जल निगम के 'धोखे' पर चेयरपर्सन हैरान, डीएम को भेजा पत्र

नगरपालिका परिषद् के अधीन कंपनी बाग में जल निगम द्वारा सीवरेज प्लांट के लिए बनाये जा रहे आईपीएस के निर्माण को लेकर नया विवाद सामने आया है। सत्ता पक्ष के तीन-तीन जनप्रतिनिधियों की नाराजगी के बाद भी इसका निर्माण नहीं रुक पा रहा है।

Update: 2021-03-15 17:18 GMT

मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् के अधीन कंपनी बाग में जल निगम द्वारा सीवरेज प्लांट के लिए बनाये जा रहे आईपीएस के निर्माण को लेकर नया विवाद सामने आया है। इस आईपीएस का जनता द्वारा विरोध किये जाने पर सत्ता पक्ष के तीन-तीन जनप्रतिनिधियों ने जल निगम के अफसरों को फटकार लगाकर निर्माण कार्य बन्द करने और आईपीएस का निर्माण दूसरे स्थान पर कराने के लिए अफसरों को निर्देश दिये, लेकिन इसके बाद भी जल निगम के अफसर तनिक भी भयभीत नहीं है। बीते दिन जल निगम के अफसर ने डीएम को भी पत्र लिखकर भ्रमित किया कि निर्माण कार्य बन्द कर दिया गया है, लेकिन सोमवार को मौके पर कार्य जारी रहने पर लोगों ने फिर हगामा किया। चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल भी सभासदों के साथ मौके पर पहुंची और कार्य चालू देखकर हैरत में पड़ गयी। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए डीएम को पत्र भेजकर जल निगम पर कार्यवाही की मांग की है।

पालिका चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने डीएम सेल्वा कुमार जे. को सोमवार को एक अनुस्मारक-2 भेजा। इसमें उन्होंने कमला नेहरू वाटिका में जन स्वास्थ्य को खतरा पहुंचाने की नियत से जनता की जबरन आवाज दबाते हुए जन विरोधी कृत्य करने तथा नगरीय हयूम पाईप डालने में व्यापक भ्रष्टाचार में लिप्त रहने के कारण परियोजना प्रबंधक उत्तर प्रदेश जल निगम बीएस चाहर को निलम्बित करने की संस्तुति करते हुए कहा कि कमला नेहरू वाटिका ;कंपनी बागद्ध में आईपीएस का निर्माण कराने पर जनता द्वारा मुखर विरोध किया जा रहा है। इसके लिए चेयरपर्सन ने डीएम को भेजे गये पत्र का हवाला देते हुए कहा कि अनुरोध किया गया था कि कमल नेहरू वाटिका में जन स्वास्थ्य को खतरा पहुंचाने तथा जबरन जनता की आवाज को दबाते हुए निर्मित कराये जा रहे आई.पी.एस का स्थान शिफ्ट करते हुए वाटिका की बाउन्ड्रीवाल से सटे रिक्त स्थान राइफल क्लब अथवा नुमाइश ग्राउन्ड में आई.पी.एस का निर्माण करा लिया जाये। इस पर परियोजना प्रबन्धक बीएस चाहर ने 9 मार्च को डीएम को सम्बोधित पत्र भेजा और कपिल देव अग्रवाल, राज्यमन्त्री ( स्वतन्त्र प्रभार ), उमेश मलिक विधायक बुढाना के साथ-साथ मुझे भी पत्र मिला।

इसमें बताया गया कि 3 मार्च को आई.पी.एस. निर्माण का कार्य प्रारम्भ किया गया था। किन्तु कार्य प्रारम्भ होते ही कम्पनी बाग में प्रातःकाल भ्रमण करने वाले जन सामान्य के विरोध के साथ-साथ राज्यमन्त्री ( स्वतन्त्र प्रभार ) तथा बुढाना विधायक और चेयरपर्सन के विरोध के कारण स्थल पर कार्य रोक दिया गया है तथा कम्पनी बाग से विकास भवन के मध्य में आस-पास कही भी वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराये जाने का अनुरोध किया गया। यह समस्त स्थिति आज के समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित हुई तथा समाचार पढकर जनता में खुशी के लहर दौड गयी।

चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने कहा कि परन्तु इस सब के बावजूद पुनः जल निगम विभाग के द्वारा स्थल पर निर्माण कार्य प्रारम्भ करा दिया गया। इस पर वाटिका में घूमने वाले सैकड़ों नागरिक सोमवार को चेयरपर्सन से मिले तथा उत्तेजित स्थिति में उनको अवगत कराया गया कि स्थल पर जनभावनाओं के विपरीत पुनः वाटिका में ठेकेदार के द्वारा आईपीएस का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इन लोगों ने चेयरपर्सन से कमला नेहरू वाटिका का भ्रमण करने का आग्रह किया गया। इस पर चेयरपर्सन द्वारा सभासदगण के साथ वाटिका में स्थलीय निरीक्षण किया गया तो वाटिका में आई.पी.एस. पर निर्माण कार्य चलता पाया गया।

इस स्थिति पर रोष प्रकट करते हुए चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने डीएम सेकहा कि जनभावनाओं के सम्मान स्वरूप स्थल पर निर्माण को रोके जाने हेतु स्थल पर मौजूद ठेकेदार एंव जेई को कहा गया तथा इन्हीं के अधिकारी परियोजना प्रबन्धक के पत्र से इन्हें अवगत कराया गया। परन्तु इस प्रकार की विभागीय हठधर्मिता करना एंव जल निगम के परियोजना प्रबन्धक द्वारा अपने ही लिखे गये पत्र के प्रतिकूल पुनः विवादित स्थल पर कार्य प्रारम्भ कराना अनुचित हैं।

चेयरपर्सन ने डीएम से कहा कि जल निगम के इस कृत्य को दृष्टिगत रखते हुए जनहित में पुनः अनुरोध है कि पर्यावर्णीय दृष्टिकोण से मुजफ्फरनगर में एक मात्र घूमने का स्थान तथा शहर की आन-बान एव शान कमला नेहरू वाटिका को छिन्न-भिन्न करने पर रोक लगाने का कष्ट करें , जिससे वाटिका में प्रतिदिन सुबह-शाम घूमने वाली जनता को दुर्गन्ध से बचाया जा सके। इस हेतु परियोजना प्रबन्धक, उत्तर प्रदेश जल निगम मुजफ्फरनगर को जनहित में निर्देशित करने का कष्ट करें कि वह कमला नेहरू वाटिका में उपरोक्तानुसार निर्मित कराये जा रहे आई.पी.एस. को शिफ्ट कराते हुए वाटिका कैम्पस बाउन्ड्री से बिल्कुल सटे हुए राइफल क्लब के बाहर अथवा नुमाइश ग्राउण्ड में बिल्कुल रिक्त भूमि पर आई.पी.एस निर्मित कराने की व्यवस्था करायें।

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