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मुजफ्फरनगर----सामान्य सीट हो जायेगी भोकरहेडी नगर पंचायत

जिले में 10 निकायों में केवल भोकरहेडी ही ओबीसी में हुई है आरक्षित, 2012 में भी ओबीसी में था आरक्षण, नगरपालिका परिषद् मुजफ्फरनगर के 55 में से 14 वार्ड हैं ओबीसी में आरक्षित, अब कोर्ट का फैसला लागू हुआ तो बदलेगा आरक्षण।

मुजफ्फरनगर----सामान्य सीट हो जायेगी भोकरहेडी नगर पंचायत
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मुजफ्फरनगर। हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद यूपी में जातिगत तकरार शुरू हो गयी है। ओबीसी आरक्षण के सरकार के फार्मूले को हाईकोर्ट द्वारा रद्द कर दिये जाने और फैसला आने के बाद ओबीसी आरक्षण के बिना ही यूपी नगर निकाय चुनाव होने की प्रबल संभावना बनने के साथ ही 2014 के आम चुनाव के बाद भाजपा के पक्ष में कतारब( ओबीसी वोट बैंक में नाराजगी पनपने लगी है। इसको विपक्षी दलों ने भाजपा और उसकी सरकारों के खिलाफ एक मजबूत मुद्दा भी बनाने में देरी नहीं है। यदि कोर्ट के फैसले पर बिना ओबीसी आरक्षण के नगर निकाय चुनाव होते हैं तो जनपद में ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। अध्यक्ष पद के लिए तो केवल एक नगर पंचायत भोकरहेडी ही ओबीसी में आरक्षित की गयी थी। जबकि मुजफ्फरनगर पालिका के 55 वार्डों में से 14 वार्ड ओबीसी और ओबीसी महिलाओं के आरक्षित किये गये हैं। अब हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद इन वार्डों और नगर पंचायत में चुनाव लड़ने से मन मार चुके सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों की आस भी बंध गयी है।

बता दें कि साल 2022 के नगर निकाय चुनाव के लिए राज्य सरकार के शहरी विकास विभाग के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने 05 दिसम्बर को आरक्षण अधिसूचना जारी की थी। इसके तहत जनपद की दो पालिकाओं और आठ नगर पंचायतों को आरक्षित किया गया था। इससे पहले वार्डों का निर्धारण होने पर आरक्षण किया गया था। निकायों के अध्यक्ष पदों की बात करें तो मुजफ्फरनगर और खतौली नगर पालिका अनारक्षित रखी गयी थी। जबकि 2017 में ये दोनों पालिका महिला के लिए आरक्षित हुई। जबकि नगर पंचायत चरथावल और सिसौली को महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। नगर पंचायत भोकरहेड़ी अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित है। इसके साथ ही जिले में नगर पंचायत जानसठ, मीरापुर, पुरकाजी, बुढ़ाना और शाहपुर को अनारक्षित वर्ग में रखा गया है। इससे पहले साल 2012 के चुनाव में भी नगर पंचायत भोकरहेडी को ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित किया गया था। ऐसे में यदि कोर्ट का फैसला लागू होता है तो जनपद में केवल भोकरहेडी नगर पंचायत के अध्यक्ष पद पर ही आरक्षण चेंज होगा और यह सामान्य सीट हो जायेगी। वहीं मुजफ्फरनगर पालिका के 55 वार्डों में से 14 वार्ड का आरक्षण बदल जायेगा, इनमें वार्ड संख्या आठ लद्दावाला प्रथम, 11 प्रेमपुरी द्वितीय, 13 सरवट द्वितीय, 18 कम्बलवाला बाग, 21 रामपुरी दक्षिणी, 22 शांतिनगर, 29 सूजडू प्रथम, 40 मल्हुपुरा द्वितीय, 45 किदवईनगर, 46 सूजडू द्वितीय, 47 सुथराशाही, 49 बंजारान, 52 महमूदनगर और 55 खालापार तृतीय शामिल हैं।

मनोज वर्मा का वार्ड हो सकता है सामान्य

मुजफ्फरनगर। मौजूदा पालिका बोर्ड में वार्ड संख्या 43 बंजारान से भाजपा सभासद मनोज वर्मा चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल के खिलाफ शिकायत करने और उनके खिलाफ कार्यवाही को लेकर काफी चर्चाओं में रहे हैं। इस बार भी उनका वार्ड नाम से और जातिगत गणित से किसी भी प्रतिकूल प्रभाव से अछूता ही माना गया। इसको लेकर चर्चा भी खूब रही और इस बार हुए परिसीमन में मनोज वर्मा के वार्ड का नाम तो बंजारान ही रहा, लेकिन संख्या बदलकर 43 से 49 हो गयी है। इसको पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। कोर्ट का फैसला आने पर माना जा रहा है कि यह लागू हुआ तो उनका वार्ड सामान्य में चला जायेगा। बता दें कि वार्ड आरक्षण तय होने के बाद उनके वार्ड के ही सामान्य जाति के एक युवक ने वीडियो वायरल कर ओबीसी आरक्षण करने पर विरोध जताया और आत्महत्या की धमकी तक दी थी।

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