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केन्द्र सरकार अहंकार में डूबीः जयंत चौधरी

पुलिस-प्रशासन के इंकार के बाद भी भैंसवाल में हुई किसान महापंचायत, सरकार के खिलाफ उमड़ी भारी भीड़, भाजपा नेता जितेन्द्र निर्वाल ने छोड़ी पार्टी, रालोद में हुए शामिल, अजय हुड्डा ने गाना गाकर पीएम मोदी को दी चेतावनी, डीएम और एसपी ने भारी फोर्स व अर्द्धसैनिक बल के साथ सवेरे से ही गांव को बना दिया था छावनी, 7 फरवरी को अमरोहा में जयंत ने बुलाई किसान महापंचायत, किसानों ने पहुंचने का किया आह्नान।

केन्द्र सरकार अहंकार में डूबीः जयंत चौधरी
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मुजफ्फरनगर। तीन कृषि कानूनों के विरोध में रालोद की हुंकार प्रशासन की पाबंदी पर भारी पड़ी। पडौसी जनपद शामली के गांव भैंसवाल में पुलिस और प्रशासन की ना-नुकुर के बावजूद भारी सुरक्षा बंदोबस्त में किसान महापंचायत का आयोजन होकर ही रहा। किसानों की भीड़ के आगे शामली पुलिस प्रशासन की सभी पाबंदी और व्यवस्थाएं छोटी नजर आयी। किसानों में इस महापंचायत के आयोजन पर जिलाधिकारी शामली द्वारा लगाई गयी पाबंदी को लेकर भी गुस्सा नजर आया। पंचायत में उमड़ी किसानों की भारी भीड़ में रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी और कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज मलिक ने अपने ओजस्वी भाषण से भरपूर जोश भरा। वक्ताओं ने केन्द्र और राज्य सरकारों की नीतियों को किसान विरोधी करार देते हुए दिल्ली में किसानों को रोकने के लिए बनाये गये लोहे के कंटीले तारों और नुकीले सरियों के बाॅर्डर को लेकर भी आक्रोश जताया। जयंत चौधरी ने मंच से साफ कर दिया कि देश का हर एक किसान इस आंदोलन में राकेश टिकैत के साथ खड़ा है। जब तक सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती, आंदोलन भी खत्म नहीं किया जायेगा। रालोद की इस किसान महापंचायत को समाजवादी पार्टी, जाट महासभा, खाप संगठनों व किसान संगठनों का भी समर्थन मिला।

बता दें कि रालोद ने 5 फरवरी को शामली जनपद के जाट बाहुल्य गांव भैंसवाल में किसान महापंचायत का ऐलान किया था, लेकिन इस पंचायत को रोकने के लिए शामली की डीएम जसप्रीत कौर ने धारा 144 का हवाला देते हुए अनुमति देने से इंकार कर दिया था। एसडीएम शामली ने इस आयोजन के लिए अनुमति नहीं दी तो किसानों में दो दिनों से प्रशासन के साथ टकराव की स्थिति बनी थी। रालोद जिलाध्यक्ष चेयरमैन योगेन्द्र सिंह, सपा नेता सुधीर पंवार, रालोद नेता अशरफ अली खां ने ऐलान कर दिया था कि प्रशासन अनुमति दे या ना दे लेकिन शुक्रवार को भैंसवाल में किसान महापंचायत को होने से कोई नहीं रोक पायेगा। आज किसान महापंचायत में मुख्य अतिथि के रूप में रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी कार्यकर्ताओं के एक बड़ी काफिले के साथ पहुंचे। इसके साथ ही कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक पंकज मलिक भी इस पंचायत में शामिल हुए। इसके साथ ही इस महापंचायत में हरियाणा के मशहूर सिंगर अजय हुड्डा भी मौजूद रहे। अजय हुडडा की उपस्थिति ने किसानों और खासकर युवाओें में काफी उत्साह पैदा किया।


