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'नाभि' में भी होता है इंफेक्शन, ऐसे करें ठीक

नाभि में भी होता है इंफेक्शन, ऐसे करें ठीक
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नाभि में संक्रमण का एक मुख्य कारण बैक्टीरियल इंफेक्शन होता है। नाभि लगभग 70 विभिन्न प्रकार के बैक्टीरिया का स्रोत है। यदि आप इस क्षेत्र को अच्छी तरह से साफ नहीं करते हैं, तो ये जीवाणु संक्रमण का कारण बन सकते हैं। कई बार आपकी नाभि में पियर्सिंग भी संक्रमित हो सकती है।

नाभि हमारे शरीर का एक ऐसा हिस्सा है, जिस पर हम बेहद कम ध्यान देते हैं। जिसके कारण उसमें थोड़ी बहुत गंदगी जमा हो जाती है, जिसके कारण उसमें से हल्की गंध आती है, जो वास्तव में चिंता की बात नहीं है। लेकिन अगर आपको नाभि में से डिस्चार्ज, तेज गंध, दर्द या फिर नाभि में अन्य परिवर्तन नजर आते हैं तो यह नाभि के संक्रमण की ओर इशारा करता है। दरअसल, गंदगी, बैक्टीरिया, कवक और अन्य रोगाणु आपकी नाभि के अंदर फंस जाते हैं, जिसके कारण संक्रमण हो सकता है। तो चलिए आज हम आपको नाभि में होने वाले इंफेक्शन के कारणों व उससे बचाव के बारे में बता रहे हैं।

बैक्टीरियल इंफेक्शन

हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि नाभि में संक्रमण का एक मुख्य कारण बैक्टीरियल इंफेक्शन होता है। नाभि लगभग 70 विभिन्न प्रकार के बैक्टीरिया का स्रोत है। यदि आप इस क्षेत्र को अच्छी तरह से साफ नहीं करते हैं, तो ये जीवाणु संक्रमण का कारण बन सकते हैं। कई बार आपकी नाभि में पियर्सिंग भी संक्रमित हो सकती है। जिससे नाभि का संक्रमण हो सकता है। बैक्टीरियल संक्रमणों के कारण पीले या हरे, दुर्गंधयुक्त स्राव होते हैं। आपके पेट के बटन के चारों ओर सूजन, दर्द और पपड़ी भी हो सकती है।

यीस्ट इंफेक्शन

कैंडिडिआसिस एक तरह का यीस्ट संक्रमण है जो कैंडिडा के कारण होता है। यह एक प्रकार का खमीर जो आमतौर पर शरीर के अंधेरे क्षेत्रों में बढ़ता है। यह त्वचा की परतों के बीच हो सकता है, जैसे कि आपके कमर क्षेत्र में और आपकी बाहों के नीचे। खमीर आपके नाभि में भी निवास कर सकता है, खासकर यदि आप इसे साफ और सूखा नहीं रखते हैं। हेल्थ केयर एक्सपर्ट के अनुसार, आपके पेट के बटन अर्थात् नाभि में कैंडिडिआसिस आपकी नाभि पर एक लाल, खुजलीदार दाने का कारण बनता है और इसके कारण आपको थिक और व्हाइट डिस्चार्ज भी हो सकता है।

मधुमेह

हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि मधुमेह भी नाभि में संक्रमण का एक कारण हो सकता है। दरअसल, जिन लोगों को मधुमेह की समस्या है, उन्हें यीस्ट इंफेक्शन होने की संभावना अधिक होती है। कई अध्ययन भी यह बताते हैं कि बेली बटन में यीस्ट संक्रमण मधुमेह वाले लोगों में अधिक आम होता है।

सर्जरी

हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि सर्जरी भी नाभि संक्रमण की वजह बन सकता है। यदि आपकी हाल ही में सर्जरी हुई है, तो इससे आपकी नाभि से पस निकलने की शिकायत हो सकती है। यदि ऐसा होता है, तो अपने डाक्टर को बुलाएं। यह एक संक्रमण का संकेत हो सकता है जिसका इलाज किया जाना चाहिए।

जरूरी है बचावः आपको नाभि में संक्रमण की समस्या ना हो, इसलिए आपको कुछ टिप्स जरूर अपनाने चाहिए। मसलन, अपनी नाभि को एक माइल्ड एंटीबैक्टीरियल साबुन और पानी की मदद से वाश करें। नाभि के अंदर मौजूद किसी भी गंदगी को साफ करने के लिए अपने वाशक्लाथ या स्पंज का उपयोग करें। आप अपने बेली बटन को साफ करने के लिए आप नमक के पानी के घोल का उपयोग कर सकते हैं।

-आप स्नान करने के बाद, अपनी नाभि के अंदर को पूरी तरह से सूखा लें।

- अपने पेट बटन के अंदर कोई क्रीम या माइस्चराइजर न डालें। क्रीम छिद्र को रोक सकता है और बैक्टीरिया या खमीर को बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है।

- तंग कपड़ों से बचें, जो आपके पेट बटन को परेशान कर सकते हैं। इसके बजाय प्राकृतिक रेशों जैसे कपास और रेशम से बने ढीले, आरामदायक कपड़े पहनें।

- अपने पेट बटन में पिर्यसिंग से बचें। यदि आप पियर्सिंग करवा रहे हैं तो संक्रमण को रोकने के लिए क्षेत्र को साफ रखें।

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