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कोरोना से निराश्रित बच्चों को मिला सरकार का सहारा

उ.प्र. मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में पात्र बच्चों को मिली आर्थिक सहायता, 128 बच्चों को मिला योजना का लाभ, बाल सेवा योजना में प्रदेश में तीसरे नम्बर पर पहुंचा मुजफ्फरनगर, 160 पात्रों का हुआ है चयन

कोरोना से निराश्रित बच्चों को मिला सरकार का सहारा
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मुजफ्फरनगर। कोरोना संक्रमण काल में 01 मार्च 2020 से संक्रमण के कारण अपने माता पिता या किसी एक को खो देने वाले बच्चों के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक विकास के लिए उत्तर प्रदेश सरकार एक अभिभावक बनकर सामने आयी है। इस महामारी में अपनों को खो देने वाले निराश्रित बच्चों के संरक्षण के लिए चलाई गई उ.प्र. मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का आज राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुभारंभ किया। इसके साथ ही अनाथ हुए बच्चों को भरण पोषण, शिक्षा और संरक्षण के लिए आर्थिक मदद पहुंच गयी। जिले में 84 परिवारों के 160 बच्चों का चयन पात्रता के आधार पर इस योजना के लिए किया गया है। इनमें से 128 बच्चों को योजना की प्रथम तिमाही के लिए धनराशि उनके अभिभावकों के बैंक खातों में हस्तांतरित कर दी गयी है। 14.52 लाख रुपये इन बच्चों के लिए जनपद स्तर पर जारी किये गये हैं। शेष बच्चों को लाभान्वित करने की योजना पर कार्यवाही जारी है।


आज लोक भवन लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में उ.प्र. मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का शुभारम्भ हुआ। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सभी जनपदों में किया गया। यहां कलेक्ट्रेट स्थित चै. चरण सिंह सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में योजना के पात्र परिवारों के बच्चों को भी लाभान्वित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक उमेश मलिक और विधायक प्रमोद उटवाल मौजूद रहे। डीएम सेल्वा कुमारी जे. ने पुष्प देकर उनका स्वागत किया। दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। सबसे पहले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का उद्बोधन सुनाया गया। इसके बाद जनप्रतिनिधियों ने योजना के पात्र 10 बालक बालिकाओं को बाल सेवा योजना के अन्तर्गत स्वीकृति प्रमाण पत्र वितरित किये। कार्यक्रम करीब 50 बच्चों को बुलाया गया था। इन बच्चों को चाकलेट देकर उनका स्वागत किया गया।


कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए विधायक प्रमोद उटवाल ने कहा कि कोरोना महामारी से निपटने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक सराहनीय कार्यक्रम बनाकर बेहतर व्यवस्था देने का काम किया। आज देश के दूसरे राज्यों सहित कई देशों ने सीएम योगी के कोराना काल के दौरान प्रबंधन की प्रशंसा की है। उन्होंने का कि इस महामारी ने काफी परिवारों को निराश्रित किया है। ऐसे में सरकार इन परिवारों के लिए एक संरक्षक बनकर सामने आयी है। हमने भी अपने क्षेत्र में ऐसे परिवारों को 5-5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देकर उनकी मदद करने का प्रयास किया है। यह योजना निश्चित रूप से इन परिवारों के बच्चों को स्वावलंबी बनाने मं सहायका होगी। विधायक उमेश मलिक ने कहा कि कोरोना काल में जितने बेहतर ढंग से सरकार ने काम किया है, उसमें जिला प्रशासन के सभी अधिकारियों ने मिलकर जनता को सुरक्षा और व्यवस्था दिलाने में दिन रात काम किया है। इस महामारी में प्रशासन ने योजना से सभी जरूरतमंद परिवारों को जोड़ने में संवेदनशील होकर काम किया है। उन्होंने कहा कि यह योजना भाजपा के सबका साथ सबका विकास के संकल्प को पूरा करती है। आज इन परिवारों को यह महसूस हुआ है कि सरकार उनके दुख में उनकी जरूरत में उनके साथ एक अभिभावक बनकर खड़ी है। इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम का संचालन जिला प्रोबेशन अधिकारी मौहम्मद मुशफेकीन ने किया। इस दौरान सीडीओ आलोक यादव, एडीएम प्रशासन अमित सिंह, सीएमओ डा. महावीर सिंह फौजदार, बीएसए मायाराम, समाजसेवी बीना शर्मा, डीपीओ आफिस में कार्यरत शिवांगी बालियान, नीना त्यागी, रेनू सिंह, हेमलता, पूजा, विदिशा, आरिफ आदि मौजूद रहे।

121 बच्चों को मिले 14.52 लाख

मुजफ्फरनगर। उ.प्र. बाल सेवा योजना के शुभारम्भ के साथ ही कोरोना महामारी में अपने माता पिता और संरक्षकों को खोने वाले बच्चों के पालन पोषण, शिक्षा और संरक्षण के लिए जिला प्रशासन ने भी पूरी कटिब(ता से काम किया है। इस योजना में जुलाई से सितम्बर तक की तिमाही के लिए प्रत्येक पात्र बच्चे को 12-12 हजार रुपये की धनराशि से लाभान्वित किया गया है।


जिला प्रोबेशन अधिकारी मौहम्मद मुशफेकीन ने बताया कि उ.प्र. मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में मुजफ्फरनगर जनपद सर्वाधिक पात्र बच्चों के मामले में राज्य में तीसरे नम्बर पर है। इस योजना में 84 परिवारों के 160 बच्चों का चयन किया गया है। उन्होंने बताया कि योजना के शुभारम्भ पर 30 जून 2021 तक पात्र माने गये 128 बच्चों को लाभान्वित किया गया है। इनमें से 121 बच्चों के लिए शासन से 14.52 लाख रुपये का बजट मिला था, जिसको आज जनप्रतिनिधियों ने उनके बैंक खातों में हस्तांतरित करा दिया गया है। शेष 7 बच्चों के लिए भी बजट शीघ्र ही मिल जायेगा, इनको सितम्बर तक के लिए तिमाही धनराशि 12 हजार रुपये हस्तांतरित की जायेी।

उन्होंने बताया कि योजना में 84 परिवारों के 160 बच्चे पात्र माने गये हैं। इनमें 71 परिवार ऐसे हैं, जिनमें पिता की मौत कोरोना संक्रमण के कारण हुई, 10 परिवारों में माता की मौत हुई है। और 3 परिवार ऐसे हैं, जिनमें माता और पिता दोनों की मौत हुई है। 160 पात्र बच्चों में 134 बच्चों ने अपने पिता को इस महामारी के दौरान खोया है, इनमें 78 बालक और 56 बालिका हैं। 20 पात्र बच्चे अपनी माता की मौत के कारण एकल हुए हैं। इनमें 12 बालक और 08 बालिका हैं। 06 बच्चे माता और पिता की मौत के कारण अनाथ हुए हैं। इनमें 02 बालक और 04 बालिकाएं हैं। डीपीओ ने बताया कि इन पात्रों में 10 वर्ष से कम आयु के 86 बच्चे शामिल हैं, जिनमें 51 बालक और 35 बालिकाएं हैं, जबकि 10 वर्ष से अधिक आयु के 74 बच्चे हैं, जिनमें 41 बालक और 33 बालिका हैं।

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