आयुष्मान कार्ड को लेकर फैला भ्रम, सीएमओ दफ्तर पर हंगामा

स्वास्थ्य सेवा के लिए पांच लाख की आर्थिक मदद का साधन बन रहे आयुष्मान कार्ड को लेकर 10 मार्च से शुरू हुए अभियान को लेकर लोगों में बनी भ्रम की स्थिति के कारण रोष नजर आया। लोगों ने सही जानकारी नहीं दिये जाने पर सीएमओ आफिस पर हंगामा किया। इस योजना के लिए प्रचार-प्रसार के अभाव में अभियान को लेकर जनता परेशान रही।

Update: 2021-03-10 16:51 GMT

मुजफ्फरनगर। मुफ्त इलाज के लिए सरकार की योजना के अनुसार आयुष्मान कार्ड योजना बड़ा वरदान साबित हो रही है। इसमें 5 लाख रुपये तक के इलाज की मिल रही सुविधाओं को पाने के लिए गरीब और जरूरतमंद लोगों को जनप्रतिनिधियों से अधिकारियों तक चक्कर लगाते हुए देखा जा सकता है, आज से जनपद में आयुष्मान कार्ड बनवाने का विशेष अभियान शुरू किया गया। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से गत दिवस की अभियान की जानकारी दी गयी। समाचार पढ़कर लोगों की भीड़ सीएमओ कार्यालय पर जुट गयी और वहां पर जानकारी नहीं मिलने पर उन्होंने हंगामा करते हुए रोष जताया।

सीएमओ डा. एसके अग्रवाल की ओर से मंगलवार को जानकारी दी गयी थी कि 10 मार्च से 24 मार्च तक जनपद में शासन के निर्देशों के अन्तर्गत आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए विशेष पखवाडा अभियान का शुभारम्भ होगा। इसमें आशा और आंगनबाडी कार्यकत्रियों को अपने क्षेत्रों में लोगों के आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए अधिकृत किया गया था। इसमें 2011 की आर्थिक जनगणना के दौरान गरीब परिवारों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ दिया जाना है। इन्हीं परिवारों के कार्ड बनाये जाने हैं, लेकिन प्रचार प्रसार की कमी होने के कारण आज हंगामाखेज स्थित नजर आई। लोगों को उम्मीद थी कि इसके लिए कहीं कैम्प लगाये जायेंगे। समाचार पत्रों में आयुष्मान कार्ड बनाने का अभियान शुरू होने की खबर पढ़कर लोग सीएमओ कार्यालय पहुंचे और वहां पर सही जानकारी नहीं मिलने पर इन लोगों ने हंगामा खड़ा कर दिया।

इनमें से कुछ लोगों ने स्वास्थ्य विभाग पर पैसे लेकर आयुष्मान कार्ड बनाये जाने के आरोप भी लगाये हैं। इनका कहना है कि जो गरीब नहीं है, उनके भी कार्ड बनाये जा रहे हैं। इसको लेकर सीएमओ डा. एसके अग्रवाल का कहना है कि एसईसीसी सर्वेक्षण 2011 के अन्तर्गत जो लोग चयनित किये गये हैं, केवल उन्हीं के आयुष्मान कार्ड बनाये जायेंगे। इनमें किसी भी नये व्यक्ति को शामिल नहीं किया जायेगा, जो पात्र नहीं है। उन्होंने बताया कि इसके लिए कोई विशेष कैम्प नहीं लगाये जा रहे हैं। वार्ड और गांव की आशा व आंगनबाडी कार्यकत्रियां ही अपने क्षेत्रों में ऐसे पात्रों को चिन्हित करते हुए उनको लाकर कार्ड बनवाने का कार्य करेंगी। वहीं आयुष्मान योजना के नोडल मैनेजर आकाश कुमार ने बताया कि जनपद में अभी 4 लाख से ज्यादा आयुष्मान कार्ड बनाये जाने हैं। वर्तमान में 84 हजार से अधिक लाभार्थी इस योजना का लाभ उठा रहे हैं।

लोगों में बन रही भ्रम की स्थिति को देखते हुए बुधवार शाम जिला प्रशासनिक अधिकारी (नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत) राघवेंद्र सिंह ने बताया कि आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड देश के हर गरीब लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए उपलब्ध कराये जा रहे है। आयुष्मान गोल्डन कार्ड केवल उन लोगों के बनेंगे, जिनका नाम आयुष्मान भारत लाभार्थी सूची में पहले से ही अंकित है। उन्होने बताया कि 10 मार्च से आयुष्मान पखवाड़ा शुरू किया गया है।

24 मार्च तक चलने वाले इस पखवाड़े में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के पात्र लोगों का निशुल्क आयुष्मान कार्ड (गोल्डन कार्ड) बनाया जाएगा। 2011 को एस.ई.सी.सी. सूची में शामिल लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाएंगे, नए गोल्डेन कार्ड नहीं बनाए जाएँगे। जिन लोगों के नाम पहले से सूची में अंकित है उनकी ग्राम सभा में आयुष्मान कार्ड बनाए जाने ह। लाभार्थियो कि सूची आशा के पास उपलब्ध है। उन्होने बताया कि शासन से पखवाड़े के विस्तृत प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं। आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सूची में शामिल कार्ड विहीन लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड कैंप तक लेकर पहुंचेंगी। उन्हें आयुष्मान कार्ड बनवाने हेतु प्रति कार्ड पांच रुपए और प्रति परिवार अधिकतम 10 रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। काॅमन सर्विस सेंटर की ओर से आयुष्मान कार्ड निशुल्क बनाया जाएगा। उन्होने बताया कि अभी तक जनपद में एक लाख से ज्यादा आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।

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