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शहर के सीमा विस्तार को पालिका बोर्ड की ना

मुजफ्फरनगर नगर पालिका परिषद् की बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से पारित हुआ, अपना कार्यकाल पूर्ण करने को एकजुट नजर आये सभासद

शहर के सीमा विस्तार को पालिका बोर्ड की ना
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मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् की बोर्ड मीटिंग में छोटे से एजेंडे पर बड़ा हंगामा हुआ। इस दौरान जहां बोर्ड मीटिंग में सीमा विस्तार के शासन के प्रस्ताव के खिलाफ सभासद एकजुट नजर आये तो वहीं सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को कूड़ा निस्तारण के लिए पुनः चालू कराये जाने के लिए विद्युत कनेक्शन के लिए नगरपालिका द्वारा भगौड़ा घोषित कंपनी एटूजेड की आरसी के 10 लाख से अधिक का बकाया भुगतान करने के प्रस्ताव का सभासदों ने विरोध करते हुए नाराजगी प्रकट की। जबकि वार्डों में छोटे छोटे कार्यों के लिए प्रस्ताव पर पूरा बोर्ड सर्वसम्मत नजर आया।

नववर्ष की पूर्व संध्या पर बुलाई गई बैठक में सर्द मौसम में भी गरमाहट नजर आयी। इस बैठक की कार्यवाही वंदेमातरम से शुरू हुई और सर्वप्रथम चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने पूरे बोर्ड और अधिकारियों व कर्मचारियों को नये साल की शुभकामनाएं देते हुए एजेंडे के बारे में जानकारी दी। उन्होंने एजेंडे के तीनों प्रस्तावों को लेकर सभासदों को बताया और सीमा विस्तार के विशेष प्रस्ताव पर सभासदों से उनकी राय मांगी। बोर्ड बैठक की कार्यवाही के दौरान ईओ हेमराज सिंह ने सदन में एजेंडा प्रस्तुत किया। सर्वप्रथम गत कार्यवाही की पुष्टि हुई और इसके बाद प्रस्ताव संख्या 399 पर विशेषाधिकार के तहत नगरपालिका परिषद् के सीमा विस्तार के शासन के पत्र को लेकर सदन में चर्चा शुरू हुई। बता दें कि नगरपालिका परिषद् के सीमा विस्तार का प्रस्ताव करीब डेढ़ दशक से अधर में लटका हुआ है। पूर्व चेयरमैन कपिल देव अग्रवाल और इसके बाद पंकज अग्रवाल के बोर्ड में सीमा विस्तार का प्रस्ताव पारित कराते हुए शासन को भेजा गया था। इसके बाद ग्राम पंचायतों के परिसीमन और ग्रामों की एनओसी को लेकर मामला लटका चला आ रहा है। भाजपा शासन में भी सीमा विस्तार को लेकर सुगबुगाहट तेज हुई और हाल ही में शासन द्वारा जिलाधिकारी से सीमा विस्तार के लिए कार्यवाही करते हुए प्रस्ताव मांगा गया है।

इसी के विरोध में प्रस्ताव लाया गया और सभासदों ने सीमा विस्तार के शासन के प्रयासों का विरोध करते हुए अपना मत दिया। सभासदों का कहना था कि इस बोर्ड के दो साल का कार्यकाल शेष है। ऐसे में सीमा विस्तार नहीं होना चाहिए। कार्यकाल के बाद सीमा विस्तार किया जाये। इस प्रस्ताव पर सभासदों ने अपनी राय रखी। बोर्ड में सर्वसम्मति से तय किया गया कि सीमा विस्तार की प्रक्रिया को दो साल बाद तय करने का एक पत्र शासन को भेजा जायेगा। इसके साथ ही नगरपालिका परिषद् ने सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को पुनः चालू कराने के प्रयासों के अन्तर्गत किदवईनगर में स्थित प्लांट में बिजली कनैक्शन लेने के लिए की जा रही कार्यवाही में बड़ा फैसला लिया गया है। प्रस्ताव संख्या 400 के अन्तर्गत इस प्लांट को पूर्व में चलाने की जिम्मेदारी उठा रही कानपुर की एटूजेड इन्फ्रास्टक्चर कंपनी के भगौडा होने के बाद विद्युत विभाग द्वारा कंपनी पर 10 लाख 34 हजार 565 रुपये विद्युत बिल बकाया होने पर नयो कनैक्शन देने से इंकार कर दिया। इसके बाद चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने इस बकाया का भुगतान कराने के आदेश दिये है। बता दें कि 16 नवम्बर 2018 को एटूजेड कंपनी प्लांट बन्द कर यहां से चली गयी थी। तभी से यह प्लांट बन्द है और इसके कारण शहर में कूड़ा निस्तारण में भारी परेशानी बनी हुई थी। इसको देखते हुए पालिका प्रशासन ने इस प्लांट को पुनः चलाने के लिए रोल्ज मैटेरियल हैंडलिंग सिस्टम प्राइवेट लि. भीलवाडा राजस्थान को ठेका दिया है।

कंपनी ने विद्युत कनैक्शन की मांग की तो कनैक्शन 10.34 लाख बकाया होने के कारण फंस गया। अब पालिका ने प्लांट के लिए कनैक्शन लेने को बड़ा फैसला करते हुए एटूजेड कंपनी का बकाया 10 लाख 34 हजार 565 हजार रुपये विद्युत विभाग को भुगतान कर 55 केवीए क्षमता का विद्युत ट्रांसफार्मर का कनैक्शन लेने का प्रस्ताव पारित किया है। सभासद राजीव शर्मा ने प्रस्ताव दिया कि एटूजेड कंपनी से 10.34 लाख रुपये की रिकवरी कराने के लिए आरसी कटवाकर कार्यवाही की जाये। इस पर सहमति बनी। इसी बीच प्रस्ताव संख्या 401 के अन्तर्गत शहर में वार्डों में चैनल, पुलिया और नाली निर्माण के छोटे कार्यों के लिए 50-50 हजार रुपये की स्वीकृति के प्रस्ताव पर लंबी बहस हुई। कुछ सभासदोें ने यह राशि बढ़ाने की मांग करते हुए हंगामा किया। चेयरपर्सन ने बजट की समस्या बताते हुए इसे मानने से इंकार कर दिया। कुछ देर के हंगामे के बाद इस प्रस्ताव को बहुमत के आधार पर पारित करा दिया गया। सभासदों ने बोर्ड मीटिंग में गृहकर बढ़ाये जाने के मामले को उठाया तो टीएस आरडी पोरवाल ने उनको बताया कि पूर्व बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित होने पर तय किया गया है कि 2016 के आधार पर ही टैक्स वसूला जायेगा। बढ़ाकर भेजे गये बिलों पर टैक्स जमा नहीं होगा। बोर्ड बैठक का संचालन स्टेनो गोपाल त्यागी ने किया।

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