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एएमयू को ज़मीन दान देने वाले राजा के नाम पर योगी सरकार अलीगढ़ में बनाएगी यूनिवर्सिटी

एएमयू को ज़मीन दान देने वाले राजा के नाम पर योगी सरकार अलीगढ़ में बनाएगी यूनिवर्सिटी
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आने वाले दिनों में अलीगढ़ में सियासी सरगर्मियां तेज होने के आसार हैं। इसकी वजह ये है कि देश दुनिया में अलीगढ़ को पहचान देने वाले एएमयू को आगामी विधान सभा चुनाव के सियासी रस्साकशी में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने की पटकथा योगी सरकार ने लिख दी है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने राजा महेंद्र सिंह के नाम से अलीगढ़ में राज्य विश्वविद्यालय बनाने की घोषणा के बाद अधिकारियों से निर्माण के काम में तेजी लाने को कहा। उल्लेखनीय है अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी को संपत्ति दान करने वाले राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम से विश्वविद्यालय बनाना बीजेपी पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र में शामिल था। बीजेपी ने सरकार बनाने के एक साल बाद ही उक्त घोषणा कर दी थी। बीजेपी सरकार ने इस कदम का विधानसभा चुनाव में राजनीतिक लाभ लेने के लिए लक्ष्य निर्धारित किया है कि 2022 के पहले यूनिवर्सिटी तैयार हो जाए।

जानकारों की माने तो जाट बाहुल्य क्षेत्र अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप के नाम पर एक विश्वविद्यालय बनाने की मांग 2018 में उठी थी। इससे इतर साल 2019 में उपचुनाव के वक्त अलीगढ़ में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ ने खुद उनके नाम पर स्टेट यूनिवर्सिटी की स्थापना करने की घोषणा की थी। ज्ञातव्य हो जाट वर्ग की नब्ज पर हाथ रखते हुए योगी ने कहा था कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का निर्माण राजा महेंद्र प्रताप द्वारा दान की गयी भूमि पर हुआ लेकिन फिर भी सभी लोगों को इसका लाभ नहीं मिल सका। इसी के साथ योगी सरकार ने 2019 में राजा महेंद्र प्रताप के नाम पर अलीगढ़ में एक नया विश्वविद्यालय स्थापित करने का भरोसा दिलाया था। कहते हैं कि राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने एएमयू (अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय) के लिए जमीन दी थी, लेकिन उनके नाम का उल्लेख नहीं किया गया था और उनके नाम पर एक भी पत्थर नहीं लगाया गया था।

ऐसे में राज्य सरकार ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाब में महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर राज्य स्तरीय विश्वविद्यालय बनाने का फैसला लिया है। वहीं इस सम्बंध में मीडिया को जानकारी।देते हुए यूपी के सूचना निदेशक शिशिर सिंह ने कहा कि सीएम ने 14 सितंबर, 2019 को विश्वविद्यालय के साथ निर्माण की घोषणा की। कहा, कोल तहसील के लोढ़ा और मुसईपुर गांवों में विश्वविद्यालय के लिए भूमि प्रस्तावित की गई है। जिला प्रशासन ने 37 हेक्टेयर से अधिक सरकारी भूमि देने का निर्णय किया है। इसके अलावा अन्य 10 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की गई है।

बता दें केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा हासिल अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय देश के प्रमुख केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में से एक है। इस विश्व विख्यात आवासीय शैक्षणिक संस्थान की स्थापना 19वीं सदी में देश के महान समाज सुधारक सर सैयद अहमद खान ने 1875 में की थी। स्थापना के बाद इसे मुस्लिम एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज कहा गया और फिर 09 सितंबर 1920 के दिन इसे केन्द्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया। अंग्रेज़ शासनकाल में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय की तर्ज पर देश में बनाया गया पहला उच्च शिक्षण संस्थान था।

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