भाकियू ने अब फिर मुजफ्फरनगर में बुलाई किसान पंचायत

भारतीय किसान यूनियन ने किसानों की समस्याओं और गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर मुजफ्फरनगर में पंचायत का ऐलान कर दिया है। इसके लिए प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। भाकियू ने किसानों से भारी संख्या में पहुंचने की अपील की है।

Update: 2021-03-03 14:01 GMT

मुजफ्फरनगर। केन्द्र सरकार के खिलाफ किसान के हितों के विपरीत कार्य का आरोप लगाकर दिल्ली बार्डर से देशव्यापी किसान आंदोलन में मुख्य भूमिका निभा रही भारतीय किसान यूनियन ने अब मुजफ्फरनगर में फिर किसान पंचायत बुलाई है। इस पंचायत में किसानों के मुद्दों पर चर्चा करते हुए जिला प्रशासन के खिलाफ आंदोलन की रणनीति बनाई जा सकती है। भाकियू के ऐलान के साथ ही जिला प्रशासन ने भी सभी थानों को अलर्ट कर दिया है। रात से ही प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भाकियू नेताओं को मनाने में भी जुट गये थे।

बता दें कि दिल्ली हिंसा के बाद भारतीय किसान यूनियन ने तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन को राष्ट्रव्यापी बनाने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा के साथ मिलकर बड़ी मुहिम छेड़ रखी है। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौ. राकेश टिकैत 24 मार्च तक देश भर में किसान महापंचायत का ऐलान कर चुके हैं। तेलंगाना और कर्नाटक में भी इनकी महापंचायत तय हो चुकी हैं। ऐसे में किसान आंदोलन लगातार जोर पकड़ रहा है, वहीं इस आंदोलन को मुजफ्फरनगर की महापंचायत से हवा देने वाली भाकियू ने अब फिर से मुजफ्फरनगर में किसान समस्याओं को लेकर पंचायत बुलाई है। भाकियू के इस ऐलान से एक बार फिर से जिला प्रशासन की नींद उड़ चुकी है। भाकियू ने कल 4 मार्च को मुजफ्फरनगर में किसान पंचायत का ऐलान किया है।

इस संबंध में भाकियू के जिलाध्यक्ष धीरज लाटियान ने बताया कि किसानों की समस्याओं को सरकारों को रुख तो बेमाना बना ही हुआ है, जिला स्तर पर भी प्रशासन ने किसानों के हितोें को, उनकी समस्याओं को अनदेखा कर रखा है। मुजफ्फरनगर जनपद में गन्ना किसानों के सामने खेतों में खड़ा गन्ना परेशानी का सबब बन रहा है। उन्होंने कहा कि तितावी शुगर मिल पिछले कई दिनों से गन्ना लेने में असमर्थता जता रहा है। मिल प्रबंधन द्वारा गन्ना खरीद नहीं की जा रही है इसके लिए तरह तरह के बहाने बनाये हैं।

उन्होंने कहा कि मिल प्रबंधन की ओर से कभी चैन खराब होने का बहाना बना दिया जाता है तो कभी कोई अन्य कारण बताकर गन्ना खरीद नहीं की जा रही है। इसके साथ ही अभी तक खरीदे गये गन्ने का भुगतान करने में भी तितावी शुगर मिल पीछे है। उन्होंने इस पर नाराजगी जताते हुएक हा कि भविष्य में किसानों के समक्ष गन्ना सप्लाई का संकट खड़ा होने की संभावना है। यह समस्या किसानों को पूर्व सत्र की भांति जून तक गन्ना खड़ा रहने की समस्या पैदा कर सकता है। इससे किसान चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि इन्हीं समस्याओं को लेकर भाकियू हाईकमान के निेर्दश पर कल 4 मार्च को लालू खेडी बस स्टैण्ड के पासर किसान इंटर काॅलेज में कसिानों की पंचायत बुलाई गई है। इस पंचायत में आगामी संघर्ष का निर्णय लिया जायेगा। यह पंचायत दोपहर बाद दो बजे होगी। 

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