कलेक्टर लेकर आई मुजफ्फरनगर में यूपी का पहला ओपन कोविड कलेक्शन सेंटर

उत्तर प्रदेश में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए ज्यादा से ज्यादा कोविड टेस्ट कराने के निर्देश दिये तो मुजफ्फरनगर की कलेक्टर सेल्वा कुमारी जेे. ने जिले में यूपी का पहला ओपन कोविड कलेक्शन सेंटर बनवा दिया।

Update: 2020-08-14 10:29 GMT

मुजफ्फरनगर। कोरोना संक्रमण के लिए जिले में लगातार नये रिकार्ड बन रहे हैं। ऐसे में जिला प्रशासन के सामने भी कई चुनौतियां बनी हुई हैं, लेकिन इन चुनौतियों के बीच से ही रास्ता निकालकर जिले को संक्रमण से बचाने के लिए जनपद की कलेक्टर सेल्वा कुमारी जे. लगातार प्रयासों में जुटी हुई हैं। उनके प्रयासों में अब मुजफ्फरनगर जनपद यूपी में ऐसा पहला जिला बन रहा है, जहां पर कोविड-19 टेस्ट के लिए ओपन कलेक्शन सेंटर स्थापित किया गया है। इस सेंटर पर कोई भी आम जन अपना कोविड-19 टेस्ट करा पायेगा, यहां पर रैपिड एंटीजन टेस्ट ;आरएटीद्ध के लिए प्रशिक्षित मेडिकल टीम पूरे संसाधन के साथ उपलब्ध होगी। इससे जनपद में कोविड-19 टेस्ट की संख्या में भी वृ(ि होगी और लोगों को टेस्ट कराने का एक उचित और ओपन प्लेटफार्म भी उपलब्ध होगा। यह ओपन कोविड कलेक्शन सेंटर जिलाधिकारी के विशेष प्रयासों और दूरगामी सोच का ही नतीजा है। 15 अगस्त के बाद इस सेंटर को शुरू करा दिया जायेगा।


वेस्ट में कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ने के बाद सहारनपुर में समीक्षा करने के लिए पहुंची मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मण्डल के तीनों जनपदों में कोरोना के लिए कोविड-19 टेस्ट की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया था। ऐसे में जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे. ने जिले में एक ओपन कोविड-19 कलेक्शन सेंटर खोलने के निर्देश दिये थे। यह कलेक्टर सेल्वा की कोरोना संक्रमण को रोकने के प्रति दृढ़ता और सक्रियता का ही असर था कि रातोंरात ही यह कलेक्टशन सेंटर स्थापित करा दिया गया। अब इसमें कोई भी व्यक्ति राह चलते हुए खुद जाकर अपना कोरोना टेस्ट करा सकेगा। इसके लिए महावीर चैक को चुना गया है। यहां पर कोविड कलेक्शन सैंटर खोला जा रहा है। इसका स्ट्रक्चर बनकर तैयार हो चुका है। इसमें जिले से कोई भी व्यक्ति आकर बिना किसी चिकित्सीय रैफरेंस के या मेडिकल एडवाइज के भी इस ओपन कोविड कलेक्शन सेंटर पर अपना कोविड-19 का टेस्ट करा पायेगा। यहां पर रैपिड एंटीजन टेस्ट किट के सहारे सैम्पल लेने के बाद कोई भी व्यक्ति अपनी रिपोर्ट पा सकता है। इससे जहां जनपद में कोविड-19 टेस्टिंग की संख्या बढ़ेगी, वहीं जनपद को कोरोना मुक्त बनाने में सफलता भी मिलेगी। 15 अगस्त के बाद इस ओपन कोविड कलेक्शन सेंटर को शुरू करा दिया जायेगा। इस तरह से सार्वजनिक रूप से कोरोना सैंपल की जांच करने वाला यह उत्तर प्रदेश का पहला कलेक्शन सेंटर होगा। अभी तक जनपद मुजफ्फरनगर के साथ ही उत्तर प्रदेश के अन्य जनपदों में सरकारी अस्पतालों में या मोबाइल मेडिकल यूनिट की टीमों द्वारा कैंप लगाकर कोविड-19 की जांच की जा रही है। इससे कोविड-19 की टेस्टिंग में एक ही स्थान पर ज्यादा भीड़ होने और संख्या में कोई इजाफा नहीं होने के कारण संक्रमण लगातार फैल रहा है। वेस्ट यूपी की बात करे तो सहारनपुर मण्डल के तीनों जनपदों में ही संक्रमण की स्थित खतरनाक हो रही है।


जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे. ने सहारनपुर में मुख्यमंत्री की बैठक के बाद कोरोना की जांच बढ़ाने के लिए इस तरह के सार्वजनिक कोरोना जांच केंद्र को खोलने के लिए निर्देश दिए थे। इस ओपन कोविड कलेक्शन सेंटर को लेकर काम कर रहे अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमित सिंह ने बताया कि डीएम के दिशा-निर्देश के बाद महावीर चैक का चयन इसके लिए किया गया। यहां पर स्थान ज्यादा होने के कारण इस केंद्र को बनाने से यातायात में बाधा भी नहीं आएगी और इस चैक पर पूरे जनपद से लोगों का आवागमन भी बना रहता है। यही कारण है कि आम आदमी की कोरोना की रैपिड जांच कराने के लिए इस स्थान पर जांच सैंटर बनाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए स्ट्रक्चर खड़ा कर दिया गया है, इमसें दो कक्ष होंगे, पहले कक्ष में मेडिकल टीम बैठेगी। टीम और व्यक्ति के बीच में शीशे होगा, इसमें बने स्पेस से शीशे के पार खडे व्यक्ति का मेडिकल टीम द्वारा स्वैब सैंपल लिया जायेगा। दूसरे कक्ष में टीम के सदस्य रैपिड एंटीजन टेस्ट करेंगे। इस तरह से जिले का कोई भी व्यक्ति यहां पर आकर अपना कोरोना सैंपल देकर जांच करा सकता है। दो दिनों में इस कोविड -19 कलेक्शन सेंटर को शुरू करा दिया जायेगा। इसका विधिवत शुभारंभ जिलाधिकारी द्वारा किया जायेगा। वह बताते हैं कि इस तरह से अस्पताल के बाहर केवल कोरोना जांच के लिए यह अपने आप में प्रदेश में पहला केन्द्र है। यहां पर लोगों को कोरोना संबंधी जानकारी भी दी जाएगी। जो सैंपल देंगे उनका पूरा डाटा भी रखा जाएगा। बात दें कि अभी तक जनपद में जिला चिकित्सालय पुरुष में कोरोना जांच के लिए एक कोविड कलेक्शन सेंटर बनाया गया है। यहां पर प्रतिदिन सैंकड़ों लोगों की भीड़ सैम्पल देने के लिए जुट जाती है। वहीं जिला महिला अस्पताल में ट्रू नेट मशीन के सहारे आकस्मिक कोरोना जांच की जा रही है। जबकि मोबाइल मेडिकल यूनिट के शिविर प्रतिदिन लगाये जा रहे है। सीएम योगी ने सहारनपुर समीक्षा बैठक में मुजफ्फरनगर में प्रतिदिन एक हजार कोविड-19 टेस्ट की व्यवस्था के आदेश दिये थे।

कोरोना फ्रंटलाइन वर्कर्स की प्रेरणा बनीं आईपीएस सेल्वा कुमारी जे.

मुजफ्फरनगर जनपद में कलेक्टर के पद पर एक साल का कार्यकाल पूर्ण कर चुकी 2006 बैच की आईएएस सेल्वा कुमारी जयाराजन आज कोरोना संकट काल में इस महामारी से निपटने के लिए लड़ रहे फ्रंटलाइन वर्कर्स की प्रेरणा बनकर सामने आई हैं। एक बार जनपद को कोरोना मुक्त कर चुकी डीएम साहिबा अब फिर से कोरोना के बढ़ते संक्रमण को पराजित करने के लिए नये आत्मविश्वास के साथ फील्ड में नजर आती हैं। वैसे तो मुजफ्फरनगर में उनका कार्यकाल चुनौतीपूर्ण रहा है। यहां 12 जुलाई को कार्यभार ग्रहण करने वाली सेल्वा कुमारी जे. के सामने पहले ही दिन कांवड यात्रा की चुनौती थी। जिले में चार्ज संभालने से पहले ही उन्होंने कावंड यात्रा मार्ग का निरीक्षण कर व्यवस्था को परखने का काम किया और फिर कलेक्ट्रेट पहुंचकर कुर्सी संभाली थी। इसके बाद भी अनेक चुनौतियां उनके सामने आई, लेकिन उन्होंने दृढ़ता से उनको स्वीकार करते हुए जनता के बीच एक निडर और साहसिक महिला अफसर की छवि बनाने का काम किया।


नौकरशाही में आईएएस सेल्वा कुमारी जयाराजन की पहचान एक बेहद संवेदनशील, ईमानदार, समझदार और लगनशील अधिकारी के रूप में की जाती है। पब्लिक पाॅलिसी की मास्टर आईएएस सेल्वा कुमारी की कार्यप्रणाली में जनहित सर्वोपरि रहा है। उन्होंने इसके लिए कई बड़े पुरस्कार जीते हैं। उन्हें एलबीएसएनएए में द्वितीय चरण के दौरान ग्रामीण अध्ययन के लिए रजत पदक, तीसरे चरण में सर्वश्रेष्ठ केस स्टडी के लिए अवार्ड, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा महिला कल्याण के साथ साथ स्वास्थ्य और स्वच्छता अभियानों में अग्रणी कार्य करने के लिए नारी शक्ति पुरस्कार, निकायों और उद्योग विभाग के विभिन्न पुरस्कारों सहित ट्रस्ट आधारित बिलिंग के लिए अवार्ड, क्लाउड आधारित शहरी बिलिंग और केस्को कानपुर के प्रमुख के रूप में नवाचारों के लिए भारत सरकार द्वारा विशेष अवार्ड से पुरस्कृत किया जा चुका है।

कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान लागू लाॅक डाउन में डीएम सेल्वा कुमारी बेहद सक्रिय रही। उनकी सक्रियता के कारण ही कोरोना काल में पूरा प्रशासनिक अमला अलर्ट नजर आता है। उन्होंने जनपद के हर क्षेत्र में जबरदस्त भ्रमण किये। छोटे से छोटे बिन्दु पर नजर रखी। लाॅक डाउन में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाये रखा। महिला चिकित्सालय में गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी की व्यवस्था पर जोर दिया और 20 दिनों में 350 से ज्यादा नाॅर्मल तथा करीब 150 सीजेरियन डिलीवरी कराई। वह पूरी तरह से एक कोरोना फाइटर बनकर फ्रंटलाइन वर्कर्स को दिन रात काम करने के लिए प्रेरित करती रही और आज भी वह जनपद को कोरोना मुक्त बनाने के लिए 24 घंटे सक्रिय नजर आती हैं। 

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