथ ही पुलिस द्वारा लगाए गए आर्म्स एक्ट के मामले में अदालत में मुकेश चौधरी के साथ ही बॉबी और पंकज प्रह्लाद सिंह और अमित कुमार छोकर को भी बरी कर दिया है। अदालत का फैसला आने के बाद सपा नेता मुकेश चौधरी ने इसे सच्चाई की जीत बताते हुए कहा कि उन्हें पूरा विश्वास था कि वह इस इस मामले में अदालत से इंसाफ हासिल करेंगे। उन्होंने अदालत के फैसले को हक का निर्णय बताते हुए खुशी जताई है।

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