पंचायत को सम्बोधित करते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि ग्रेटा थनबर्ग ने किसानों का समर्थन कर कौन सी गलत बात कर दी। भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कहा कि अहंकार बहुत अधिक आ गया है। सभी मुद्दों पर चर्चा होगी। किसानों पर हमला करने वालों को पुलिस ने कुछ नहीं कहा, परन्तु जब स्वतंत्र पत्रकार मनदीप पुनिया ने पोल खोली तो उन पर ही कार्रवाई कर दी। हमारी बात लिखने-कहने वाले पत्रकार को कुछ कहा जाएगा तो हम पुरजोर विरोध करेंगे। किसान पर लाठीचार्ज करेगा तो वाजिब जवाब दिया जाएगा। हरियाणा के गायक अजय हुड्डा ने मोदीजी हम दिल्ली आगे! गाना गाया और सब झूम उठे। उधर, महापंचायत में भाजपा नेता जितेंद्र निर्वाल ने पार्टी छोड़ने की घोषणा की। वह रालोद में शामिल हो गए हैं।

किसान महापंचायत को देखते हुए सवेरे से ही गांव भैंसवाल को पूरी तरह से छावनी में बदल दिया गया था। गांव को जाने वाले रास्ते और पंचायत स्थल पर भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया था। इसके साथ ही अर्द्धसैनिक और पीएसी बल के जवानों को भी सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगाया गया था। मुजफ्फरनगर जनपद से भी पुलिस फोर्स और पीएसी को शामली भेजा गया था। डीएम जसप्रीत कौर और एसपी सुकीर्ति माधव मिश्र भी अन्य अधिकारियों के साथ ही सवेरे ही गांव भैंसवाल पहुंच गये थे। डीएम व एसपी ने फोर्स के साथ पंचायत स्थल का निरीक्षण किया। डीएम ने किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिये थे।


वहीं दूसरी ओर प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने पर टकराव के हालात बनने पर रालोद नेता भी पूरी तरह से सतर्क और सक्रिय हो गये थे। गुरुवार को एसडीएम संदीप कुमार ने शांतिभंग होने की आशंका जताते हुए महापंचायत की अनुमति के लिए दिया गया प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया था। इसके बावजूद रालोद नेताओं ने पंचायत करने की घोषणा की और आज भारी भीड़ उमड़ने के कारण प्रशासन की सारी पाबंदी और पुलिस के तमाम सुरक्षा बंदोबस्त बौने साबित हुए। शुक्रवार सवेरे रालोद के प्रदेश संगठन मंत्री, क्षेत्रीय अध्यक्ष समेत कई नेताओं ने गांव में पहुंचकर पंचायत स्थल का जायजा लिया। रालोद नेताओं ने इसे किसान महापंचायत बताते हुए व्यवस्थाएं बनाने के लिए जिम्मेदारी सौंपी थी। रालोद के क्षेत्रीय अध्यक्ष चैधरी यशवीर सिंह ने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आक्रोशित है। यह किसानों की महापंचायत है और इसे शांतिपूर्वक कराने के लिए पूरी व्यवस्था बनाई गई है। प्रशासन अपनी हठधर्मी कर रहा है।

इस सभा के दौरान ही जयंत चौधरी ने किसानों से अब 7 फरवरी को अमरोहा पहुंचने का आह्नान भी किया। रालोद ने किसानों के मान सम्मान के लिए किसान पंचायतों का पूरा कार्यक्रम तय किया है। इसी कड़ी में अगली पंचायत अमरोहा में 7 फरवरी को बुलाई गई है। इसमें भी जयंत चौधरी शामिल होंगे। महापंचायत में प्रमुख रूप से रालोद जिलाध्यक्ष योगेंद्र चैयरमेन, पूर्व एमएलसी मुश्ताक चैधरी, पूर्व चेयरमैन अशरफ अली खां, सपा जिलाध्यक्ष अशोक चैधरी, पूर्व मंत्री योगराज सिंह, खाप चैधरी सूरजमल, देशवाल खाप से रामपाल सिंह, अनिल चैधरी, बाबा श्याम सिंह, निर्वाल खाप से धर्मवीर, )षिराज रझाड़ आदि शामिल रहे।

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