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शुगर है तो संभलें, घातक हो सकता है कोरोना संक्रमण

सीएमओ डा. प्रवीण चोपडा बोले-कोरोना के उपचार में दी जा रही दवाईयों से तेजी से बढ़ता है शुगर का स्तर, शुगर के मरीजों को ज्यादा सावधानी बरतने पर दिया जोर

शुगर है तो संभलें, घातक हो सकता है कोरोना संक्रमण
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मुजफ्फरनगर। साइलेंट किलर यानी डायबिटीज ;शुगरद्ध की बीमारी लगातार बढ़ रही है। आलम यह है कि वर्तमान में डायबिटीज से पांच में एक व्यक्ति ग्रसित है। खानपान की अनियमितता, वर्तमान शैली में शारीरिक श्रम की कमी के कारण पिछले दशकों में दुनिया के हर देश में मधुमेह रोगियों की संख्या बढ़ी है। वहीं विशेषज्ञों की मानें तो शारीरिक श्रम और योग से मधुमेह जैसे रोग को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन इसी बीच कोरोना वायरस संक्रमण से हो रही मौतों को लेकर नया मामला सामने आ रहा है। शुगर के मरीजों के लिए कोरोना वायरस घातक साबित हो रहा है। इसमें दी जा रही दवाईयों से शुगर का स्तर तेजी से बढ़ने के कारण मल्टी आर्गन फेलियर इन मरीजों को मौत तक ले जा रहा है। सीएमओ डा. प्रवीण कुमार चोपडा ने शुगर के मरीजों को कोरोना संक्रमण से बचने के लिए विशेष सावधानी बतरने की सलाह दी है।

पूरी दुनिया में बुरी तरह से फैल चुके कोरोना वायरस को लेकर विशेषज्ञ लगातार शोध कर इस वायरस के व्यवहार को जानने की कोशिश में जुटे हैं। हाल ही फ्रांस में हुई एक स्टडी में सामने आया है कि कोरोना से मरने वाले मरीजों में शुगर से ग्रसित लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो चिता का विषय है। रिसर्च में पाया है कि डायबिटीज के जिन मरीजों को कोरोना का संक्रमण हो जाता है, ऐसे 10 मरीजों में से एक मरीज मात्र 7 दिन के अंदर ही दुनिया छोड़ रहा है। इतना ही नहीं शुगर के मरीज जो कोरोना संक्रमित हैं, उनमें हर 5 में से एक मरीज को वेंटिलेटर की जरूरत पड़ रही है। यह रिजल्ट समझा रहा है कि, डायबिटीज के मरीजों के लिए कोरोना का संक्रमण बहुत घातक है। सीएमओ डा. प्रवीण कुमार चोपडा ने भी इस बात की तस्दीक की है कि कोरोना संक्रमण वाले व्यक्ति को यदि शुगर है तो उसके लिए यह महामारी बेहद घातक साबित हो सकती है। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण से पीड़ित लोगों को उपचार के दौरान जो दवाईयां दी जा रही हैं वह स्ट्रायड हैं। इन दवाईयों का सेवन करने से मानव शरीर में शुगर का स्तर तेजी से बढ़ता है। ऐसे में शुगर के मरीजों में इसको कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है। हालांकि उनके लिए इंसुलिन आदि का प्रयोग किया जाता है, लेकिन इसके बाद शुगर के मरीजों को जान का नुकसान का खतरा तेजी से बढ़ता है। कोरोना का शिकार होकर जीवन और मृत्यु के संकट में फंसने वाले अधिकतर शुगर के मरीज टाइप-2 डायबिटीज का शिकार हैं। टाइप-2 डायबिटीज हमारे खान-पान और जीवनशैली के कारण होने वाला शुगर का रोग है।

सीएमओ डा. प्रवीण चोपडा के अनुसार कोरोना संक्रमण से मेडिकल हिस्ट्री वाले मरीजों को बच कर रहना चाहिए, लेकिन हृदय रोगी को ज्यादा संभलने की जरूरत है। जनपद सहित देश में बढ़ रहे संक्रमण में अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीजों की अपेक्षा हृदय रोगियों के भी संक्रमित होने का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। हालांकि ऐसे लोग थोड़ी अतिरिक्त सावधानी बरत कर संक्रमण से बच सकते हैं। यूं तो मधुमेह रोग से पीड़ित मरीजों की तुलना में अब हृदय रोगी भी इस संक्रमण की चपेट में ज्यादा आ रहे हैं। ऐसे रोगी यदि कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए तो उन्हें बचाना बहुत मुश्किल हो जाता है। हृदय रोगियों के व्यक्तियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता आम मरीजों की तुलना में बहुत कमजोर होती है। सीएमओ डा. प्रवीण चोपडा का कहना है कि कोरोना वायरस का दूसरा प्रभाव भी तेजी से बढ़ने की संभावना है, ऐसे में शुगर व हार्ट सहित अन्य मेडिकल हिस्ट्री वाले मरीजों के साथ साथ बुजुर्गों को भी पूरी सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

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