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अनुज हत्याकांड-बुढ़ाना मुठभेड़ में पकड़ा गया आखिरी आरोपी

50 हजार के ईनामी शातिर बदमाश राहुल को बुढ़ाना थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मगनवीर सिंह गिल के नेतृत्व में मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया। जवाबी कार्यवाही में पुलिस की गोली लगने से राहुल घायल हो गया। पुलिस ने उसके पास से अवैध असलहा और बाइक बरामद की है।

अनुज हत्याकांड-बुढ़ाना मुठभेड़ में पकड़ा गया आखिरी आरोपी
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मुजफ्फरनगर। रोहित सांडू फरारी के बाद एसएसपी अभिषेक के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण बने मोरना के दवा कारोबारी अनुज कर्णवाल हत्याकांड का आखिरकार मुजफ्फरनगर पुलिस ने चैप्टर क्लाॅज कर दिया। इस हत्याकांड के अंतिम फरार मुख्य अभियुक्त 50 हजार के ईनामी शातिर बदमाश राहुल को बुढ़ाना पुलिस ने मुठभेड़ के बाद घायलावस्था में गिरफ्तार कर लिया है। इस मुठभेड़ में बदमाश की गोली लगने से एक सिपाही भी घायल हुआ है।राहुल पर मुजफ्फरनगर और मेरठ पुलिस की ओर से दो हत्याओं के मामले में यह ईनाम घोषित किया गया था। राहुल के एनकाउंटर से 7 दिन पूर्व दो मुख्य अभियुक्त गिरफ्तार किये जा चुके हैं। अब इसमें कोई भी मुख्य आरोपी फरार नहीं है।

मंगलवार को एसएसपी अभिषेक के नेतृत्व में बदमाशों के खिलाफ अपने अभियान में जुटी बुढ़ाना पुलिस की बदमाशों के साथ मुठभेड़ हो गयी। बुढ़ाना थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मगनवीर सिंह गिल के साथ अन्य पुलिसकर्मियों ने इस मुठभेड़ में मोरना के सनसनीखेज अनुज कर्णवाल हत्याकांड में फारर चल रहे अंतिम मुख्य अभियुक्त 50 हजार के ईनामी बदमाश राहुल पुत्र राजपाल निवासी भेडाहेडी, थाना भोपा को गिरफ्तार कर लिया है। इंस्पेक्टर मगनवीर सिंह गिल के अनुसार क्षेत्र में अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त और चैकिंग के दायित्व को अंजाम देने में जुटी हुई थी। इसी बीच सूचना मिली कि बिटावदा गांव की ओर कुछ संदिग्ध युवक देखे गये हैं।

पुलिस ने वहां पर चैकिंग बढ़ा दी, तो बाइक सवार एक युवक पुलिस पार्टी को देखकर भागने लगा। पुलिस टीम ने इस बदमाश का पीछा करते हुए बिटावदा के जंगल में घेराबंदी कर ली। यहां युवक ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग की। पुलिस ने भी इस हमले का माकूल जवाब दिया और युवक पुलिस की गोली लगने के कारण घायल हो गया। पुलिस ने युवक को खेत से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम राहुल पुत्र राजपाल निवासी भेडाहेडी बताया। इस मुठभेड़ में बुढ़ाना थाने के एसएसआई उप निरीक्षक जितेन्द्र सिंह, चौकी गढी सखावत के प्रभारी उप निरीक्षक धीरज सिंह और चौकी बायवाला के प्रभारी उप निरीक्षक संजय सिंह अन्य पुलिसकर्मियों के साथ बदमाश राहुल से जूझते रहे। इसी बीच बदमाश की गोली सिपाही अनिल कुमार को लगी और वह घायल हो गये। दोनों घायलों को अस्पताल भिजवाया गया।


