मुजफ्फरनगर के लेबर अफसर की कोरोना से मौत!

मुजफ्फरनगर के लेबर अफसर की कोरोना संक्रमण से मौत होे जाने के बाद लेबर आॅफिस में शोक का वातावरण है। मुजफ्फरनगर के सरकारी विभाग के किसी अधिकारी की कोरोना से यह पहली मौत है। इससे मातम के साथ दहशत का आलम भी बना नजर आता है।

Update: 2020-08-17 07:45 GMT

मुजफ्फरनगर। जनपद के सहायक श्रमायुक्त कार्यालय में तैनात श्रम अधिकारी की कोरोना संक्रमण के चलते उपचार के दौरान मौत हो जाने की दहशत श्रमायुक्त कार्यालय में शोक के साथ भय का आलम बना हुआ है। जनपद मुजफ्फरनगर में यह किसी सरकारी अधिकारी की कोरोना से पहली मौत है। इस मौत के बाद कई अन्य विभागों में हलचल मच रही है।

मुजफ्फरनगर जनपद में कोरोना संक्रमण अब भयावह रूप ले रहा है। यहां मौत का आंकडा भी दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है और कोरोना के एक्टिव केस भी बढ़ने से आम और खास सभी के बीच एक दहशत का वातावरण बन रहा है। इसके बावजूद भी कई क्षेत्रों में सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क आदि सहित कोविड की गाइडलाइन को अनदेखा भी किया जा रहा है। जनपद में कोरोना संक्रमण से हुई मौतों का सरकारी आंकडा 21 तो वहीं अपुष्ट सूत्रों के अनुसार जनपद में करीब 30 लोगों की मौत कारोना पाॅजीटिव पाये जाने के बाद हो चुकी है। अब मौत का यह दौर सरकारी विभागों में भी दस्तक देने लगा है। यहा सरकूलर रोड स्थित सहायक श्रमायुक्त कार्यालय में कोरोना के कारण दहशत है और मातम भी छाया हुआ है। यहां पर वर्षों से तैनात एक लेबर अफसर की कोरोना संक्रमण के बाद मौत हो जाने के कारण भय की स्थिति है। सहायक श्रमायुक्त कार्यालय में श्रम प्रवर्तन अधिकारी के पद पर कार्य कर रहे के.के. मिश्रा का यूं अचानक ही चला जाना उनके साथी अफसरों और विभाग के कर्मचारियों को स्तब्ध कर गया है। के.के. मिश्रा मूल रूप से कानपुर जनपद के निवासी थे। वह काफी मिलनसार व्यक्तित्व वाले अधिकारी रहे हैं। सहायक श्रमायुक्त कार्यालय में तैनात रहकर उन्होंने कोरोना काल में प्रवासी मजदूरों के लिए सरकारी योजनाओं को क्रियान्वित करने में भूमिका का निर्वहन किया। सरकार द्वारा मजदूर परिवारों को दी गयी एक-एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता को उन तक पहुंचाने में वह कोरोना के दौरान लाॅक डाउन में सक्रिय रहे। पिछले काफी दिनों से उनके स्वास्थ्य में कुछ बदलाव हो रहा था। वह बीमार हो गये। कई दिनों तक यहां पर बुखार से पीड़ित रहने के बाद उन्होंने उपचार कराया और इसमें भी स्वास्थ्य लाभ नहीं होने के कारण वह अवकाश लेकर कानपुर अपने परिजनों के बीच पहुंच गये। वहां से उनके निधन की दुखद खबर जब सहायक श्रमायुक्त कार्यालय पहुची तो सभी हतप्रभ हो गये।

सहायक श्रमायुक्त प्रतिभा तिवारी ने बताया कि कार्यालय में श्रम प्रवर्तन अधिकारी के.के. मिश्रा पिछले काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। उनका परिवार कानपुर में है। उनको पहले बुखार की शिकायत हुई तो यहीं पर उपचार कराया था, लेकिन आराम नहीं होने पर वह 31 जुलाई को कार्यालय से अवकाश लेकर कानपुर चले गये थे। कानपुर मेें ही उन्होंने अपना कोविड-19 का टेस्ट कराया था। इसमें वह कोरोना वायरस से संक्रमित पाये गये थे। इसके बाद परिजनों ने उपचार के लिए उनको अस्पताल में भर्ती करा दिया था। सहायक श्रमायुक्त के अनुसार 14 अगस्त को के.के. मिश्रा की उपचार के दौरान ही मौत हो गयी। उनकी मौत से विभाग में शोक का वातावरण है। उन्होंने बताया कि के.के. मिश्रा के कारोना पाॅजीटिव पाये जाने के बाद उन्होंने अपने साथ ही कार्यालय के समस्त अफसरों और कर्मचारियों की कोविड-19 की जांच कराई थी। 10 अगस्त को सैम्पल दिये जाने के बाद रिपोर्ट प्राप्त हुई, इसमें सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। उन्होंने के.के. मिश्रा के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की है। 

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