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टिकैत का गांव-सिसौली में खेली गई उपला मार होली

लोगों ने निकाले सुंदर लाग, झांकियों को देखने उमड़ा पूरा गांव, राकेश टिकैत भी रहे मौजूद

टिकैत का गांव-सिसौली में खेली गई उपला मार होली
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मुजफ्फरनगर। किसानों की राजधानी कहे जाने वाली सिसौली में रंगों का पर्व रंगोत्सव होली धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कस्बावासियों द्वारा बहुत सुंदर-सुंदर लाग (झांकी) निकाली गई। होली के उल्लास के इस सतरंगी अवसर पर भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत और युवा विंग के अध्यक्ष गौरव टिकैत भी उपस्थित रहे और उन्होंने ग्रामीणों के साथ रंग गुलाल उड़ाकर होलिकोत्सव मनाया। इसके साथ ही सिसौली में परम्परागत उपला मार होली खेली गई।


किसानों की राजधानी कही जाने वाली सिसौली में होलीका दहन के वक्त की एक पुरानी परंपरा चली आ रही है। जिसके तहत होलिका दहन के तुरंत बाद सेकड़ो लोग आमने-सामने आ जाते है। एक दूसरे पर दहन में जलने वाली सामग्री जैसे उपले (गोस्से)एवं दूसरी चीजों से वार करते हैं। बरसो से चली आ रही यह परंपरा सिसौली की पहचान बन रही है। रविवार को होलिका दहन के बाद सिसौली में ऐसा ही नजारा देखने को मिला था। जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।


मुजफ्फरनगर में भाकियू के गढ़ सिसौली में होलिका दहन के बाद आधा गांव एक तरफ और आधा दूसरी ओर खड़ा हो जाता है। इसके बाद होलिका में लगाए हुए उपले उठाकर एक-दूसरे की और फेकते हैं। इस दौरान पुलिस बल भी मौजूद रहता है और शांति-व्यवस्था बनाये रखने की कोशिश करता है। पुलिस बल दोनों गुटों के बीच में खड़ा हो जाता है, लेकिन थोड़ी ही देर में स्थिति ऐसी हो जाती है कि उपले पुलिस वालों की तरफ भी फेंके जाते हैं जिसके बाद पुलिस गांव से भाग जाती। सिसौली कस्बा को किसानों की राजधानी माना जाता है, और यहीं से चैधरी महेंद्र सिंह टिकैत ने भाकियू का गठन किया था। यूनियन का राष्ट्रीय मुख्यालय भी यही है। बालियान खाप के चैधरी नरेश टिकैत भी इस परंपरागत द्वंद को देखने आते हैं। सोमवार को सिसौली में रंगों का पर्व रंगोत्सव होली धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कस्बावासियों द्वारा बहुत सुंदर-सुंदर लाग्ग निकाली गई। इस अवसर पर भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चैधरी राकेश टिकैत और युवा अध्यक्ष गौरव टिकैत ने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर होलिका उत्सव परम्परागत रूप से मनाया।

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