उन्होंने बताया कि राहुल अनुज हत्याकांड का मुख्य आरोपी है। इसके दो साथी और मुख्य अभियुक्त कपिल व अजित पूर्व में पुलिस द्वारा एनकाउंटर में पकड़े जा चुके है। राहुल ही इसमें फरार चल रहा था। उस पर मुजफ्फरनगर के अनुज और मेरठ के कुलदीप हत्याकांड के लिए दोनों जनपदों की पुलिस द्वारा 25-25 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया हुआ है। इस मुठभेड़ में बुढ़ाना पुलिस ने राहुल के पास से अवैध असलहा, कारतूस और बाइक बरामद की है। राहुल पर अपने साथी बदमाश कपिल और अजित के साथ मिलकर 30 अगस्त को कपसाड़ थाना सरधना मेरठ निवासी कुलदीप की दौराला में हत्या करने का भी आरोप है।

27 दिन में अनुज हत्याकांड का चैप्टर क्लाॅज

बता दें कि 17 सितम्बर को मोरना में दवा व्यापारी अनुज कर्णवाल की तीन बदमाशों ने उनके घर पर ही गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। अनुज पर देर शाम उस समय हमला किया गया था, जबकि वह अपना मेडिकल स्टोर बन्द कर घर के अन्दर जा रहा था। इस मामले में बदमाशों के भय के कारण अनुज की पत्नी अंजिता ने अपनी दोनों बेटियों और एक पुत्र के साथ मोरना का अपना घर छोड़कर पलायन कर लिया था। हालांकि भारी राजनीतिक दबाव के बीच मुजफ्फरनगर पुलिस ने 27 सितम्बर को एक हत्यारोपी आशीष और बदमाशों के चार शरणदाताओं को गिरफ्तार करते हुए अनुज हत्याकांड का खुलासा कर दिया, लेकिन परिजन तीन मुख्य आरोपी राहुल पुत्र राजपाल निवासी भेडाहेडी थाना भोपा, अजित पुत्र हिन्दपाल निवासी मोरना और कपिल पुत्र पवन निवासी मोरना की गिरफ्तारी नहीं होने के कारण भयभीत थे। राहुल की गिरफ्तारी के सात दिन पूर्व 6 अक्टूबर की रात्रि को अनुज हत्याकांड के एक आरोपित कपिल को भोपा पुलिस द्वारा मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया था। यह मुठभेड़ भोपा थाना क्षेत्र के ककराला रजवाहा पटरी पर हो गई थी। मुठभेड़ में भोपा थानाध्यक्ष सूबे सिंह टीम का नेतृत्व कर रहे थे, तो सूचना मिलते ही एसपी देहात नेपाल सिंह भी मौके पर पहुंच गए। इसी रात इस मामले में दूसरा मुख्य अभियुक्त अजित पुत्र हिन्दपाल निवासी मोरना भी हरियाणा की पलवल थाना पुलिस द्वारा मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया गया था। अनुज हत्याकांड के बाद एसएसपी अभिषेक ने घटना के चैथे दिन 21 सितम्बर को मोरना के तत्कालीन चैकी प्रभारी जगपाल सिंह और बीट कांस्टेबल सचिन को निलंबित कर दिया था। इसके बाद भी वारदात का पर्दाफाश नहीं होने पर भोपा एसएचओ संजीव कुमार को भी एसएसपी ने हटा दिया था और भोपा थाने पर सूबे सिंह को तैनात किया था।

इंस्पेक्टर मगनवीर सिंह-17 दिन में चार मुठभेड़

बुढ़ाना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक मगनवीर सिंह गिल ने आज अनुज हत्याकांड प्रकरण में मुठभेड़ के दौरान फरार अभियुक्त इनामी राहुल को गिरफ्तार करते हुए आखिरी कील ठोंक डाली। इंस्पेक्टर मगनवीर सिंह गिल को एसएसपी अभिषेक ने 27 सितम्बर को बुढ़ाना कोतवाली का प्रभारी तैनात किया था। उन्होंने 28 सितम्बर को थाने का चार्ज लिया और आज 17 दिन के अल्प कार्यकाल में उनके खाते में चार मुठभेड़ शामिल हो गयी हैं। इनमें उन्होंने शातिर चोर गिरोह का खुलासा करते हुए चोरी की सात मोटरसाइकिल बरामद की थी और आज अनुज हत्याकांड के आखिरी फरार आरोपी बदमाश राहुल की गिरफ्तारी करते हुए उन्होंने मुजफ्फरनगर पुलिस का मनोबल बढ़ाने का काम कर दिखाया है।

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